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टीबी खोजी अभियान में निकले 141 रोगी
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिले में सक्रिय टीबी के मरीजों को खोजने के लिए घर-घर टीबी खोज अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए कुल आबादी का 20 फीसदी क्षेत्र चुना गया है। अभियान के जरिये अब तक 141 नए टीबी के मरीज मिल चुके हैं। जिन्हें इलाज देने के साथ पोषण के लिए पांच सौ रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
जिला क्षय रोग विभाग इन दिनों जिले में क्षय रोगियों की खोज में लगा हुआ है। विभाग की तीन सदस्यीय टीम घर-घर जाकर जानकारी कर रही है। टीम के सदस्य संभावित मरीजों को समझाकर उन्हें बलगम के कलेक्शन करने के लिए डिब्बी दे रहे हैं। उसके बाद उसे दूसरे दिन सुबह एकत्रित भी कर रहे हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल सागर वशिष्ठ ने बताया कि 2 से 12 जनवरी तक सक्रिय क्षय रोगी अभियान चलाया गया है। मरीजों की खोज के लिए तीन लोगों की टीम बनाई गई है। यह टीमें मोहल्लों में जाकर टीबी रोगियों की खोज करती हैं। उन्होंने बताया कि बलगम की जांच में जिनको बीमारी निकलती है, उन्हें मुफ्त दवा दी जाती है। जिन लोगों को यह दवा दी जाती है। उनको इलाज के चलने तक पांच रुपये प्रति महीने पोषण के लिए भी दिए जाएंगे।
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जिले में सक्रिय टीबी के मरीजों को खोजने के लिए घर-घर टीबी खोज अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए कुल आबादी का 20 फीसदी क्षेत्र चुना गया है। अभियान के जरिये अब तक 141 नए टीबी के मरीज मिल चुके हैं। जिन्हें इलाज देने के साथ पोषण के लिए पांच सौ रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
जिला क्षय रोग विभाग इन दिनों जिले में क्षय रोगियों की खोज में लगा हुआ है। विभाग की तीन सदस्यीय टीम घर-घर जाकर जानकारी कर रही है। टीम के सदस्य संभावित मरीजों को समझाकर उन्हें बलगम के कलेक्शन करने के लिए डिब्बी दे रहे हैं। उसके बाद उसे दूसरे दिन सुबह एकत्रित भी कर रहे हैं।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल सागर वशिष्ठ ने बताया कि 2 से 12 जनवरी तक सक्रिय क्षय रोगी अभियान चलाया गया है। मरीजों की खोज के लिए तीन लोगों की टीम बनाई गई है। यह टीमें मोहल्लों में जाकर टीबी रोगियों की खोज करती हैं। उन्होंने बताया कि बलगम की जांच में जिनको बीमारी निकलती है, उन्हें मुफ्त दवा दी जाती है। जिन लोगों को यह दवा दी जाती है। उनको इलाज के चलने तक पांच रुपये प्रति महीने पोषण के लिए भी दिए जाएंगे।
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