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एक सप्ताह से अंधेरे में 34 गांव
अमर उजाला, हसायन
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:49 PM IST
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उत्पादन लागत में कमी आई
- फोटो : Getty
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नगला वीर सहाय विद्युत उपकेंद्र को जा रही विद्युत लाइन चोरी होने से करीब चौंतीस गांव सात दिन से अंधेरे में हैं। विभागीय अधिकारियों को जब लगातार ग्रामीणों ने बिजली न मिलने की जानकारी देते हुए नाराजगी जताई तो एक-एक दिन छोड़कर गांवों में कुछ देर के लिए बिजली दे दी गई।
ग्रामीणों से इससे बेहद आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार विभागीय लापरवाही की वजह से चोरी गए तार की जगह दूसरा तार नहीं नहीं लगाया जा रहा। इससे परेशानी ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है।
तार चोरी से गांव सराय, जरेरा, असोई, नगला बिहारी, नगला वीर सहाय, बरसामई, सीतापुर, रामपुर, नगला कोरिया, बाडी, गूंजरपर, पायंदापुर, नगला मसंद, भैकुरी सहित 34 गांवों की सप्लाई बंद है।
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उधर जेई राहुल कुमार का दावा है कि जरेरा क्षेत्र के 34 गांवों को पोरा व पुरदिलनगर से एक एक दिन छोड़कर सप्लाई दी जा रही है। नई केबिल मंगवाकर जल्द ही सप्लाई सुचारू कर दी जाएगी। वहीं लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी झूठे आश्वासन ही दे रहे हैं। तार कटने के अगले दिन ही नई केबिल क्यों नहीं डलवाई गई?
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ग्रामीणों से इससे बेहद आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार विभागीय लापरवाही की वजह से चोरी गए तार की जगह दूसरा तार नहीं नहीं लगाया जा रहा। इससे परेशानी ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है।
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तार चोरी से गांव सराय, जरेरा, असोई, नगला बिहारी, नगला वीर सहाय, बरसामई, सीतापुर, रामपुर, नगला कोरिया, बाडी, गूंजरपर, पायंदापुर, नगला मसंद, भैकुरी सहित 34 गांवों की सप्लाई बंद है।
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उधर जेई राहुल कुमार का दावा है कि जरेरा क्षेत्र के 34 गांवों को पोरा व पुरदिलनगर से एक एक दिन छोड़कर सप्लाई दी जा रही है। नई केबिल मंगवाकर जल्द ही सप्लाई सुचारू कर दी जाएगी। वहीं लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी झूठे आश्वासन ही दे रहे हैं। तार कटने के अगले दिन ही नई केबिल क्यों नहीं डलवाई गई?