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दोनों पालियों में 75 मतदान कार्मिक रहे गैरहाजिर
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ट्रेनिंग में मां के साथ बैठी बच्ची ।
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
पंचायत चुनाव के लिए पोलिंग पार्ट के चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन 2,400 पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारियों को पीसी बागला इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण दिया गया। प्रथम एवं द्वितीय पाली में 1200-1200 पीठासीन अधिकारियों व मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
20 कमरों में 60-60 अधिकारियों को प्रशिक्षण में बैठाया गया था। डीएम ने दोनों पालियों में गैरहाजिर रहे 75 मतदान कार्मिकों के विरुद्ध परियोजना निदेशक अश्विनी कुमार मिश्र ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम रमेश रंजन ने सीडीओ आरबी भास्कर के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का जायजा लिया।
बच्चों को लेकर प्रशिक्षण में पहुंचीं महिलाएं
आयोग के निर्देश पर मतदान के लिए महिला कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं के साथ ऐसी महिला कार्मिकों की ड्यूटी भी लगा दी गई है, जिन्होंने कुछ महीनों पहले ही बच्चों को जन्म दिया है। इस कारण यह महिलाएं अपने बच्चों को अपने साथ लेकर प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंचीं। वह अफसरों से ड्यूटी कटवाने की गुहार लगाती भी नजर आईं।
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प्रोजेक्टर न होने पर दीवार का ले रहे सहारा
जिला प्रशासन ने पिछले चुनाव में प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टरों की खरीद थी। यह खरीद डीआरडीए के माध्यम से विकास खंड स्तर पर कराई गई थी। हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन प्रोजेक्टरों के सापेक्ष अब प्रोजेक्टर स्क्रीन का भी इंतजाम नहीं कर सका है। स्क्रीन न होने की स्थिति में मास्टर ट्रेनर दीवार को ही प्रोजेक्टर स्क्रीन बनाकर कार्मिकों को प्रशिक्षण देने को मजबूर हैं।
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पंचायत चुनाव के लिए पोलिंग पार्ट के चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन 2,400 पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारियों को पीसी बागला इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण दिया गया। प्रथम एवं द्वितीय पाली में 1200-1200 पीठासीन अधिकारियों व मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
20 कमरों में 60-60 अधिकारियों को प्रशिक्षण में बैठाया गया था। डीएम ने दोनों पालियों में गैरहाजिर रहे 75 मतदान कार्मिकों के विरुद्ध परियोजना निदेशक अश्विनी कुमार मिश्र ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम रमेश रंजन ने सीडीओ आरबी भास्कर के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का जायजा लिया।
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बच्चों को लेकर प्रशिक्षण में पहुंचीं महिलाएं
आयोग के निर्देश पर मतदान के लिए महिला कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं के साथ ऐसी महिला कार्मिकों की ड्यूटी भी लगा दी गई है, जिन्होंने कुछ महीनों पहले ही बच्चों को जन्म दिया है। इस कारण यह महिलाएं अपने बच्चों को अपने साथ लेकर प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंचीं। वह अफसरों से ड्यूटी कटवाने की गुहार लगाती भी नजर आईं।
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प्रोजेक्टर न होने पर दीवार का ले रहे सहारा
जिला प्रशासन ने पिछले चुनाव में प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टरों की खरीद थी। यह खरीद डीआरडीए के माध्यम से विकास खंड स्तर पर कराई गई थी। हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन प्रोजेक्टरों के सापेक्ष अब प्रोजेक्टर स्क्रीन का भी इंतजाम नहीं कर सका है। स्क्रीन न होने की स्थिति में मास्टर ट्रेनर दीवार को ही प्रोजेक्टर स्क्रीन बनाकर कार्मिकों को प्रशिक्षण देने को मजबूर हैं।

बागला इंटरर कॉलेज में चल रही मतदान कर्मियों की ट्रेनिंग का निरीक्षण करते डीएम।- फोटो : HATHRAS

मां के ट्रेनिंग में होने पर बच्चे को गोद लेकर बैठा पिता।- फोटो : HATHRAS