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अब स्वच्छता सर्वेक्षण में वोटिंग के लिए विभाग का नया प्रयास
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:37 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। स्वच्छता सर्वेक्षण (ग्रामीण) के तहत सभी जिलों से शासन स्तर से जारी एप के माध्यम से वोटिंग कराई जानी है। इस एप से होने वाली वोटिंग का शासन स्तर से दो अक्तूबर को परिणाम घोषित किया जाएगा। जिले से भी इस एप से वोटिंग की जा रही है। यहां इसके लिए विभागीय स्तर से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। हालांकि इसका कोई परिणाम सामने नहीं आ रहा है।
इस एप से एक से 31 अगस्त तक वोटिंग की जाएगी। 18 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक लगभग 800 लोगों ने ही इस एप पर अपनी राय दी है। अब विभागीय अधिकारी अपनी वोटिंग बढ़ाने के लिए जिले के इंटर और डिग्री कॉलेजों की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। इसके लिए सभी इंटर और डिग्री कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को पत्र भी भेज दिए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्र की आबादी लगभग 12 लाख है, जिसके सापेक्ष करीब पांच फीसदी लोगों को इस सर्वेक्षण में अपना योगदान देना होगा। इसके बाद ही जिला सर्वेक्षण की सूची में शामिल हो सकेगा। करीब 65 हजार लोगों को इस सर्वेक्षण ऐप पर अपनी राय देनी होगी। अब इस सर्वेक्षण में 12 दिन बचे हुए हैं। इन-दिनों में विभागीय अधिकारियों को करीब 64 हजार लोगों से वोटिंग करानी होगी।
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इसके लिए सभी इंटर और डिग्री कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर दिए गए हैं। पत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया है कि वह अपने स्कूलों में सभी स्टाफ, विद्यार्थी और उनके अभिभावकों को स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में जानकारी दें और उन्हें इस ऐप के बारे में विस्तृत से जानकारी देकर अपनी राय देने के लिए जागरूक करें। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर विभागीय अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं।
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एक नंबर पर ही करें क्लिक
स्वच्छता सर्वेक्षण एप के माध्यम से लोगों से स्वच्छता के बारे में उनकी राय ली जा रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी प्रत्येक स्थान पर एप में आने वाले एक नंबर बटन को ही दबाने के बारे में जानकारी दे रहे हैं। भले ही आपके क्षेत्र में सफाई हो या नहीं। यहां तक कि इस सर्वेक्षण में ग्रामीण इलाकों से वोटिंग कराना आवश्यक है, लेकिन विभागीय अधिकारी अपनी वोटिंग पूरी करने के लिए सभी तरफ हाथ पैर मार रहे हैं।
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हाथरस। स्वच्छता सर्वेक्षण (ग्रामीण) के तहत सभी जिलों से शासन स्तर से जारी एप के माध्यम से वोटिंग कराई जानी है। इस एप से होने वाली वोटिंग का शासन स्तर से दो अक्तूबर को परिणाम घोषित किया जाएगा। जिले से भी इस एप से वोटिंग की जा रही है। यहां इसके लिए विभागीय स्तर से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। हालांकि इसका कोई परिणाम सामने नहीं आ रहा है।
इस एप से एक से 31 अगस्त तक वोटिंग की जाएगी। 18 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक लगभग 800 लोगों ने ही इस एप पर अपनी राय दी है। अब विभागीय अधिकारी अपनी वोटिंग बढ़ाने के लिए जिले के इंटर और डिग्री कॉलेजों की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। इसके लिए सभी इंटर और डिग्री कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को पत्र भी भेज दिए गए हैं।
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ग्रामीण क्षेत्र की आबादी लगभग 12 लाख है, जिसके सापेक्ष करीब पांच फीसदी लोगों को इस सर्वेक्षण में अपना योगदान देना होगा। इसके बाद ही जिला सर्वेक्षण की सूची में शामिल हो सकेगा। करीब 65 हजार लोगों को इस सर्वेक्षण ऐप पर अपनी राय देनी होगी। अब इस सर्वेक्षण में 12 दिन बचे हुए हैं। इन-दिनों में विभागीय अधिकारियों को करीब 64 हजार लोगों से वोटिंग करानी होगी।
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इसके लिए सभी इंटर और डिग्री कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर दिए गए हैं। पत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया है कि वह अपने स्कूलों में सभी स्टाफ, विद्यार्थी और उनके अभिभावकों को स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में जानकारी दें और उन्हें इस ऐप के बारे में विस्तृत से जानकारी देकर अपनी राय देने के लिए जागरूक करें। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर विभागीय अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं।
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एक नंबर पर ही करें क्लिक
स्वच्छता सर्वेक्षण एप के माध्यम से लोगों से स्वच्छता के बारे में उनकी राय ली जा रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी प्रत्येक स्थान पर एप में आने वाले एक नंबर बटन को ही दबाने के बारे में जानकारी दे रहे हैं। भले ही आपके क्षेत्र में सफाई हो या नहीं। यहां तक कि इस सर्वेक्षण में ग्रामीण इलाकों से वोटिंग कराना आवश्यक है, लेकिन विभागीय अधिकारी अपनी वोटिंग पूरी करने के लिए सभी तरफ हाथ पैर मार रहे हैं।