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किराए के शिक्षकों पर कसेगा शिकंजा
Updated Fri, 23 Jun 2017 11:15 PM IST
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ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
बेसिक शिक्षा विभाग में प्रॉक्सी शिक्षकों (किराए के शिक्षक) रखकर नौकरी चलाने का खेल अब नहीं चल सकेगा। विभाग ने शिक्षकों के इस खेल को खत्म करने के लिए स्कूलों के सूचना पट पर विद्यालय में तैनात शिक्षकों का फोटो एवं पद नाम चस्पा कराने के बीएसए को निर्देश दिए हैं, जिससे शिक्षकों की विद्यार्थी और अभिभावक पहचान कर सकें और वास्तविक शिक्षकों द्वारा प्रॉक्सी शिक्षकों की आड़ में किए जा रहे खेल को खत्म कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों द्वारा विभाग में लंबे समय से एक बड़ा खेल किया जा रहा था। इन शिक्षकों ने अपना वेतन नियमित रूप से निकालने के लिए चार से पांच हजार रुपये मासिक पर प्रॉक्सी शिक्षक लगा रखे हैं। ये किराए के शिक्षक विद्यालय पहुंचकर पढ़ाते रहते हैं, जबकि वास्तविक शिक्षक-शिक्षिकाएं आराम से अपने घर पर ही रहते हैं। ये लोग बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मियों से भी सेटिंग कर लेते हैं।
समय-समय पर बाहर की टीमों द्वारा छापा मारे जाने पर यह प्रॉक्सी शिक्षक स्कूल से चले जाते हैं, जबकि हेडमास्टर और अन्य शिक्षकों द्वारा पत्र व्यवहार रजिस्टर में इन शिक्षकों का किसी भी विभागीय कार्य से बाहर आना-जाना दर्ज कर दिया जाता है। यह भी संभव नहीं हो तो विभागीय नियमों के अनुसार शिक्षक को एक दिन अनुपस्थित दर्शाकर वेतन काटने की कार्रवाई कर दी जाती है।
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विभाग ने शिक्षकों के इस खेल को खत्म करने के लिए अब नई व्यवस्था पर अमल शुरू किया है, जिससे शिक्षकों के इस खेल को खत्म कर विद्यालयों के शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके और विभाग से मोटी तनख्वाह पाने वाले शिक्षकों को मस्ती छोड़कर ड्यूटी करना सिखाया जा सके।
- शासन के आदेश प्राप्त होने के बाद विधिवत रूप से कार्रवाई करने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्हें विद्यालयों में शिक्षकों का श्रेणीवार नाम और फोटो नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिससे प्रॉक्सी शिक्षकों का खेल खत्म किया जा सके।
- रेखा सुमन, बीएसए हाथरस
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बेसिक शिक्षा विभाग में प्रॉक्सी शिक्षकों (किराए के शिक्षक) रखकर नौकरी चलाने का खेल अब नहीं चल सकेगा। विभाग ने शिक्षकों के इस खेल को खत्म करने के लिए स्कूलों के सूचना पट पर विद्यालय में तैनात शिक्षकों का फोटो एवं पद नाम चस्पा कराने के बीएसए को निर्देश दिए हैं, जिससे शिक्षकों की विद्यार्थी और अभिभावक पहचान कर सकें और वास्तविक शिक्षकों द्वारा प्रॉक्सी शिक्षकों की आड़ में किए जा रहे खेल को खत्म कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों द्वारा विभाग में लंबे समय से एक बड़ा खेल किया जा रहा था। इन शिक्षकों ने अपना वेतन नियमित रूप से निकालने के लिए चार से पांच हजार रुपये मासिक पर प्रॉक्सी शिक्षक लगा रखे हैं। ये किराए के शिक्षक विद्यालय पहुंचकर पढ़ाते रहते हैं, जबकि वास्तविक शिक्षक-शिक्षिकाएं आराम से अपने घर पर ही रहते हैं। ये लोग बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मियों से भी सेटिंग कर लेते हैं।
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समय-समय पर बाहर की टीमों द्वारा छापा मारे जाने पर यह प्रॉक्सी शिक्षक स्कूल से चले जाते हैं, जबकि हेडमास्टर और अन्य शिक्षकों द्वारा पत्र व्यवहार रजिस्टर में इन शिक्षकों का किसी भी विभागीय कार्य से बाहर आना-जाना दर्ज कर दिया जाता है। यह भी संभव नहीं हो तो विभागीय नियमों के अनुसार शिक्षक को एक दिन अनुपस्थित दर्शाकर वेतन काटने की कार्रवाई कर दी जाती है।
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विभाग ने शिक्षकों के इस खेल को खत्म करने के लिए अब नई व्यवस्था पर अमल शुरू किया है, जिससे शिक्षकों के इस खेल को खत्म कर विद्यालयों के शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके और विभाग से मोटी तनख्वाह पाने वाले शिक्षकों को मस्ती छोड़कर ड्यूटी करना सिखाया जा सके।
- शासन के आदेश प्राप्त होने के बाद विधिवत रूप से कार्रवाई करने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्हें विद्यालयों में शिक्षकों का श्रेणीवार नाम और फोटो नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिससे प्रॉक्सी शिक्षकों का खेल खत्म किया जा सके।
- रेखा सुमन, बीएसए हाथरस