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Hathras News: दो महीने की दोस्ती, दो मिनट की कहासुनी में सब खत्म
Sun, 05 Apr 2026 02:37 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 05 Apr 2026 02:37 AM IST
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इसी चैंबर में मिला आरटीआई कार्यकर्ता का शव। संवाद
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अधिवक्ता व आरटीआई कार्यकर्ता अनुराग ज्योति की दोस्ती दो महीने पहले शेल्टर होम से हुई थी। पत्नी व बच्चे से अलग होने के कारण अनुराग वहां जीवन व्यतीत कर रहे थे। अधिवक्ता भी पत्नी से विवाद के चलते कुछ दिन उसी शेल्टर होम में रहे थे। दोनों की पीड़ा व आदतें एक होने के कारण दोस्ती हो गई। दोनों शुक्रवार की रात साथ बैठे थे, लेकिन दो मिनट की कहासुनी ने सबकुछ खत्म कर दिया।
अनुराग ज्योति के करीबी दिनेश श्रोती ने बताया कि उनके पिता रेलवे में गार्ड थे तथा मां स्कूल में शिक्षिका के पद से सेवानिवृत्त थीं। शादी भी अच्छी जगह से हुई थी, लेकिन शराब की लत के कारण परिवार बिखर गया। वर्ष 2014 के करीब पत्नी बेटे को लेकर अलग हो गईं। बाद में उन्होंने तलाक भी ले लिया।
इधर अनुराग ने त्रिवेदी नगर वाला मकान भी बेच दिया। कई सालों तक किराए पर रहे। जब किराया नहीं निकला तो शेल्टर होम में रहने लगे। रात का खाना दिनेश तो दोपहर का खाना दूसरे मित्र के यहां से आता था। अनुराग की पत्नी डॉ. विभा दिल्ली में दिलशाद गार्डन स्थित अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि बेटा कबीर मुंबई में मल्टी नेशनल कंपनी में कार्य कर रहा है।
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पुलिस ने बताया कि दो महीने पहले शराब की लत के कारण अधिवक्ता का भी पत्नी से विवाद हो गया था, जिस कारण वह मायके चली गई थीं। रिश्तेदारों ने एहतियातन उनके घर पर ताला लगा दिया। इस कारण कुछ दिन अधिवक्ता शेल्टर होम में भी रहे थे। यहीं से दोनों का उठना बैठना शुरू हो गया। रात लगभग आठ बजे अनुराग अपने मित्र दिनेश श्रोती से मिले थे तथा दुकान से खाना लेकर शेल्टर होम चले गए थे। वहां से तरुण के साथ उनके घर चले गए और घटना हो गई।
पूर्व चेयरमेन को रातभर फोन मिलाते रहे अधिवक्ता
रात लगभग एक बजे अधिवक्ता ने अपने मामा पूर्व चेयरमेन गिर्राज किशोर शर्मा को फोन मिलाया था। उन्होंने कई फोन मिलाए थे, लेकिन तब वे सो रहे थे। सुबह भी फोन किया। गिर्राज किशोर ने फोन उठाया तो उसने घटना की जानकारी दी। वीडियो कॉल पर कमरे की स्थिति देख आनन-फानन उन्होंने अधिवक्ता के चाचा को सूचना दी। सूचना पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने पाया कि अधिवक्ता ने पत्नी व बच्चों को अंदर बंद कर दिया था तथा बाहर से ताला लगा दिया था।
18 साल पहले तिहरे हत्याकांड में सामने आया था नाम
लगभग 18 साल पहले अलीगढ़ रोड स्थित नवग्रह गेस्ट हाउस में हुए गोली कांड में तीन लोगों की मौत हो गई थी। एक शादी समारोह में यह घटना हुई थी। मामले में अधिवक्ता के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें उन्हें जेल जाना पड़ा था। मामला न्यायालय में पहुंचा। गवाह व अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया था। शनिवार को हुए घटनाक्रम के बाद शहर में उस मामले की भी चर्चा रही।
बेटे ने आने तक रोका पोस्टमार्टम
कोतवाली हाथरस गेट पुलिस अपनी ओर से पोस्टमार्टम की तैयारी कर रही थी, लेकिन बेटे कबीर ने आने तक पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया। भले ही अलग रह रहा था, लेकिन पिता को लेकर भावुक था तथा उन्हें आखिरी बार देखना चाहता था। शनिवार शाम चार बजे उसने मुंबई से फ्लाइट पकड़ी। वह देर रात हाथरस पहुंचा। पुलिस व अनुराग के करीबियों के अनुसार पत्नी ने आने से इन्कार कर दिया।
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अनुराग ज्योति के करीबी दिनेश श्रोती ने बताया कि उनके पिता रेलवे में गार्ड थे तथा मां स्कूल में शिक्षिका के पद से सेवानिवृत्त थीं। शादी भी अच्छी जगह से हुई थी, लेकिन शराब की लत के कारण परिवार बिखर गया। वर्ष 2014 के करीब पत्नी बेटे को लेकर अलग हो गईं। बाद में उन्होंने तलाक भी ले लिया।
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इधर अनुराग ने त्रिवेदी नगर वाला मकान भी बेच दिया। कई सालों तक किराए पर रहे। जब किराया नहीं निकला तो शेल्टर होम में रहने लगे। रात का खाना दिनेश तो दोपहर का खाना दूसरे मित्र के यहां से आता था। अनुराग की पत्नी डॉ. विभा दिल्ली में दिलशाद गार्डन स्थित अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि बेटा कबीर मुंबई में मल्टी नेशनल कंपनी में कार्य कर रहा है।
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पुलिस ने बताया कि दो महीने पहले शराब की लत के कारण अधिवक्ता का भी पत्नी से विवाद हो गया था, जिस कारण वह मायके चली गई थीं। रिश्तेदारों ने एहतियातन उनके घर पर ताला लगा दिया। इस कारण कुछ दिन अधिवक्ता शेल्टर होम में भी रहे थे। यहीं से दोनों का उठना बैठना शुरू हो गया। रात लगभग आठ बजे अनुराग अपने मित्र दिनेश श्रोती से मिले थे तथा दुकान से खाना लेकर शेल्टर होम चले गए थे। वहां से तरुण के साथ उनके घर चले गए और घटना हो गई।
पूर्व चेयरमेन को रातभर फोन मिलाते रहे अधिवक्ता
रात लगभग एक बजे अधिवक्ता ने अपने मामा पूर्व चेयरमेन गिर्राज किशोर शर्मा को फोन मिलाया था। उन्होंने कई फोन मिलाए थे, लेकिन तब वे सो रहे थे। सुबह भी फोन किया। गिर्राज किशोर ने फोन उठाया तो उसने घटना की जानकारी दी। वीडियो कॉल पर कमरे की स्थिति देख आनन-फानन उन्होंने अधिवक्ता के चाचा को सूचना दी। सूचना पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने पाया कि अधिवक्ता ने पत्नी व बच्चों को अंदर बंद कर दिया था तथा बाहर से ताला लगा दिया था।
18 साल पहले तिहरे हत्याकांड में सामने आया था नाम
लगभग 18 साल पहले अलीगढ़ रोड स्थित नवग्रह गेस्ट हाउस में हुए गोली कांड में तीन लोगों की मौत हो गई थी। एक शादी समारोह में यह घटना हुई थी। मामले में अधिवक्ता के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें उन्हें जेल जाना पड़ा था। मामला न्यायालय में पहुंचा। गवाह व अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया था। शनिवार को हुए घटनाक्रम के बाद शहर में उस मामले की भी चर्चा रही।
बेटे ने आने तक रोका पोस्टमार्टम
कोतवाली हाथरस गेट पुलिस अपनी ओर से पोस्टमार्टम की तैयारी कर रही थी, लेकिन बेटे कबीर ने आने तक पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया। भले ही अलग रह रहा था, लेकिन पिता को लेकर भावुक था तथा उन्हें आखिरी बार देखना चाहता था। शनिवार शाम चार बजे उसने मुंबई से फ्लाइट पकड़ी। वह देर रात हाथरस पहुंचा। पुलिस व अनुराग के करीबियों के अनुसार पत्नी ने आने से इन्कार कर दिया।

इसी चैंबर में मिला आरटीआई कार्यकर्ता का शव। संवाद