फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   86 lakh rupees were distributed for building houses, but houses were not found on the spot.

Hathras News: घर बनाने के लिए बांट दिए 86 लाख, मौके पर ढूंढे नहीं मिल रहे मकान

Thu, 04 Dec 2025 01:55 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Dec 2025 01:55 AM IST
विज्ञापन
86 lakh rupees were distributed for building houses, but houses were not found on the spot.
पीएम आवास योजना शहरी में 86 लाख रुपये का बड़ा घोटाला सामने आया है। फर्जी लाभार्थियों ने योजना की दो किस्तें तो लीं, लेकिन मकान नहीं बनाए। कई लोग ऐसे मिले जो दर्ज पते पर रहते ही नहीं, कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने किसी ने किसी और के प्लॉट को अपना बताकर घर बनाने के लिए मिली रकम डकार ली और भाग गए। हाथरस पालिका क्षेत्र में 75 लाभार्थियों का सत्यापन किया जा रहा है।
विज्ञापन


इस मामले में बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर बिना मौके का सत्यापन किए, कैसे दो किस्त जारी कर दी गई। नियम यह है कि पहले चरण का निर्माण पूरा होने के सत्यापन के बाद ही दूसरी किस्त जारी की जाती है।
विज्ञापन

डूडा से मिली जानकारी के अनुसार इस योजना में 2017-2018 और 2019 में 292 लाभार्थियों का चयन किया गया था। इनमें से 75 लाभार्थी नगर पालिका परिषद हाथरस क्षेत्र के थे, जिन्हें 2020 -2021 में मकान बनाने के लिए किस्त जारी की गई। लाभार्थियों को शुरू में 50-50 हजार रुपये कार्य शुरू करने के लिए दिए गए, लेकिन अधिकतर ने काम शुरू नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद भी साल2021 में 1.50 लाख रुपये दूसरी किस्त 28 लाभार्थियों को जारी कर दी गई। छह लाभार्थियों को दूसरी किस्त में 1,13,200 रुपये मिले।
कुल 86 लाख 29 हजार 200 रुपये अब तक योजना में हाथरस नगर पालिका क्षेत्र में जारी किए गए। इसके बाद गड़बड़ी की आशंका के चलते तीसरी किस्त रोक दी गई। शासन से भी दबाव बना तो लाभार्थियों का सत्यापन शुरू कराया गया। नगर पालिका ने 11 टैक्स कलेक्टरों इसकी जांच के लिए लगाया है।





--

केस-एक

लाभार्थी कांता पत्नी रमेश निवासी सीयल खेड़ा के नाम से आवास के लिए आवेदन किया गया था। इन्हें 20जनवरी 2020 को पचास हजार रुपये की पहली किस्त दी गई। जून 2021 में लिंटर लेवल तक काम होने पर डेढ़ लाख की दूसरी किस्त जारी कर दी गई, लेकिन इसके बाद काम नहीं हुआ। पालिका के टीम को मौके पर मकान की जगह खंडहर मिला। परिवार के लोगों ने बताया कि छह महीने पहले लाभार्थी की मृत्यु हो चुकी है और रुपया उनकी बीमारी में खर्च हो गया।

केस-दो

मोहल्ला सिद्धार्थ नगर में लाभार्थी निर्मला देवी पत्नी गौरीशंकर अपने पते पर ही नहीं मिले। वहां एक प्लॉट था, जो आस-पड़ोसियों ने बताया कि वह उनका है ही नहीं। डूडा मार्च 2020 को 50,000 की पहली किस्त व जनवरी 2021 में 1.5 लाख रुपये की दूसरी किस्त भी दे चुका है। लाभार्थी व चिह्नित जगह पर मकान नहीं मिला।

केस-तीन

सत्यापन में पता चला कि रमनपुर की लाभार्थी सुमन पत्नी भूरी सिंह की भी मृत्यु हो चुकी है। दर्ज पते न तो प्लॉट मिला और न ही कोई तैयार मकान। परिवार के लोग मिले, जिन्होंने बताया कि उनके उपचार में सारी रकम खर्च हो गई। हैरानी की बात है कि पहली किस्त के बाद डूडा ने 15 जून 2020 को दूसरी किस्त भी जारी कर दी।

केस-चार

मोहल्ला श्रीनगर की आशा शर्मा पत्नी नत्थी शर्मा ने आवेदन किया। इन्हें पहली किस्त दे दी गई, लेकिन उनके द्वारा कोई निर्माण नहीं किया गया। टीसी जब सर्वे करने पहुंचे तो कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिला। यहां मकान बना हुआ था, उसके आगे खाली जगह पर टीन डली हुई थी।

केस-पांच

मोहल्ला रमनपुर की लाभार्थी मिथलेश पत्नी छीतरमल का मकान जांच में मिल गया, लेकिन सुसज्जित दो मंजिला मकान को देखकर कहीं से नहीं लग रहा था कि यह प्रधानमंत्री आवास योजना से बना है। यहां योजना का पत्थर भी नहीं था। डूडा इन्हें भी पचास व डेढ़ लाख रुपये की दो किस्तें दे चुका है। मकान पहले बना हुआ है।

केस-छह

श्याम नगर जलेसर रोड की रहने वाली सुषमा कुमारी पत्नी श्रीबिजु ने भी आवेदन किया था। पचास हजार रुपये की पहली किस्त लेने के बाद से वह भी लापता हैं। मौके पर उनके पति मिले। उन्होंने बताया कि किस्त आते ही पत्नी उन्हें छोडक़र चली गई। इसलिए उन्होंने अगली किस्त के लिए डूडा में आवेदन भी नहीं दिया। उन्होंने कर्ज लेकर खुद ही मकान बना लिया।

केस-सात

चामड़ गेट की रहने वाले प्रेमानंद शर्मा को जनवरी 2020 में 50,000 रुपये पहली किस्त मिली। इतने रुपये में यहां बने बनाए मकान में दो पिलर व गेट ही नजर आए। इसके बाद इन्हें दूसरी किस्त नहीं मिली।

केस आठ

लाभार्थी निर्मलदास ने भी आवास के लिए आवेदन किया था। चयन होने के बाद फरवरी 2021 में उन्हें 50,000 रुपये की किस्त मिली। जब पालिका के सर्वेयर वहां पहुंचे तो पता चला कि निर्माण शुरू ही नहीं हुआ। मकान पुराना है।




-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों का सर्वे कराया जा रहा है। लाभार्थियों को आवास का काम पूर्ण कराने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनसे संपर्क किया जा रहा है। इसके लिए नगर पालिका व पंचायतों का सहारा लिया जा रहा है। इस संबंध में शासन को भी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।

अक्षय शर्मा, सिविल इंजीनियर, डूडा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed