{"_id":"6a968fa3aa8db7d404090379","slug":"acid-attack-convicts-sentenced-to-10-years-rigorous-imprisonment-for-two-brothers-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस: सात साल पुराने मामले में आया फैसला, तेजाब हमले के दोषी सगे भाइयों को 10-10 साल सश्रम की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस: सात साल पुराने मामले में आया फैसला, तेजाब हमले के दोषी सगे भाइयों को 10-10 साल सश्रम की सजा
Tue, 01 Sep 2026 02:11 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Tue, 01 Sep 2026 02:11 PM IST
सार
पीड़िता नगीना पर पड़ोस में रहने वाले युवकों ने तेजाब से हमला कर दिया था। पीड़िता के पति हरी सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि आरोपी डंपी उनकी पत्नी पर बुरी नजर रखता है। विरोध करने और परिजन से शिकायत करने की रंजिश में आरोपियों ने उनकी पत्नी को सीढ़ी पर अकेला पाकर घेर लिया और तेजाब फेंक दिया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई।
विज्ञापन
कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाथरस एडीजे विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) हर्ष अग्रवाल की अदालत ने वर्ष 2019 के एक चर्चित तेजाब हमले के मामले में फैसला सुनाते हुए मुख्य दोषी दो सगे भाइयों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अन्य दो दोषियों को परिवीक्षा पर रिहा करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
मामला 4 मई 2019 की शाम का है। हाथरस कोतवाली क्षेत्र में कांशीराम कॉलोनी निवासी पीड़िता नगीना पर पड़ोस में रहने वाले युवकों ने तेजाब से हमला कर दिया था। पीड़िता के पति हरी सिंह ने डंपी, अडवानी, अंकित व इनके पिता टीटी व मां शीला के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि आरोपी डंपी उनकी पत्नी पर बुरी नजर रखता है।
विज्ञापन
विरोध करने और परिजन से शिकायत करने की रंजिश में आरोपियों ने उनकी पत्नी को सीढ़ी पर अकेला पाकर घेर लिया और तेजाब फेंक दिया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट ने कोर्ट ने डंपी व अडवानी उर्फ सत्यम के खिलाफ तेजाब हमले, पीटने व धमकाने की धाराओं में विचारण शुरू किया जबकि अंकित व शीला पर केवल धमकाने व गाली-गलौज में आरोप तय हुए।
विज्ञापन
अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट (जिसमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड की पुष्टि हुई) और पीड़िता के बयानों को आधार मानते हुए डंपी व उसके भाई अडवानी उर्फ सत्यम को तेजाब हमले का दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा, धारा 504 और 506 के तहत भी एक-एक वर्ष के कारावास की सजा दी है। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
दोषियों के भाई अंकित और मां शीला को धारा 504 और 506 में दोषी पाया, लेकिन उनकी उम्र और पारिवारिक स्थिति को देखते हुए छह माह की परिवीक्षा पर सदाचार बनाए रखने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। वसूले गए कुल अर्थदंड में से 10 हजार रुपये की धनराशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।