{"_id":"5d9e21b78ebc3e93d47d7684","slug":"27-19-lakh-rupees-to-be-recovered-from-gram-panchayats-hathras-news-ali2157578110","type":"story","status":"publish","title_hn":"27.19 लाख रुपये की होगी ग्राम पंचायतों से वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
27.19 लाख रुपये की होगी ग्राम पंचायतों से वसूली
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों से होगी 27.19 लाख रुपये की वसूली
सोशल ऑडिट में मनरेगा के तहत सामने आई अनियमितता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले की ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट के दौरान मनरेगा के तहत हुए कामों में अनियमितताएं सामने आई हैं। इन अनियमितताओं को लेकर अब ग्राम पंचायतों से 27.19 लाख रुपये की वसूली की जाएगी। मनरेगा के तहत हुए कामों में ज्यादातर साइन बोर्ड का न लगना पाया गया है।
ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत हुए कामों का शासन के निर्देशों पर सोशल ऑडिट किया गया था। इस दौरान सोशल ऑडिटरों ने ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर मनरेगा के कामों का प्रशासनिक व वित्तीय आंकलन किया। मनरेगा के कामों के मानकों को भी परखा। वर्ष 2013-14 से 2018-19 तक की सोशल ऑडिट की गई। इस ऑडिट के दौरान ग्राम पंचातयों में वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत काम तो हुआ, लेकिन कार्यस्थलों पर साइन बोर्ड पर नहीं लगाए गए।
इस कारण सभी कार्यों में वित्तीय अनियमितता सामने आई हैं। अब अनियमितता की धनराशि की वसूली वर्ष वार तरीके से ग्राम पंचायतों से विकास खंडों के माध्यम से की जाएगी। सभी ब्लॉकों को वसूली संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं। पीडी अश्विनी मिश्र ने बताया कि वसूली जल्द की जाएगी। इस वसूली के लिए ब्लॉकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोशल ऑडिट में मनरेगा के तहत सामने आई अनियमितता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले की ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट के दौरान मनरेगा के तहत हुए कामों में अनियमितताएं सामने आई हैं। इन अनियमितताओं को लेकर अब ग्राम पंचायतों से 27.19 लाख रुपये की वसूली की जाएगी। मनरेगा के तहत हुए कामों में ज्यादातर साइन बोर्ड का न लगना पाया गया है।
ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत हुए कामों का शासन के निर्देशों पर सोशल ऑडिट किया गया था। इस दौरान सोशल ऑडिटरों ने ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर मनरेगा के कामों का प्रशासनिक व वित्तीय आंकलन किया। मनरेगा के कामों के मानकों को भी परखा। वर्ष 2013-14 से 2018-19 तक की सोशल ऑडिट की गई। इस ऑडिट के दौरान ग्राम पंचातयों में वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत काम तो हुआ, लेकिन कार्यस्थलों पर साइन बोर्ड पर नहीं लगाए गए।
विज्ञापन
इस कारण सभी कार्यों में वित्तीय अनियमितता सामने आई हैं। अब अनियमितता की धनराशि की वसूली वर्ष वार तरीके से ग्राम पंचायतों से विकास खंडों के माध्यम से की जाएगी। सभी ब्लॉकों को वसूली संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं। पीडी अश्विनी मिश्र ने बताया कि वसूली जल्द की जाएगी। इस वसूली के लिए ब्लॉकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन