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जिले में काफी कम होती है मोटे धान की पैदावार
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:26 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। जिले में मोटे धान की पैदावार काफी कम होती है। इसे लेकर इस बार भी समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले धान का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा। हालांकि पिछले सालों की अपेक्षा इस लक्ष्य काफी कम है।
इस बार जिले में धान की खरीद का लक्ष्य 1300 एमटी रखा गया है। कॉमन धान का समर्थन मूल्य 1750 और ग्रेडेड धान का मूल्य 1770 रुपये प्रति क्विंटल रखा है, जबकि पिछले साल 11 हजार एमटी लक्ष्य था, लेकिन धान की खरीद मात्र 572 एमटी ही हो सकी थी। इस बार भी धान खरीद का लक्ष्य पूरा होगा, यह बात कह पाना काफी मुश्किल है।
यह बात विभागीय अधिकारी भी कह रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी ने भी शासन को एक पत्र भेज कर यह कहा है कि जनपद में मोटे धान की पैदावार काफी कम है। उप खाद्य विपणन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष 11 हजार एमटी लक्ष्य था, जिसे पूरा करने की कोशिश की गई, लेकिन मात्र 572 एमटी ही खरीद हो सकी थी। इस बात को ध्यान में रखकर शासन ने 1,300 एमटी का लक्ष्य इस बार दिया है। आठ धान खरीद केंद्र खोले गए हैं।
हाथरस। जिले में मोटे धान की पैदावार काफी कम होती है। इसे लेकर इस बार भी समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले धान का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा। हालांकि पिछले सालों की अपेक्षा इस लक्ष्य काफी कम है।
इस बार जिले में धान की खरीद का लक्ष्य 1300 एमटी रखा गया है। कॉमन धान का समर्थन मूल्य 1750 और ग्रेडेड धान का मूल्य 1770 रुपये प्रति क्विंटल रखा है, जबकि पिछले साल 11 हजार एमटी लक्ष्य था, लेकिन धान की खरीद मात्र 572 एमटी ही हो सकी थी। इस बार भी धान खरीद का लक्ष्य पूरा होगा, यह बात कह पाना काफी मुश्किल है।
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यह बात विभागीय अधिकारी भी कह रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी ने भी शासन को एक पत्र भेज कर यह कहा है कि जनपद में मोटे धान की पैदावार काफी कम है। उप खाद्य विपणन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष 11 हजार एमटी लक्ष्य था, जिसे पूरा करने की कोशिश की गई, लेकिन मात्र 572 एमटी ही खरीद हो सकी थी। इस बात को ध्यान में रखकर शासन ने 1,300 एमटी का लक्ष्य इस बार दिया है। आठ धान खरीद केंद्र खोले गए हैं।
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