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तीन दर्जन मानव रहित क्रॉसिंग होंगे बंद
Hathras
Updated Thu, 30 Oct 2014 05:30 AM IST
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हाथरस। पूर्वोत्तर रेलवे के ट्रैक पर अब ट्रेनों की स्पीड नियंत्रित की जाएगी। इसके लिए रेलवे ने मथुरा और कासगंज के बीच सभी रेलवे क्रॉसिंगों को मानव सहित करने का निर्णय लिया है। जिन क्रॉसिंगों पर ट्रैफिक कम होगा, उनको बंद किया जाएगा। इसके साथ ही इन क्रॉसिंग से गुजरने वाले वाहनों को एप्रोच रोड के माध्यम से पास की रेलवे क्रॉसिंग से जोड़ा जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे के कासगंज से मथुरा तक के ट्रैक को मीटर गेज से ब्रॉडगेज तो कई वर्ष पूर्व किया जा चुका है, जिससे इस ट्रैक पर अधिक ट्रेनों का संचालन कर ट्रैक से जुटे स्टेशनों से अधिक से अधिक यात्रियों को यात्री सुविधा प्रदान की जा सके, किंतु इस ट्रैक पर मीटर गेज के समय में संचालित रेलवे क्रॉसिंग में से अधिकांश को ज्यों का त्यो चालू रखा गया है। इस समस्या के कारण मीटर गेज पर संचालित ट्रेनों की न्यूनतम स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से भी ट्रेनें नहीं चल पा रहीं। इसी समस्या के कारण रेलवे इस ट्रैक पर अधिक एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन कराने का जोखिम नहीं उठाना चाह रहा है। अब रेलवे ने इस समस्या से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत ट्रैक पर मथुरा से कासगंज के बीच करीब तीन दर्जन रेलवे क्रॉसिंग को बंद करने की योजना है। इनके बंद होने से चालक को फाटक से गुजरते वक्त बार-बार ट्रेन की स्पीड कम करने और सीटी बजाने की समस्या से नहीं जूझना पडे़गा। जिससे ट्रेनों को 90 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलाया जा सकेगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद कासगंज से मथुरा के बीच का सफर जो ट्रेनें करीब दो घंटे में पूरा करती है, उन्हें अब इस दूरी को तय करने में महज डेढ़ घंटा ही लगेगा।हाथरस। कासगंज-मथुरा ट्रैक के ब्रॉडगेज होने के बाद लगातार जनता द्वारा इस ट्रैक पर एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की मांग की जा रही है, जिससे हाथरस के लोगों को अन्य शहरों से जोड़ते हुए यहां से कुछ अधिक और एक्सप्रेस ट्रेनों का लाभ मिल सके, लेकिन रेलवे प्रशासन ट्रैक पर मानकों के अनुसार अधिक स्पीड की एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन कराकर दुर्घटना आदि का जोखिम उठाना ही नहीं चाहता है। इसके चलते पिछले कई रेल बजट में इस ट्रैक पर कोई उल्लेखनीय एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन नहीं हो सका है।हाथरस। इस ट्रैक पर जहां भी फाटक बंद करने के रेलवे प्रशासन प्रयास करता है। उसका हर स्तर पर विरोध शुरू हो जाता है। इस कारण रेलवे के अधिकारी भी इस संबंध में किसी भी प्रकार का बयान देने से लगातार बचते हैं, जिससे फाटक को बंद करने की तैयारियों से पहले ही विरोध प्रदर्शन शुरू नहीं हो सकें।
रेलवे क्रॉसिंग को बंद करने से पूर्व जनता की सुविधा को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों पर एप्रोच रोड बनवा रहा है। एप्रोच रोड का काम पूरा होने और अन्य जनसुविधाएं व्यवस्थित होने के बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
केपी सिंह, पीडब्ल्यूआई हाथरस सिटी
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रेलवे क्रॉसिंग को बंद करने से पूर्व जनता की सुविधा को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों पर एप्रोच रोड बनवा रहा है। एप्रोच रोड का काम पूरा होने और अन्य जनसुविधाएं व्यवस्थित होने के बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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केपी सिंह, पीडब्ल्यूआई हाथरस सिटी