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अमृत योजना: टीएसी व विजीलेंस जांच को लिखा सांसद ने पत्र
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:48 PM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। अमृत योजना के तहत नगर पालिका क्षेत्र में जल निगम द्वारा पाइप लाइन बिछाने आदि काम किया जा रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कार्यदायी संस्था द्वारा मानक की अनदेखी की जा रही है। लोगों को पानी मुहैया कराने वाली पाइप लाइन की गुणवत्ता भी मानकों को पूरा नहीं कर रही है।
अब इस मामले में सांसद ने पाइपलाइन की क्वालिटी और अन्य निर्माण कार्यों की टीएसी जांच कराए जाने के संबंध में शासन को पत्र लिखा है। वहीं अधिकारियों की संलिप्तता की जांच को लेकर सांसद विजिलेंस जांच करने के लिए भी एक पत्र लिखा है। फिलहाल इस घपले के इस खुलासे के बाद अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
जल निगम द्वारा अमृत योजना के तहत नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को लेकर काम कराया जा रहा है। इस काम को मैसर्स एचएमएस इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ विभागीय अधिकारी मिलकर करा रहे हैं। यहां विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से मानक की अनदेखी कर काम किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो इन मानक को लेकर कुछ दिनों पहले अधिकारियों द्वारा एक जांच की गई थी। इस जांच में गुणवत्ता के साथ वित्तीय अनियमितताएं भी पाई गई थी, लेकिन इस जांच रिपोर्ट को फाइलों में ही दबा दिया गया है।
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अब इस प्रकरण के सामने आने के बाद अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए है। घपले के सामने आते अधिकारियों में खलबली मच गई है। इस प्रकरण में सांसद राजेश कुमार दिवाकर ने पाइप लाइन की गुणवत्ता, निर्माण कार्य की टीएसी जांच कराने को लेकर शासन को पत्र लिखा है। वहीं इस प्रकरण में वित्तीय अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों के विजिलेंस जांच करने के लिए भी पत्र लिखा है। अब जल्द ही इस प्रकरण में कई अधिकारियों की गर्दन फंस सकती है।
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अमृत योजना में मनमानी को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। वहीं इस प्रकरण में निर्माण कार्यों और पाइपलाइन गुणवत्ता को लेकर शासन को टीएसी जांच कराने के लिए पत्र लिखा है। वहीं अधिकारियों की जांच के लिए भी विजिलेंस को भी पत्र लिखा है।
-राजेश कुमार दिवाकर, सांसद
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हाथरस। अमृत योजना के तहत नगर पालिका क्षेत्र में जल निगम द्वारा पाइप लाइन बिछाने आदि काम किया जा रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कार्यदायी संस्था द्वारा मानक की अनदेखी की जा रही है। लोगों को पानी मुहैया कराने वाली पाइप लाइन की गुणवत्ता भी मानकों को पूरा नहीं कर रही है।
अब इस मामले में सांसद ने पाइपलाइन की क्वालिटी और अन्य निर्माण कार्यों की टीएसी जांच कराए जाने के संबंध में शासन को पत्र लिखा है। वहीं अधिकारियों की संलिप्तता की जांच को लेकर सांसद विजिलेंस जांच करने के लिए भी एक पत्र लिखा है। फिलहाल इस घपले के इस खुलासे के बाद अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
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जल निगम द्वारा अमृत योजना के तहत नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को लेकर काम कराया जा रहा है। इस काम को मैसर्स एचएमएस इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ विभागीय अधिकारी मिलकर करा रहे हैं। यहां विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से मानक की अनदेखी कर काम किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो इन मानक को लेकर कुछ दिनों पहले अधिकारियों द्वारा एक जांच की गई थी। इस जांच में गुणवत्ता के साथ वित्तीय अनियमितताएं भी पाई गई थी, लेकिन इस जांच रिपोर्ट को फाइलों में ही दबा दिया गया है।
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अब इस प्रकरण के सामने आने के बाद अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए है। घपले के सामने आते अधिकारियों में खलबली मच गई है। इस प्रकरण में सांसद राजेश कुमार दिवाकर ने पाइप लाइन की गुणवत्ता, निर्माण कार्य की टीएसी जांच कराने को लेकर शासन को पत्र लिखा है। वहीं इस प्रकरण में वित्तीय अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों के विजिलेंस जांच करने के लिए भी पत्र लिखा है। अब जल्द ही इस प्रकरण में कई अधिकारियों की गर्दन फंस सकती है।
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अमृत योजना में मनमानी को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। वहीं इस प्रकरण में निर्माण कार्यों और पाइपलाइन गुणवत्ता को लेकर शासन को टीएसी जांच कराने के लिए पत्र लिखा है। वहीं अधिकारियों की जांच के लिए भी विजिलेंस को भी पत्र लिखा है।
-राजेश कुमार दिवाकर, सांसद