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33 करोड़ की उर्वरक सब्सिडी की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:06 AM IST
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डीएम अमित कुमार सिंह एवं वाणिज्य कर विभाग को सौंपी गई शिकायत को डीएम ने काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसके लिए टीम गठित कर जांच कराने का निर्णय लिया है। जिससे इस मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
ज्ञात रहे कि दो दिन पूर्व शहर के आदर्श नगर निवासी धर्मवीर सिंह चौधरी ने एक शिकायत की थी। इस शिकायत में पीसीएफ के अधिकारियों पर जिले में बिना उर्वरक डीएपी, एनपीके एवं यूरिया बेचे ही सरकार की 33 करोड़ रुपये की सब्सिडी हड़पे जाने के आरोप लगाए थे। इस मामले में आरोप यह भी थे कि जिन दो फर्मों के नाम से उर्वरक बेचे गए हैं। उनके पास लाइसेंस ही नहीं था। इस मामले में करीब 15 लाख रुपये के टैक्स की चोरी के भी आरोप शिकायत कर्ता ने लगाए थे।
मामले पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने पीसीएफ के अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञों की टीम गठित की है। जिससे इस मामले की तह तक पहुंचा जा सके और विधिवत रूप से कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बैठक में पीसीएफ के अधिकारियों को चेतावनी भी दी कि जांच में जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे। उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी।
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ज्ञात रहे कि दो दिन पूर्व शहर के आदर्श नगर निवासी धर्मवीर सिंह चौधरी ने एक शिकायत की थी। इस शिकायत में पीसीएफ के अधिकारियों पर जिले में बिना उर्वरक डीएपी, एनपीके एवं यूरिया बेचे ही सरकार की 33 करोड़ रुपये की सब्सिडी हड़पे जाने के आरोप लगाए थे। इस मामले में आरोप यह भी थे कि जिन दो फर्मों के नाम से उर्वरक बेचे गए हैं। उनके पास लाइसेंस ही नहीं था। इस मामले में करीब 15 लाख रुपये के टैक्स की चोरी के भी आरोप शिकायत कर्ता ने लगाए थे।
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मामले पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने पीसीएफ के अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञों की टीम गठित की है। जिससे इस मामले की तह तक पहुंचा जा सके और विधिवत रूप से कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बैठक में पीसीएफ के अधिकारियों को चेतावनी भी दी कि जांच में जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे। उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी।
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