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कृमिनाशक दवा खाने से 15 स्कूली बच्चे बीमार
अमर उजाला ब्यूरो सादाबाद (हाथरस)।
Updated Thu, 17 Aug 2017 11:40 PM IST
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कृमिनाशक दवा
- फोटो : Amar Ujala
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सादाबाद के गांव नगला पचौरी स्थित सरनाम सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को स्वास्थ्य महकमे द्वारा उपलब्ध कराई गई कृमिनाशक दवा (एलवेंडाजोल) खाने के बाद 15 छात्र छात्राओं की हालत बिगड़ गई। स्कूल में जब कई बच्चों ने गोली खाने के बाद सिर-पेट में दर्द और चक्कर आने की शिकायत की तो आनन फानन में उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां यह बच्चे चिकित्सकों के प्राथमिक उपचार के बाद स्वस्थ हो गए। सीएमओ, एसीएमओ और तहसीलदार ने भी अस्पताल पहुंच बच्चों का हाल जाना।
स्वास्थ्य महकमे द्वारा 10 अगस्त को नेशनल डी-वॉर्मिंग डे मनाया गया था। इस दिन करीब चार लाख बच्चों ने दवा खाई थी, लेकिन इस दिन इसका कहीं भी कोई साइड इफेक्ट नजर नहीं आया। 17 अगस्त को दूसरे चरण में गोली खाने से शेष रह गए बच्चों को यह दवा खिलाई जानी थी। इसी चरण के तहत गुरुवार को सादाबाद के गांव नगला पचौरी स्थित सरनाम सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सुबह स्कूल में बच्चों को यह गोली खिलाई गई। इसके खाने के बाद दो बच्चे अचानक गश खाकर गिर गए। इन्हें आनन फानन में सीएचसी लाया गया। इसके बाद कई बच्चे सिर दर्द होने और चक्कर आने की शिकायत शिक्षकों से करने लगे। स्कूल के करीब 15 बच्चों को एंबुलेंस के जरिए स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया।
जहां चिकित्सकों ने बच्चों का प्राथमिक उपचार किया। बच्चों को ड्रिप लगाई गई और आवश्यक दवाएं भी दी गईं। मौके पर कई अभिभावक और स्कूल शिक्षक भी अस्पताल पहुंच गए। यह जानकारी जब जिला प्रशासन के अफसरों को हुई तो सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह, एसीएमओ प्रतिरक्षण डॉ. विजेंद्र सिंह, खंड शिक्षाधिकारी जितेंद्र सिंह, तहसीलदार पंकज वर्मा, सीएचसी प्रभारी डॉ. दानवीर सिंह और एबीआरसी जितेंद्र कुमार अस्पताल पहुंच गए। इन अफसरों ने बच्चों से हालचाल पूछा। बच्चों के स्वस्थ होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
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यह 15 बच्चे हुए बीमार
एलवेंडाजोल की गोली खाने के बाद दृष्टि पुत्री हेमंत पचौरी निवासी नगला पचौरी, दीपक पुत्र सिंघवीर सिंह निवासी नगला सकत सिंह, रेखा पुत्री तुहीराम सिंह निवासी नगला सकत सिंह, वानी पुत्री अनिल पचौरी निवासी नगला पचौरी, चेतन पुत्र सिंघवीर सिंह निवासी नगला सकत सिंह, शिवकुमार पुत्र कोमल सिंह निवासी दगसह, दिव्या पुत्री हरिओम पचौरी निवासी नगला पचौरी, अंजलि पुत्री नीरज पचौरी निवासी नगला रद्दू, गौरी पुत्र दुर्गेश निवासी नगला पचौरी, छवि पुत्री संजय निवासी नगला सकत सिंह, शिवांक पुत्र जयवीर पचौरी निवासी नगला पचौरी, कु. काजल पुत्री भरत सिंह निवासी नगला सकत सिंह, लक्ष्मी पुत्री दानवीर सिंह निवासी नगला हरेरा, लक्ष्मी पुत्री श्रीनिवास निवासी नगला रद्दू, निशा पुत्री रंजीत सिंह निवासी नगला पचौरी की हालत बिगड़ गई। यह सभी बच्चे कक्षा चार से सात में अध्ययनरत हैं।
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स्वास्थ्य महकमे द्वारा 10 अगस्त को नेशनल डी-वॉर्मिंग डे मनाया गया था। इस दिन करीब चार लाख बच्चों ने दवा खाई थी, लेकिन इस दिन इसका कहीं भी कोई साइड इफेक्ट नजर नहीं आया। 17 अगस्त को दूसरे चरण में गोली खाने से शेष रह गए बच्चों को यह दवा खिलाई जानी थी। इसी चरण के तहत गुरुवार को सादाबाद के गांव नगला पचौरी स्थित सरनाम सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सुबह स्कूल में बच्चों को यह गोली खिलाई गई। इसके खाने के बाद दो बच्चे अचानक गश खाकर गिर गए। इन्हें आनन फानन में सीएचसी लाया गया। इसके बाद कई बच्चे सिर दर्द होने और चक्कर आने की शिकायत शिक्षकों से करने लगे। स्कूल के करीब 15 बच्चों को एंबुलेंस के जरिए स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया।
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जहां चिकित्सकों ने बच्चों का प्राथमिक उपचार किया। बच्चों को ड्रिप लगाई गई और आवश्यक दवाएं भी दी गईं। मौके पर कई अभिभावक और स्कूल शिक्षक भी अस्पताल पहुंच गए। यह जानकारी जब जिला प्रशासन के अफसरों को हुई तो सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह, एसीएमओ प्रतिरक्षण डॉ. विजेंद्र सिंह, खंड शिक्षाधिकारी जितेंद्र सिंह, तहसीलदार पंकज वर्मा, सीएचसी प्रभारी डॉ. दानवीर सिंह और एबीआरसी जितेंद्र कुमार अस्पताल पहुंच गए। इन अफसरों ने बच्चों से हालचाल पूछा। बच्चों के स्वस्थ होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
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यह 15 बच्चे हुए बीमार
एलवेंडाजोल की गोली खाने के बाद दृष्टि पुत्री हेमंत पचौरी निवासी नगला पचौरी, दीपक पुत्र सिंघवीर सिंह निवासी नगला सकत सिंह, रेखा पुत्री तुहीराम सिंह निवासी नगला सकत सिंह, वानी पुत्री अनिल पचौरी निवासी नगला पचौरी, चेतन पुत्र सिंघवीर सिंह निवासी नगला सकत सिंह, शिवकुमार पुत्र कोमल सिंह निवासी दगसह, दिव्या पुत्री हरिओम पचौरी निवासी नगला पचौरी, अंजलि पुत्री नीरज पचौरी निवासी नगला रद्दू, गौरी पुत्र दुर्गेश निवासी नगला पचौरी, छवि पुत्री संजय निवासी नगला सकत सिंह, शिवांक पुत्र जयवीर पचौरी निवासी नगला पचौरी, कु. काजल पुत्री भरत सिंह निवासी नगला सकत सिंह, लक्ष्मी पुत्री दानवीर सिंह निवासी नगला हरेरा, लक्ष्मी पुत्री श्रीनिवास निवासी नगला रद्दू, निशा पुत्री रंजीत सिंह निवासी नगला पचौरी की हालत बिगड़ गई। यह सभी बच्चे कक्षा चार से सात में अध्ययनरत हैं।