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बाहरी राज्यों में नहीं बेचा आलू तो झेलना पड़ेगा नुकसान
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:27 PM IST
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दुकान में रखा नया आलू।
- फोटो : अमर उजाला
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ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
जिले के आलू उत्पादक किसानों की मुसीबतें लगातार बढ़ रही हैं। आलू का अच्छा भाव न मिलने से किसान बेहद परेशान हैं। अभी तक जिले के कोल्ड स्टोरेज में 90 फीसदी किसानों का आलू भंडारित है। किसानों की इस परेशानी को देखते हुए अब जिला उद्यान विभाग ने भी किसानों से बाहरी राज्यों में अपने आलू को बेचने का अनुरोध किया है, जिससे वह अधिक नुकसान से बच सकें।
जनपद में करीब 144 कोल्ड स्टोरेज हैं। इन कोल्डों में अभी भी 14222 मीट्रिक टन आलू भंडारित है। इसमें से सिर्फ 10 फीसदी आलू का ही बिक्री हो सकी है। आलू का अच्छा भाव न मिलने से किसान परेशान हैं। कोल्ड संचालकों के फोन लगाने के बाद किसान अपना आलू बेचने नहीं आ रहे। ऐसे में कोल्ड स्टोर संचालकों की मुसीबत भी बढ़ गई है।
जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने बताया कि जनपद के जिन किसानों ने वर्ष 2016-17 में आलू उत्पादित करके अपना आलू शीतगृहों में भंडारित किया है, वह शीतगृह में भंडारित आलू को निकाल कर प्रदेश या प्रदेश के बाहर जहां भी आलू की बाजार भाव अधिक हो अपने आलू की बिक्री कर लें। उन्होंने बताया कि निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उप्र लखनऊ के द्वारा भी सूचित किया गया है कि उत्तर प्रदेश में 120.29 लाख मीट्रिक टन आलू कोल्ड स्टोरेजों में भंडारित हैं।
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प्रदेश में आलू के बाजार भाव अच्छे न होने के कारण प्रदेश से बाहर के राज्यों केरल, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा राज्यों में आलू के बाजार भाव उत्तर प्रदेश की अपेक्षा अधिक चल रहे हैं। जनपद के शीतगृहों में भंडारित आलू की निकासी विगत वर्षों में इस समय तक 25 से 30 फीसदी तक हो जाती थी, लेकिन इस साल अभी तक मात्र यह निकासी 10 फीसदी ही हो सकी है। वहीं अब पंजाब और हसन से नई फसल का आलू यूपी के बाजारों में आ जाएगा, जिससे आलू की दरें और अधिक गिरने की संभावना है।
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जिले के आलू उत्पादक किसानों की मुसीबतें लगातार बढ़ रही हैं। आलू का अच्छा भाव न मिलने से किसान बेहद परेशान हैं। अभी तक जिले के कोल्ड स्टोरेज में 90 फीसदी किसानों का आलू भंडारित है। किसानों की इस परेशानी को देखते हुए अब जिला उद्यान विभाग ने भी किसानों से बाहरी राज्यों में अपने आलू को बेचने का अनुरोध किया है, जिससे वह अधिक नुकसान से बच सकें।
जनपद में करीब 144 कोल्ड स्टोरेज हैं। इन कोल्डों में अभी भी 14222 मीट्रिक टन आलू भंडारित है। इसमें से सिर्फ 10 फीसदी आलू का ही बिक्री हो सकी है। आलू का अच्छा भाव न मिलने से किसान परेशान हैं। कोल्ड संचालकों के फोन लगाने के बाद किसान अपना आलू बेचने नहीं आ रहे। ऐसे में कोल्ड स्टोर संचालकों की मुसीबत भी बढ़ गई है।
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जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने बताया कि जनपद के जिन किसानों ने वर्ष 2016-17 में आलू उत्पादित करके अपना आलू शीतगृहों में भंडारित किया है, वह शीतगृह में भंडारित आलू को निकाल कर प्रदेश या प्रदेश के बाहर जहां भी आलू की बाजार भाव अधिक हो अपने आलू की बिक्री कर लें। उन्होंने बताया कि निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उप्र लखनऊ के द्वारा भी सूचित किया गया है कि उत्तर प्रदेश में 120.29 लाख मीट्रिक टन आलू कोल्ड स्टोरेजों में भंडारित हैं।
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प्रदेश में आलू के बाजार भाव अच्छे न होने के कारण प्रदेश से बाहर के राज्यों केरल, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा राज्यों में आलू के बाजार भाव उत्तर प्रदेश की अपेक्षा अधिक चल रहे हैं। जनपद के शीतगृहों में भंडारित आलू की निकासी विगत वर्षों में इस समय तक 25 से 30 फीसदी तक हो जाती थी, लेकिन इस साल अभी तक मात्र यह निकासी 10 फीसदी ही हो सकी है। वहीं अब पंजाब और हसन से नई फसल का आलू यूपी के बाजारों में आ जाएगा, जिससे आलू की दरें और अधिक गिरने की संभावना है।