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मंडी के रिटायर कर्मी ने कर दिया 14 लाख रुपये का गबन
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
अलीगढ़ रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी आए-दिन चर्चाओं में रहती है। अब एक मंडी के लिपिक ने कई फर्मों से पैसे लेने के बाद खजाने में जमा नहीं किया। करीब 14 लाख रुपये का गबन कर लिया है। अब पत्रावलियां खंगाली गईं तो तब इस मामले का खुलासा हुआ है। इस कर्मी द्वारा किसी तबादले के बाद चार्ज तक नहीं दिया गया है। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में पूर्व में ताला तुड़वाया था। अब उसके खिलाफ मंडी सचिव द्वारा थाना हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
उल्लेखनीय है कि कृषि उत्पादन मंडी में लिपिक के पद पर लेखराज सिंह तैनात रहा। 31 दिसंबर 2017 को इस कर्मी को अलीगढ़ ऑफिस से संबद्ध कर दिया गया। वहीं से सेवानिवृत्त हो गया। इससे पूर्व लिपिक ने कई फर्मों से टैक्स और किराये से संबंधित चेक लिए। यह चेक अस्वीकृत हो गए। लाखों रुपये का यह मामला कई साल से फाइलों में दबा हुआ था। मंडी का राजस्व भी गिर रहा था। मंडी सचिव यशपाल सिंह ने इस मामले की फाइल निकलवाने के साथ बैंकों से पड़ताल की। जिन फर्मों के मालिक ने चेक दिए, उनसे सपंर्क किया। उसमें पता चला कि उन्होंने अर्थदंड के साथ मंडी के खजाने में पैसा जमा कर दिया। मंडी सचिव को व्यापारियों ने रसीद भी दिखाई। मंडी सचिव की माने तो करीब इस कर्मी द्वारा 14 लाख रुपये का गबन किया गया है। इसके खिलाफ थाना हाथरस गेट में सरकारी पैसे का गबन करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
- खजाने में तैनात लिपिक लेखराज द्वारा फर्मों से पैसा लेने के बाद खजाने में जमा नहीं किया गया है। व्यापारियों ने अर्थदंड के साथ पैसा जमा कर दिया है। इस कर्मी द्वारा करीब 14 लाख रुपये का गबन किया गया है। इसके खिलाफ थाना हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। - यशपाल सिंह, मंडी सचिव
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अलीगढ़ रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी आए-दिन चर्चाओं में रहती है। अब एक मंडी के लिपिक ने कई फर्मों से पैसे लेने के बाद खजाने में जमा नहीं किया। करीब 14 लाख रुपये का गबन कर लिया है। अब पत्रावलियां खंगाली गईं तो तब इस मामले का खुलासा हुआ है। इस कर्मी द्वारा किसी तबादले के बाद चार्ज तक नहीं दिया गया है। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में पूर्व में ताला तुड़वाया था। अब उसके खिलाफ मंडी सचिव द्वारा थाना हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
उल्लेखनीय है कि कृषि उत्पादन मंडी में लिपिक के पद पर लेखराज सिंह तैनात रहा। 31 दिसंबर 2017 को इस कर्मी को अलीगढ़ ऑफिस से संबद्ध कर दिया गया। वहीं से सेवानिवृत्त हो गया। इससे पूर्व लिपिक ने कई फर्मों से टैक्स और किराये से संबंधित चेक लिए। यह चेक अस्वीकृत हो गए। लाखों रुपये का यह मामला कई साल से फाइलों में दबा हुआ था। मंडी का राजस्व भी गिर रहा था। मंडी सचिव यशपाल सिंह ने इस मामले की फाइल निकलवाने के साथ बैंकों से पड़ताल की। जिन फर्मों के मालिक ने चेक दिए, उनसे सपंर्क किया। उसमें पता चला कि उन्होंने अर्थदंड के साथ मंडी के खजाने में पैसा जमा कर दिया। मंडी सचिव को व्यापारियों ने रसीद भी दिखाई। मंडी सचिव की माने तो करीब इस कर्मी द्वारा 14 लाख रुपये का गबन किया गया है। इसके खिलाफ थाना हाथरस गेट में सरकारी पैसे का गबन करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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- खजाने में तैनात लिपिक लेखराज द्वारा फर्मों से पैसा लेने के बाद खजाने में जमा नहीं किया गया है। व्यापारियों ने अर्थदंड के साथ पैसा जमा कर दिया है। इस कर्मी द्वारा करीब 14 लाख रुपये का गबन किया गया है। इसके खिलाफ थाना हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। - यशपाल सिंह, मंडी सचिव
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