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थोक उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ होगी कार्रवाई
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
जिले के कई थोक उर्वरक विक्रेताओं पर जल्द ही कृषि विभाग की ओर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। विभाग की ओर से ऐसे उर्वरक विक्रेताओं को चिह्नित किया जा रहा है, जो उन रिटेल उर्वरक विक्रेताओं को उर्वरक उपलब्ध करा रहे हैं, जिन्होंने कृषि विभाग की ओर से अपने रिटेल स्टॉक का रजिस्टर अभी तक सत्यापित नहीं किया है। वहीं विभाग की ओर से थोक उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कृषि विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2018-19 में उर्वरक विक्रेताओं द्वारा की गई उर्वरकों की खरीद व ब्रिकी का लेखा जोखा मांगा गया था, जिससे उक्त ब्यौरे का मिलान कर सत्यापित किया जा सके। इस ब्यौरे का मिलान पॉस मशीन के माध्यम से भी किया जाना था। ज्यादातर उर्वरक विक्रेताओं ने इस ब्योरे को कृषि विभाग के कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराया। इस संबंध में उर्वरक विक्रेताओं को विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन इन नोटिसों को भी दरकिनार कर दिया गया।
अब विभाग के जरिए उन थोक विक्रेताओं पर कार्रवाई के लिए सूची तैयारी की जा रही है, जो स्टॉक रजिस्टर बिना सत्यापित किए उर्वरकों की ब्रिकी करने वाले विक्रेताओं को उर्वरकों की सप्लाई दे रहे हैं, क्योंकि विगत में ही विभाग की ओर से सभी थोक विक्रेताओं को आदेश जारी कर दिए गए थे कि बिना रजिस्टर के सत्यापन के किसी भी फुटकर विक्रेता को उर्वरकों की सप्लाई न दी जाए। वहीं कई उर्वरक विक्रेता लाइसेंस में दर्ज न होने के बावजूद भी कई कंपनियों के माइक्रोन्यूट्रियंट और जिंक की ब्रिक्री कर रहे हैं, ऐसे उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर दी गई हैं।
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ऐसे थोक विक्रेताओं पर भी कालाबाजारी कराने के तहत कार्रवाई की जाए, जो उन रिटेल उर्वरक विक्रेताओं को उर्वरकों की सप्लाई कर रहे हैं, जिन्होंने अभी तक अपने स्टॉक व अन्य रजिस्टर विभाग से सत्यापित नहीं कराए हैं। ऐसे थोक विक्रेताओं की सूची तैयार की जा रही है। - डिपिन कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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जिले के कई थोक उर्वरक विक्रेताओं पर जल्द ही कृषि विभाग की ओर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। विभाग की ओर से ऐसे उर्वरक विक्रेताओं को चिह्नित किया जा रहा है, जो उन रिटेल उर्वरक विक्रेताओं को उर्वरक उपलब्ध करा रहे हैं, जिन्होंने कृषि विभाग की ओर से अपने रिटेल स्टॉक का रजिस्टर अभी तक सत्यापित नहीं किया है। वहीं विभाग की ओर से थोक उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कृषि विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2018-19 में उर्वरक विक्रेताओं द्वारा की गई उर्वरकों की खरीद व ब्रिकी का लेखा जोखा मांगा गया था, जिससे उक्त ब्यौरे का मिलान कर सत्यापित किया जा सके। इस ब्यौरे का मिलान पॉस मशीन के माध्यम से भी किया जाना था। ज्यादातर उर्वरक विक्रेताओं ने इस ब्योरे को कृषि विभाग के कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराया। इस संबंध में उर्वरक विक्रेताओं को विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन इन नोटिसों को भी दरकिनार कर दिया गया।
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अब विभाग के जरिए उन थोक विक्रेताओं पर कार्रवाई के लिए सूची तैयारी की जा रही है, जो स्टॉक रजिस्टर बिना सत्यापित किए उर्वरकों की ब्रिकी करने वाले विक्रेताओं को उर्वरकों की सप्लाई दे रहे हैं, क्योंकि विगत में ही विभाग की ओर से सभी थोक विक्रेताओं को आदेश जारी कर दिए गए थे कि बिना रजिस्टर के सत्यापन के किसी भी फुटकर विक्रेता को उर्वरकों की सप्लाई न दी जाए। वहीं कई उर्वरक विक्रेता लाइसेंस में दर्ज न होने के बावजूद भी कई कंपनियों के माइक्रोन्यूट्रियंट और जिंक की ब्रिक्री कर रहे हैं, ऐसे उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर दी गई हैं।
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ऐसे थोक विक्रेताओं पर भी कालाबाजारी कराने के तहत कार्रवाई की जाए, जो उन रिटेल उर्वरक विक्रेताओं को उर्वरकों की सप्लाई कर रहे हैं, जिन्होंने अभी तक अपने स्टॉक व अन्य रजिस्टर विभाग से सत्यापित नहीं कराए हैं। ऐसे थोक विक्रेताओं की सूची तैयार की जा रही है। - डिपिन कुमार, जिला कृषि अधिकारी