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पासबुक में 5.25 लाख की एंट्री गलत निकली
अमर उजाला, हाथरस
Updated Tue, 07 Feb 2017 11:27 PM IST
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खाता में पांच लाख रुपये आने की शिकायत करने पहुंची महिला।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में घंटाघर स्थित इंडियन बैंक की शाखा में शिकायत करने वाली रिक्शा चालक की पत्नी के खाते में पांच लाख पहुंचे ही नहीं थे। मशीन की खराबी से पासबुक में पांच लाख रुपये की एंट्री हो गई थी। इस गलती को बैंक द्वारा मंगलवार को सही करा दिया गया।
सासनी के गांव ऊसरा निवासी मीना पत्नी ऋषिपाल अपने परिवार के साथ रमनपुर नई बस्ती में रहती हैं। उनके पति ट्रांसपोर्ट कंपनी में रिक्शा चलाते हैं। मीना का आगरा रोड स्थित इंडियन बैंक में खाता है। गरीबी रेखा नीचे होने के कारण मीना के खाते में सरकारी योजना के तहत हर तीन महीने बाद पंद्रह सौ रुपये की पेंशन आती है।
डीबीटीएल योजना के तहत गैस सब्सिडी भी इसी खाते में पहुंचती है। तीन जनवरी 2016 को मीना बैंक से 1900 रुपये निकाल कर लाई थी। खाते में 88 रुपये शेष रह गए। तीन फरवरी को मीना बैंक में अपने खाते में पेंशन चैक करने गई थी, यहां पासबुक पर एंट्री कराई तो उनके खाते में 5 लाख 25 हजार 961 रुपये थे।
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यह रकम नोटबंदी से पहले जमा होना बताई गई है। खाते में पांच लाख देखकर मीना परेशान हो गई। सोमवार को इसकी शिकायत मीना ने बैंक प्रबंधक से भी की। बैंक प्रबंधक अनूप सिंह ने बताया कि उन्होंने मीना की पासबुक की जांच कराई।
जांच में सामने आया है कि प्रिंटर मशीन में खराबी आने की वजह से पासबुक में अन्य किसी खाताधारक की एंट्री हो गई है, जिसे मंगलवार को सुधरवा दिया गया है। मीना के खाते में इस वक्त कुल 259 रुपये मौजूद हैं।
थाने में महिला ने दी तहरीर
रमनपुर निवासी एक महिला ने पुलिस को तहरीर देकर बैंक प्रबंध्ाक पर सुनवाई न करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। मीना देवी पत्नी ऋषिपाल का कहना है कि उसके खाते में 31 अक्तूबर को 5.25 लाख रुपये जमा कराए गए थे। इसके कुछ दिन बाद रकम निकाल ली गई। पासबुक में एंट्री कराने पर इस बारे में पता चल सका लेकिन बैंक साफ तौर पर कुछ नहीं बता रही। चूंकि इंडियन बैंक कोतवाली क्षेत्र में आती है इसलिए कोतवाली पुलिस को शिकायत की गई है। इंस्पेक्टर सूर्यकांत द्विवेदी ने जांच का भरोसा दिलाया है।
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सासनी के गांव ऊसरा निवासी मीना पत्नी ऋषिपाल अपने परिवार के साथ रमनपुर नई बस्ती में रहती हैं। उनके पति ट्रांसपोर्ट कंपनी में रिक्शा चलाते हैं। मीना का आगरा रोड स्थित इंडियन बैंक में खाता है। गरीबी रेखा नीचे होने के कारण मीना के खाते में सरकारी योजना के तहत हर तीन महीने बाद पंद्रह सौ रुपये की पेंशन आती है।
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डीबीटीएल योजना के तहत गैस सब्सिडी भी इसी खाते में पहुंचती है। तीन जनवरी 2016 को मीना बैंक से 1900 रुपये निकाल कर लाई थी। खाते में 88 रुपये शेष रह गए। तीन फरवरी को मीना बैंक में अपने खाते में पेंशन चैक करने गई थी, यहां पासबुक पर एंट्री कराई तो उनके खाते में 5 लाख 25 हजार 961 रुपये थे।
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यह रकम नोटबंदी से पहले जमा होना बताई गई है। खाते में पांच लाख देखकर मीना परेशान हो गई। सोमवार को इसकी शिकायत मीना ने बैंक प्रबंधक से भी की। बैंक प्रबंधक अनूप सिंह ने बताया कि उन्होंने मीना की पासबुक की जांच कराई।
जांच में सामने आया है कि प्रिंटर मशीन में खराबी आने की वजह से पासबुक में अन्य किसी खाताधारक की एंट्री हो गई है, जिसे मंगलवार को सुधरवा दिया गया है। मीना के खाते में इस वक्त कुल 259 रुपये मौजूद हैं।
थाने में महिला ने दी तहरीर
रमनपुर निवासी एक महिला ने पुलिस को तहरीर देकर बैंक प्रबंध्ाक पर सुनवाई न करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। मीना देवी पत्नी ऋषिपाल का कहना है कि उसके खाते में 31 अक्तूबर को 5.25 लाख रुपये जमा कराए गए थे। इसके कुछ दिन बाद रकम निकाल ली गई। पासबुक में एंट्री कराने पर इस बारे में पता चल सका लेकिन बैंक साफ तौर पर कुछ नहीं बता रही। चूंकि इंडियन बैंक कोतवाली क्षेत्र में आती है इसलिए कोतवाली पुलिस को शिकायत की गई है। इंस्पेक्टर सूर्यकांत द्विवेदी ने जांच का भरोसा दिलाया है।