फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Adulteration in Hathras

हाथरस: 136 में से 34 नमूने मिले अधोमानक, 15 असुरक्षित, मुनाफे के लिए जहर परोस रहे मिलावटखोर

Fri, 16 Oct 2026 11:20 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Fri, 16 Oct 2026 11:20 AM IST
सार

मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। मानकों के विपरीत खाद्य सामग्री बेचने वाले कारोबारियों के खिलाफ विभाग द्वारा कुल 42 नए वाद न्यायालय में दर्ज किए गए हैं। इस साल 107 मामलों में न्यायालय ने निर्णय सुनाए हैं, जिसके तहत दोषियों पर कुल 22,15,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

विज्ञापन
Adulteration in Hathras
मिलावट का बाजार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

एक ओर जहां विश्व खाद्य दिवस मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा विभाग के आंकड़े आम आदमी की रसोई और सेहत के साथ किस स्तर पर खिलवाड़ की गवाही दे रहे हैं और यह भी साफ कर रहे हैं मोटे मुनाफे और बेईमानी की कमाई के चक्कर में मिलावटखोर लोगों की थाली में सीधा जहर परोस रहे हैं।

विज्ञापन


मेवा से लेकर मसाले, घी और पनीर तक सबकुछ धड़ल्ले से नकली और मिलावटी बेचा जा रहा है। हाथरस खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में जिलेभर से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता परखने के लिए कुल 136 नमूने लिए थे। जब इनकी प्रयोगशाला में जांच कराई गई, तो चौंकाने वाले परिणाम सामने आए।
विज्ञापन


इनमें से 34 नमूने अधोमानक (सबस्टैंडर्ड) पाए गए, जबकि 14 नमूने सीधे तौर पर असुरक्षित (मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक) घोषित किए गए। इन आंकड़ों से साफ है कि बाजार से खरीदी जाने वाली जरूरी खाद्य सामग्रियों में मिलावट का ग्राफ किस हद तक बढ़ चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कई मिलावटी पदार्थों में ऐसे रसायन, इंडस्ट्रियल डाई, और मेटानिल येलो या लेड क्रोमेट जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाले) होते हैं। इनके लंबे समय तक सेवन से पेट, लीवर और आंतों का कैंसर हो सकता है। हेपेटाइटिस या लीवर व किडनी फेलियर जैसी घातक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।-डाॅ. अवधेश कुमार, फिजिशियन, जिला अस्पताल

मिलावट पर लगातार प्रहार किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग इसकी रोकथाम के लिए संकल्पित है। शासन के निर्देशन के क्रम में लगातार अभियान चलाकर नमूने संकलित किए जा रहे है। मिलावट की आशंका पर लोग स्वयं भी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।-मनोज कुमार सिंह तोमर, सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय

Trending Videos

42 मामलों में वाद दर्ज, 22.15 लाख का जुर्माना
मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। मानकों के विपरीत खाद्य सामग्री बेचने वाले कारोबारियों के खिलाफ विभाग द्वारा कुल 42 नए वाद न्यायालय में दर्ज किए गए हैं। इस साल 107 मामलों में न्यायालय ने निर्णय सुनाए हैं, जिसके तहत दोषियों पर कुल 22,15,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

इस तरह किया जा रहा सेहत से खिलवाड़

  • सूखे मेवे : चमक और वजन बढ़ाने के लिए खतरनाक केमिकल व रंगों का प्रयोग।
  • मसाले व हींग : घटिया रसायनों, स्टार्च और रंग-रोगन की मिलावट।
  • दूध और पनीर : यूरिया, डिटर्जेंट और रिफाइंड ऑयल से तैयार सिंथेटिक पनीर व दूध।
  • देसी घी : वनस्पति और हानिकारक एसेंस के सहारे तैयार नकली घी।


253 कुपोषित बच्चे हुए भर्ती
जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में पिछले एक वर्ष में कुपोषण के शिकार 253 बच्चों को भर्ती कराया गया था। इससे साफ है कि आंगनबाड़ी जैसी योजनाओं के बावजूद बच्चों तक पोषण नहीं पहुंच पा रहा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इस वित्तीय वर्ष में अब तक 47 बच्चे जन्मजात दोष और 2620 बच्चे 4-डी के चिहि़्नत किए गए हैं, जिनमें से 2566 को उपचार दिया जा चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed