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अब 30 साल की उम्र वाले हर महिला पुरुष की होगी बीपी व डायबिटीज की जांच
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
सोमवार को सीएमओ दफ्तर परिसर में एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के तहत विश्व स्वास्थ्य दिवस पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें यह भी बताया गया कि अब 30 साल तक की उम्र वाले महिला पुरुषों की बीपी और डायबिटीज की जांच होगी। इसके लिए जिलेभर के सीएचसी व पीएचसी को अपडेट किया गया है।
सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, आघात जैसी बीमारी का इलाज से ज्यादा जरूरी बचाव एवं नियंत्रण है। हमें लोगों में जागरूकता लाने की आवश्यकता है। इसके लिए अपने पच्छिमी स्टाइल, खानपान एवं पश्चिमी स्टाइल के रहन-सहन में बदलाव करना होगा।
तभी इन बीमारियों से बचा जा सकता है। एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि कैंसर, डायबिटीज स्ट्रोक एवं हृदय संबंधी बीमारी से बहुत सारे लोग पीड़ित है, लेकिन जानकारी नहीं होने के कारण वह समय से अपनी जांच नहीं कर पाते। इन बीमारियों की समय से स्क्रीनिंग हो जाए तो इनका इलाज संभव है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी चतुर सिंह ने बताया कि जिले में आयुष्मान योजना के अंतर्गत केंद्र 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं 20 उपकेंद्रों को आरोग्य केंद्र के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है, जहां एक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की तैनाती होगी।
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जो क्षेत्र के 30 साल से ऊपर के सभी लोगों की ब्लड प्रेशर एवं डायबिटीज की जांच करेंगे। कैंसर के लक्षणों के बारे में बताया जाएगा। एसीएमओ डॉ. डीके अग्रवाल ने बताया कि एंटीबायोटिक दवाओं का ज्यादा प्रयोग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इस मौके पर सीएमएस महिला अस्पताल डॉ. रूपेंद्र गोयल, सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. आईवी सिंह, डॉ. प्रभात सिंह, अवींद्र राठौर, रिंकी लाकरा, डॉ. सुनील कपूर आदि ने भी अपने विचार गोष्ठी में व्यक्त किए।
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सोमवार को सीएमओ दफ्तर परिसर में एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के तहत विश्व स्वास्थ्य दिवस पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें यह भी बताया गया कि अब 30 साल तक की उम्र वाले महिला पुरुषों की बीपी और डायबिटीज की जांच होगी। इसके लिए जिलेभर के सीएचसी व पीएचसी को अपडेट किया गया है।
सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, आघात जैसी बीमारी का इलाज से ज्यादा जरूरी बचाव एवं नियंत्रण है। हमें लोगों में जागरूकता लाने की आवश्यकता है। इसके लिए अपने पच्छिमी स्टाइल, खानपान एवं पश्चिमी स्टाइल के रहन-सहन में बदलाव करना होगा।
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तभी इन बीमारियों से बचा जा सकता है। एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि कैंसर, डायबिटीज स्ट्रोक एवं हृदय संबंधी बीमारी से बहुत सारे लोग पीड़ित है, लेकिन जानकारी नहीं होने के कारण वह समय से अपनी जांच नहीं कर पाते। इन बीमारियों की समय से स्क्रीनिंग हो जाए तो इनका इलाज संभव है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी चतुर सिंह ने बताया कि जिले में आयुष्मान योजना के अंतर्गत केंद्र 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं 20 उपकेंद्रों को आरोग्य केंद्र के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है, जहां एक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की तैनाती होगी।
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जो क्षेत्र के 30 साल से ऊपर के सभी लोगों की ब्लड प्रेशर एवं डायबिटीज की जांच करेंगे। कैंसर के लक्षणों के बारे में बताया जाएगा। एसीएमओ डॉ. डीके अग्रवाल ने बताया कि एंटीबायोटिक दवाओं का ज्यादा प्रयोग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इस मौके पर सीएमएस महिला अस्पताल डॉ. रूपेंद्र गोयल, सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. आईवी सिंह, डॉ. प्रभात सिंह, अवींद्र राठौर, रिंकी लाकरा, डॉ. सुनील कपूर आदि ने भी अपने विचार गोष्ठी में व्यक्त किए।