{"_id":"595a87564f1c1b42588b4568","slug":"41499105110-hathras-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी की कार्यशाला में भड़के आढ़ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी की कार्यशाला में भड़के आढ़ती
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
कृषि उत्पादन मंडी समिति हाथरस में वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों ने एक कार्यशाला आयोजित की। इस दौरान अधिकारी व्यापारियों के सवालों का संतोष जनक जवाब नहीं दे सके, जिससे व्यापारियों ने हंगामा करते हुए जीएसटी का विरोध किया।
मंडी में कार्यशाला में कच्चा आढ़तियों को जीएसटी में व्यापारी की श्रेणी में जाने की जानकारी दी गई। उन्हें भी नियमानुसार अपनी आमदनी का 18 प्रतिशत टैक्स जमा करना होगा। इसके साथ ही कृषि उत्पाद जो जीएसटी से मुक्त है, उनके बारे में भी अधिकारियों ने विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
वाणिज्यकर अधिकारियों ने बताया कि कपास व तिलहन पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है। जब आढ़तियों ने अपने कमीशन के बारे में जानकारी चाही तो वाणिज्य कर के अधिकारी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए। इससे व्यापारियों ने आक्रोश प्रकट किया।
विज्ञापन
कार्यशाला में विशेषज्ञ के रूप में मथुरा से आए ज्वाइंट कमिश्नर, असिस्टेंट कमिश्नर संदीप कुमार व राकेश शुक्ला उपस्थित हुए। अध्यक्षता भीकंबर सिंह ने एवं संचालन राजेश वार्ष्णेय ने किया। कार्यशाला में प्रदीप गोयल, विष्णु पचौरी, संजय वार्ष्णेय, राकेश गुप्ता, मुकेश बंसल, नरेंद्र बंसल, आकाश कुमार, राजेंद्र प्रताप सहित बड़ी संख्या में आढ़ती उपस्थित थे।
विज्ञापन
कृषि उत्पादन मंडी समिति हाथरस में वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों ने एक कार्यशाला आयोजित की। इस दौरान अधिकारी व्यापारियों के सवालों का संतोष जनक जवाब नहीं दे सके, जिससे व्यापारियों ने हंगामा करते हुए जीएसटी का विरोध किया।
मंडी में कार्यशाला में कच्चा आढ़तियों को जीएसटी में व्यापारी की श्रेणी में जाने की जानकारी दी गई। उन्हें भी नियमानुसार अपनी आमदनी का 18 प्रतिशत टैक्स जमा करना होगा। इसके साथ ही कृषि उत्पाद जो जीएसटी से मुक्त है, उनके बारे में भी अधिकारियों ने विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
विज्ञापन
वाणिज्यकर अधिकारियों ने बताया कि कपास व तिलहन पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है। जब आढ़तियों ने अपने कमीशन के बारे में जानकारी चाही तो वाणिज्य कर के अधिकारी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए। इससे व्यापारियों ने आक्रोश प्रकट किया।
विज्ञापन
कार्यशाला में विशेषज्ञ के रूप में मथुरा से आए ज्वाइंट कमिश्नर, असिस्टेंट कमिश्नर संदीप कुमार व राकेश शुक्ला उपस्थित हुए। अध्यक्षता भीकंबर सिंह ने एवं संचालन राजेश वार्ष्णेय ने किया। कार्यशाला में प्रदीप गोयल, विष्णु पचौरी, संजय वार्ष्णेय, राकेश गुप्ता, मुकेश बंसल, नरेंद्र बंसल, आकाश कुमार, राजेंद्र प्रताप सहित बड़ी संख्या में आढ़ती उपस्थित थे।