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लिंग परीक्षण और गर्भपात के लिए सेफ जोन बना हाथरस

Wed, 14 Jun 2017 12:35 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस। Updated Wed, 14 Jun 2017 12:35 AM IST
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Sex Determination in Hathras
हाथरस शहर लिंग परीक्षण और गर्भपात कराने वालों के लिए सेफ जोन बन गया है। यूपी में लिंगानुपात में पिछड़े टॉप दस जिलों में शामिल होने के बावजूद यहां अल्ट्रासाउंड सेंटरों में धड़ल्ले से लिंग परीक्षण और कोख में कत्ल का कारोबार चल रहा है। आसपास जिलों से यहां गर्भवती महिलाओं को दलालों के जरिए यहां लाया जाता है, और उनका अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है।
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यही नहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनदेखी और पुलिस की लचर कार्रवाई के कारण हाथरस में राजस्थान और मध्यप्रदेश से भी गर्भवती महिलाओं को लाया जा रहा है और मानवता के दुश्मन बने कुछ डॉक्टर रुपयों के लालच में कोख में ही देश की भावी पीढ़ी का कत्ल करने में जुट हुए हैं। दूसरे राज्यों से महिलाओं को यहां लाकर उनका गर्भपात कराने का कारोबार जोर पकड़ता जा रहा है। राजस्थान में भ्रूण हत्या रोकने को बनी पीसीपीएनडीटी सेल काफी सक्रिय है और हाथरस जैसे कई जिलों में वह स्टिंग ऑपरेशन कर गोरखधंधे में जुटे डॉक्टरों को सबक सिखा रही है।
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स्टिंग ऑपरेशन में फंसी दलाल आशा कार्यकर्ता व डॉक्टर
हाथरस। सोमवार रात राजस्थान के भरतपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग के स्टिंग ऑपरेशन में शहर का एक डॉक्टर और दलाल आशा कार्यकत्री फंस गए। टीम ने दलाल को लिंग परीक्षण कराने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मंगलवार को भरतपुर बुलाकर डॉक्टर के बयान दर्ज किए गए। इस कार्रवाई से शहर के दूसरे डॉक्टरों में हड़कंप मचा है।
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भरतपुर जिले की पीसीपीएनडीटी सेल को शिकायत मिली थी कि उनके जिले में लिंग परीक्षण कराने वाले कई दलाल सक्रिय हैं। राजस्थान पुलिस को पता चला था कि हाथरस के डॉ. पंकज शर्मा के नर्सिंग होम में लिंग परीक्षण का काला कारोबार चल रहा है। इस पर टीम ने स्टिंग ऑपरेशन के लिए जाल फैलाया। भरतपुर की गर्भवती महिला को स्टिंग के लिए तैयार किया गया। हाथरस की सीकनापान गली निवासी आश कार्यकर्ता मंजू पत्नी कुलदीप महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग परीक्षण कराने को तैयार हो गई। वह भरतपुर के सारस चौराहे से महिला को लेकर हाथरस पहुंची और यहां डॉ. पंकज शर्मा के क्लीनिक पर ले गई। अल्ट्रासाउंड के बाद मंजू ने महिला से साढ़े दस हजार रुपये ले लिए और भ्रूण का लिंग बता दिया। रुपये लेने पर पीसीपीएनडीटी सेल ने उसे दबोच लिया। इसके बाद डॉक्टर से भी पूछताछ की गई। डॉक्टर ने फीस के 400 रुपये लेने की बात कही। उन्होंने लिंग परीक्षण की बात से इंकार किया। पुलिस आरोपी महिला को अपने साथ ले गई और उसके विरुद्ध पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं डॉक्टर को इस मामले में गवाह बनाया गया है। मंगलवार को उनके भरतपुर में बयान दर्ज किए गए। डॉक्टर पंकज शर्मा का कहना है कि वह बेकसूर हैं।


अभी तक एक स्टिंग नहीं कर सके अधिकारी
हाथरस। राजस्थान में भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने को सरकार की सख्ती देखते ही बनती है। वहां कार्यरत पीसीपीएनडीटी (प्री कंसेप्शन प्री नेटल डायगभनोस्टिक टेकभनीक्स) सेल की कार्रवाई के कारण ही वहां की महिलाओं को दलाल यहां लाकर भ्रूण हत्या को अंजाम दे रही हैं। इस पर भी सेल की नजर है और वहां से यहां आकर सेल के अधिकारी स्टिंग ऑपरेशन कर रहे हैं। आपको बता दें कि पिछले दस साल से हाथरस में भ्रूण हत्याओं रोकने के लिए हर महीने पीसीपीएनडीटी की बैठक होती है। इसमें शहर के कई नामी डॉक्टर और सीएमओ भी खुद शामिल हैं। हर बार स्टिंग ऑपरेशन कर लिंग परीक्षण और भ्रूण हत्या रोकने की कार्रवाई करने की हवाई बातें कही जाती हैं, लेकिन बीते दस सालों में कमेटी एक भी स्टिंग ऑपरेशन नहीं कर सकी है। अधिकारियों की मनमानी और अनदेखी के कारण ही हाथरस सबसे कम लिंगानुपात वाले प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल है।
 
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