फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   सियासी गलियारों में फिर मुकुल के आरोपों की हुई खासी चर्चा

सियासी गलियारों में फिर मुकुल के आरोपों की हुई खासी चर्चा

Sun, 11 Nov 2018 11:33 PM IST
Updated Sun, 11 Nov 2018 11:33 PM IST
विज्ञापन
सियासी गलियारों में फिर मुकुल के आरोपों की हुई खासी चर्चा
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
विज्ञापन

हाथरस। पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय का आरोपों का प्रकरण को लेकर चर्चाएं अभी सियासी गलियारों में थमने का नाम नहीं ले रही। मुकुल ने फिर मीडिया से रूबरू होकर यह ऐलान किया है कि वह जल्द ही कुछ और खुलासे करेंगे। सियासी गलियारों में इसे लेकर खासी चर्चाएं हैं कि आखिर मुकुल किसका काला चिट्ठा खोलेंगे। वहीं मुकुल ने फिर पार्टी में शामिल होने पर अपना सस्पेंस बरकरार रखा है।

लोगों में यह भी चर्चा रही कि मुकुल क्या जनसमर्थन जुटा रहे हैं या फिर कोई अवरोध समाप्त कर रहे हैं, जोकि उन्हें उनकी मनमाफिक पार्टी में शामिल करने से रोक रहा है। इधर,उपाध्याय परिवार के विपक्षी आज भी इस प्रकरण को सियासी ड्रामा ही बता रहे हैं। दो दिन पहले पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय ने यह आरोप लगाकर जिले की सियासत में भूचाल ला दिया था कि अलीगढ़ लोकसभा क्षेत्र से बसपा की टिकट देने के एवज में उनसे पांच करोड़ रुपये मांगे गए थे।
विज्ञापन


उन्होंने अपने भाई रामवीर उपाध्याय व भाभी सीमा उपाध्याय पर उन्हें साजिश रचकर पार्टी से निकलवाने का आरोप लगाया था। उन्होंने भाई रामवीर को रावण बताया था और उनसे अपनी जान को खतरा बताया था। मुकुल ने यह आरोप तब लगाए थे, जब उन्हें तीन दिन पहले बसपा से एकाएक अनुशासनहीनता के आरोप में निकाल दिया था। रामवीर ने मुकुल उपाध्याय के इन आरोपोें को सिरे से खारिज कर दिया था। वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय व रामेश्वर उपाध्याय ने मुकुल उपाध्याय द्वारा रामवीर पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया था। विनोद ने यह भी कहा था कि मुकुल का परिवार से बहिष्कार कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब रविवार को जब मुकुल फिर से मीडिया के सामने आए तो उनका फोकस बसपा सुप्रीमो मायावती पर था। उन्होंने इसे लेकर भी संस्पेंस रखा कि आखिर वह किस दल में जाने वाले हैं। उन्होेंने बसपा मुखिया पर फिर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट कहा कि यदि बसपा उन्हें अब वापस भी बुलाएगी तो भी वह आजीवन बसपा में नहीं जाएंगे। रविवार को फिर इसे लेकर कयास लगाए जाते रहे कि आखिर मुकुल किस राजनीतिक दल में जाएंगे। चर्चाओं में यह बिंदु भी रहा कि क्या कोई अवरोध है, जिसे वह दूर नहीं कर पा रहे। उनके जल्द ही भाजपा में जाने की चर्चा फिर रही लेकिन इस पर उन्होंने फिर अपने पत्ते नहीं खोले। इधर, इस मामले में पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने कुछ भी कहने से मना कर दिया।
-------
रामवीर ने कुछ भी कहने से किया मना
मुकुल द्वारा फिर से बसपा सुप्रीमों पर लगाए गए आरोपों व अपने बड़े भाई रामवीर उपाध्याय पर की गई टिप्पणी पर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। उनका कहना था कि वह इस मामले में पहले ही कह चुके हैं। अब कुछ नहीं बोलेंगे।

--------
मई में जाकर मृतक के परिजनोें को बंधाया ढांढस
हाथरस। पूर्व मंत्री व सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय सादाबाद क्षेत्र के गांव मई, कंजौली आदि में गए। मई में उन्होंने हाल में ही मृत एक युवक के परिजनों के सांत्वना दी। कुछ कार्यक्रमों में भी वह शामिल हुए। उनके समर्थकों ने दबी जुबां से इस मामले में तो बातचीत की लेकिन उपाध्याय ने इसे लेकर खामोश ही रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed