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Hathras: एसडीएम की मौजूदगी में भिड़े दो पक्ष, तभी किसान को पड़ा दिल का दौरा, हुई मौत, छह के खिलाफ रिपोर्ट
Sat, 17 May 2025 09:36 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 17 May 2025 09:36 PM IST
सार
जमीन से रास्ता निकालने को लेकर दो पक्षों में लड़ाई हो गई। इसी बीच एक किसान को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। वहां से सीएचसी, फिर अलीगढ़ से आगरा रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान किसान की मौत हो गई।
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मृतक किसान ओमवीर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव भुर्रका में 16 मई की दोपहर रास्ते के विवाद की जांच करने पहुंचे एसडीएम के सामने ही दो पक्ष भिड़ गए और इनके बीच कहासुनी व नोकझोंक होने लगी। इस दौरान एक किसान ओमवीर सिंह (60) को दिल का दौरा पड़ गया। 17 मई को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के पुत्र यशवीर सिंह ने सिकंदराराऊ कोतवाली में गांव के ही कोमल सिंह पुत्र नवाब सिंह, उसके पुत्र जितेंद्र सिंह, रजनीश, उसके पिता रामप्रकाश, रामप्रकाश के भाई विनोद कुमार और एक अन्य के खिलाफ जमीन पर कब्जा और बलवा करने की कोशिश करने, जान से मारने की धमकी देने आदि की धाराओं में मामला दर्ज कराया है।
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ओमवीर सिंह ने गांव के ही एक व्यक्ति से जमीन खरीदी थी। कुछ समय से गांव के लोग इस जमीन से रास्ता निकालना चाह रहे थे। इसे लेकर कई बार विवाद भी हुआ था। इस मामले में एसडीएम से शिकायत भी की गई, जिसकी जांच करने 16 मई को एसडीएम गांव में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने चकबंदी के लेखपाल को भी मौके पर बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। हल्का लेखपाल ने अभिलेख देखकर बताया कि यहां कोई रास्ता नहीं है।
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इस बात पर किसानों में आपस में कहासुनी होने लगी। इस दौरान ओमवीर सिंह को सीने में तेज दर्द उठा और उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां उन्हें दिल का दौरा पड़ने की बात सामने आई। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। अलीगढ़ से उन्हें रात में ही आगरा रेफर कर दिया गया। आगरा में 17 मई की सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। एसडीएम धर्मेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि वह मामले की जांच के लिए गांव में गए थे, लेकिन चकबंदी विभाग के लेखपाल के न आने से जांच नहीं हो पाई। हल्का लेखपाल ने बताया कि रास्ता रिकॉर्ड में नहीं है। इसके बाद वह वापस चले आए थे।