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उपेंद्र के सामने छलका उपेक्षा का दर्द
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
प्रदेश के वन, जंतु उद्यान और सहकारिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और जिले के प्रभारी उपेंद्र तिवारी ने गुरुवार को मथुरा रोड स्थित राजरानी मेहरा अतिथिगृह में भाजपाइयों की समस्याएं सुनीं। भाजपाइयों ने इस मौके पर सरकारी विभागों में उनकी उपेक्षा किए जाने का रोना रोया। एक विधायक ने तो यहां तक कह दिया कि निकाय और 2019 का चुनाव आने वाला है, लेकिन संगठन और जनप्रतिनिधि अलग-अलग दिशा में चल रहे हैं। इन हालात में चुनाव कैसे जीता जाएगा।
पार्टी के जनप्रतिनिधियों के आपसी मतभेद का मुद्दा भी जोर-शोर से उछला। प्रभारी मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों से स्पष्ट कहा कि हाईकमान की मंशा के अनुरूप मिलजुलकर काम करें और जनता की समस्याओं का समाधान कराएं।
एक विधायक ने कहा कि जिला स्तर पर जो मौजूदा हालात हैं, उनमें संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच सामंजस्य कायम होना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि वह एक अधिकारी के ट्रांसफर की अर्जी देकर आए तो पार्टी के ही कुछ लोगों ने उसमें अड़ंगा लगा दिया। एक विधायक ने कहा कि कार्यकर्ताओं को सरकारी विभागों में सम्मान नहीं मिल रहा। उनका अपमान किया जा रहा है। आलाकमान तक कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही, जिससे कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
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प्रभारी मंत्री ने इन सभी समस्याओं को आलाकमान के संज्ञान में लाने का भरोसा दिलाया। कुछ कार्यकर्ताओं ने औसत से कम बारिश होने की वजह से जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने और नहर व बंबों में पानी छोड़ने की मांग उठाई तो कुछ ने ग्रामीण अंचल में कम बिजली आने की शिकायत की। कुछ भाजपाइयों ने अधिकारियों के भ्रष्टाचार की शिकायत की। प्रभारी मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कार्यकर्ताओं के सम्मान की पूरी रक्षा की जाएगी। अधिकारी अपनी मानसिकता बदल लें। सपा सरकार की तरह उन्हें मनमानी नहीं करने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में प्रदेश में लोक सेवा आयोग का घोटाला हुआ। लोहिया आवास बनाने में भेदभाव किया गया, लेकिन वर्तमान केंद्र व प्रदेश सरकारें मिलकर 12 लाख प्रधानमंत्री आवास बना रही हैं। 2019 के चुनाव में भाजपा प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करेगी। संचालन जिला महामंत्री एसपीएस चौहान ने किया।
मंच पर सांसद राजेश दिवाकर, सदर विधायक हरीशंकर माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना, पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान, पूर्व विधायक डॉ.राम सिंह, चौ.बिजेंद्र सिंह, पूर्व सांसद डॉ.बंगाली सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार, एसडीएम सदर अमिताभ यादव मौजूद थे। बैठक में जिला प्रभारी हेमेंद्र शर्मा, रूपेश उपाध्याय, सुरेंद्र सिंह पुंढीर, पूर्व विधायक सुरेश प्रताप गांधी, देवदत्त वर्मा, देवचंद्र गौड़, आचार्य महेंद्र सिंह, प्रेमपाल सिंह सोलंकी आदि थे।
महिला नेता को डांटकर बैठक से निकाला, हंगामा
हाथरस। भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में उस समय अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया, जब अपना दुखड़ा रो रहीं एक भाजपा कार्यकर्ता को प्रभारी मंत्री और जिला प्रभारी की मौजूदगी में डांटकर निकाल दिया गया। भाजपा की बैठक में हुए इस घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जोकि भाजपा ही नहीं, बल्कि दूसरे राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया।
भाजपा नेता दुर्गेश सेंगर और उनके भाई अपनी समस्या लेकर प्रभारी मंत्री के सामने पहुंचे थे। उनका कहना था कि जब भी जिले में उनका दौरा होता है या बैठक होती है तो उन्हें कोई सूचना नहीं दी जाती। उनकी बात न तो संगठन में सुनी जा रही और न ही अधिकारी सुन रहे हैं, जबकि वह चुनाव में पूरे जी-जान से मेहनत करती रही हैं। बताते हैं कि इस बीच दुर्गेश की किसी बात पर प्रभारी मंत्री उखड़ गए और सख्त लहजे में उन्हें अपने सामने से जाने के लिए कह दिया, जिससे वहां शोर-शराबा होने लगा।
दुर्गेश ने इसे आम कार्यकर्ता का अपमान करार दिया और कहा कि अगर कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह का सलूक होगा तो वह कैसे संगठन के लिए काम कर पाएंगे। काफी देर तक वहां हंगामा होता रहा। सूत्र बताते हैं कि दुर्गेश को बैठक में बुलाया नहीं गया था। जिस समय वह मंत्री से अपनी बात कहना चाह रहीं थीं, उस समय मंत्री का संबोधन शुरू होने वाला था।
मंत्री ने उनसे कई बार कहा कि वह संबोधन खत्म होने के बाद उनकी बात सुनेंगे, लेकिन भाजपाइयों की मानें तो वह मंत्री की एक सुनने को तैयार नहीं थीं, जिस पर मंत्री ने उनसे सख्ती से वहां से जाने को कहा, जिसके बाद वह बिफर गईं और हंगामा करने लगीं। वरिष्ठ भाजपाइयों ने जैसे-तैसे उन्हें शांत किया और बैठक की कार्यवाही आगे बढ़वाई।
दुर्गेश सेंगर का अपना कोई विषय था, जिसे लेकर वह अपने भाई के साथ आईं थीं। मंत्री ने उनसे सिर्फ इतना कहा था कि वह उनकी समस्या बाद में सुनेंगे। इससे ज्यादा वहां कुछ नहीं हुआ। हंगामे की बात पूरी तरह गलत है।
-रामवीर सिंह परमार, भाजपा जिलाध्यक्ष
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प्रदेश के वन, जंतु उद्यान और सहकारिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और जिले के प्रभारी उपेंद्र तिवारी ने गुरुवार को मथुरा रोड स्थित राजरानी मेहरा अतिथिगृह में भाजपाइयों की समस्याएं सुनीं। भाजपाइयों ने इस मौके पर सरकारी विभागों में उनकी उपेक्षा किए जाने का रोना रोया। एक विधायक ने तो यहां तक कह दिया कि निकाय और 2019 का चुनाव आने वाला है, लेकिन संगठन और जनप्रतिनिधि अलग-अलग दिशा में चल रहे हैं। इन हालात में चुनाव कैसे जीता जाएगा।
पार्टी के जनप्रतिनिधियों के आपसी मतभेद का मुद्दा भी जोर-शोर से उछला। प्रभारी मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों से स्पष्ट कहा कि हाईकमान की मंशा के अनुरूप मिलजुलकर काम करें और जनता की समस्याओं का समाधान कराएं।
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एक विधायक ने कहा कि जिला स्तर पर जो मौजूदा हालात हैं, उनमें संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच सामंजस्य कायम होना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि वह एक अधिकारी के ट्रांसफर की अर्जी देकर आए तो पार्टी के ही कुछ लोगों ने उसमें अड़ंगा लगा दिया। एक विधायक ने कहा कि कार्यकर्ताओं को सरकारी विभागों में सम्मान नहीं मिल रहा। उनका अपमान किया जा रहा है। आलाकमान तक कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही, जिससे कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
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प्रभारी मंत्री ने इन सभी समस्याओं को आलाकमान के संज्ञान में लाने का भरोसा दिलाया। कुछ कार्यकर्ताओं ने औसत से कम बारिश होने की वजह से जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने और नहर व बंबों में पानी छोड़ने की मांग उठाई तो कुछ ने ग्रामीण अंचल में कम बिजली आने की शिकायत की। कुछ भाजपाइयों ने अधिकारियों के भ्रष्टाचार की शिकायत की। प्रभारी मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कार्यकर्ताओं के सम्मान की पूरी रक्षा की जाएगी। अधिकारी अपनी मानसिकता बदल लें। सपा सरकार की तरह उन्हें मनमानी नहीं करने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में प्रदेश में लोक सेवा आयोग का घोटाला हुआ। लोहिया आवास बनाने में भेदभाव किया गया, लेकिन वर्तमान केंद्र व प्रदेश सरकारें मिलकर 12 लाख प्रधानमंत्री आवास बना रही हैं। 2019 के चुनाव में भाजपा प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करेगी। संचालन जिला महामंत्री एसपीएस चौहान ने किया।
मंच पर सांसद राजेश दिवाकर, सदर विधायक हरीशंकर माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना, पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान, पूर्व विधायक डॉ.राम सिंह, चौ.बिजेंद्र सिंह, पूर्व सांसद डॉ.बंगाली सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार, एसडीएम सदर अमिताभ यादव मौजूद थे। बैठक में जिला प्रभारी हेमेंद्र शर्मा, रूपेश उपाध्याय, सुरेंद्र सिंह पुंढीर, पूर्व विधायक सुरेश प्रताप गांधी, देवदत्त वर्मा, देवचंद्र गौड़, आचार्य महेंद्र सिंह, प्रेमपाल सिंह सोलंकी आदि थे।
महिला नेता को डांटकर बैठक से निकाला, हंगामा
हाथरस। भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में उस समय अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया, जब अपना दुखड़ा रो रहीं एक भाजपा कार्यकर्ता को प्रभारी मंत्री और जिला प्रभारी की मौजूदगी में डांटकर निकाल दिया गया। भाजपा की बैठक में हुए इस घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जोकि भाजपा ही नहीं, बल्कि दूसरे राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया।
भाजपा नेता दुर्गेश सेंगर और उनके भाई अपनी समस्या लेकर प्रभारी मंत्री के सामने पहुंचे थे। उनका कहना था कि जब भी जिले में उनका दौरा होता है या बैठक होती है तो उन्हें कोई सूचना नहीं दी जाती। उनकी बात न तो संगठन में सुनी जा रही और न ही अधिकारी सुन रहे हैं, जबकि वह चुनाव में पूरे जी-जान से मेहनत करती रही हैं। बताते हैं कि इस बीच दुर्गेश की किसी बात पर प्रभारी मंत्री उखड़ गए और सख्त लहजे में उन्हें अपने सामने से जाने के लिए कह दिया, जिससे वहां शोर-शराबा होने लगा।
दुर्गेश ने इसे आम कार्यकर्ता का अपमान करार दिया और कहा कि अगर कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह का सलूक होगा तो वह कैसे संगठन के लिए काम कर पाएंगे। काफी देर तक वहां हंगामा होता रहा। सूत्र बताते हैं कि दुर्गेश को बैठक में बुलाया नहीं गया था। जिस समय वह मंत्री से अपनी बात कहना चाह रहीं थीं, उस समय मंत्री का संबोधन शुरू होने वाला था।
मंत्री ने उनसे कई बार कहा कि वह संबोधन खत्म होने के बाद उनकी बात सुनेंगे, लेकिन भाजपाइयों की मानें तो वह मंत्री की एक सुनने को तैयार नहीं थीं, जिस पर मंत्री ने उनसे सख्ती से वहां से जाने को कहा, जिसके बाद वह बिफर गईं और हंगामा करने लगीं। वरिष्ठ भाजपाइयों ने जैसे-तैसे उन्हें शांत किया और बैठक की कार्यवाही आगे बढ़वाई।
दुर्गेश सेंगर का अपना कोई विषय था, जिसे लेकर वह अपने भाई के साथ आईं थीं। मंत्री ने उनसे सिर्फ इतना कहा था कि वह उनकी समस्या बाद में सुनेंगे। इससे ज्यादा वहां कुछ नहीं हुआ। हंगामे की बात पूरी तरह गलत है।
-रामवीर सिंह परमार, भाजपा जिलाध्यक्ष