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स्वच्छता सर्वेक्षण में वोटिंग लक्ष्य से दूर है जिला
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:37 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। जिले में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए एप के माध्यम से वोटिंग की जा रही है। इसके लिए एक अगस्त से वोटिंग शुरू हुई। अभी तक जिले से दो हजार लोगों ने इस एप के माध्यम से वोटिंग की है। इसे लेकर विभागीय अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं। 22 दिन बीत जाने के बाद भी जिस तरीके के परिणाम आने चाहिए, उससे विभागीय अधिकारी कोसों दूर हैं।
अब विभाग अन्य तरीकों से इस वोटिंग लक्ष्य को पाने में लगा हुआ है। अगर जिले से 65 हजार लोगों ने इस एप के माध्यम से वोटिंग नहीं की तो स्वच्छता की रेटिंग से यह जिला बाहर हो जाएगा। हालांकि इस एप के प्रचार-प्रसार के लिए विभाग की ओर से बेलगाम खर्चा किया जा रहा है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही।
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 12 लाख की आबादी है। इसके अनुसार कम से कम पांच फीसदी लोगों को स्वच्छता सर्वेक्षण में अपनी भागीदारी देनी है। इस एप के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के बारे में राय देनी है। विभाग को 31 अगस्त तक प्रतिदिन सात हजार लोगों से इस एप में वोटिंग करानी होगी। उसके बाद ही जिला स्वच्छता सर्वेक्षण की रेटिंग में शामिल हो सकेगा।
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विभागीय स्तर से इसके लिए स्वच्छता प्रेरक, सफाई कर्मियों, अन्य सरकारी विभागों में भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यहां तक कि जिले के सभी इंटर और डिग्री कॉलेजों को भी इस सर्वेक्षण में अपना योगदान देने के बारे में पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन इस सर्वेक्षण की वोटिंग में सुधार नहीं आ पा रहा है। अब विभागीय अधिकारी स्वयं कॉलेजों में जाकर बच्चों और स्टाफ को इसके लिए जागरूक करने की योजना बना रहे हैं।
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हाथरस। जिले में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए एप के माध्यम से वोटिंग की जा रही है। इसके लिए एक अगस्त से वोटिंग शुरू हुई। अभी तक जिले से दो हजार लोगों ने इस एप के माध्यम से वोटिंग की है। इसे लेकर विभागीय अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं। 22 दिन बीत जाने के बाद भी जिस तरीके के परिणाम आने चाहिए, उससे विभागीय अधिकारी कोसों दूर हैं।
अब विभाग अन्य तरीकों से इस वोटिंग लक्ष्य को पाने में लगा हुआ है। अगर जिले से 65 हजार लोगों ने इस एप के माध्यम से वोटिंग नहीं की तो स्वच्छता की रेटिंग से यह जिला बाहर हो जाएगा। हालांकि इस एप के प्रचार-प्रसार के लिए विभाग की ओर से बेलगाम खर्चा किया जा रहा है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही।
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जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 12 लाख की आबादी है। इसके अनुसार कम से कम पांच फीसदी लोगों को स्वच्छता सर्वेक्षण में अपनी भागीदारी देनी है। इस एप के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के बारे में राय देनी है। विभाग को 31 अगस्त तक प्रतिदिन सात हजार लोगों से इस एप में वोटिंग करानी होगी। उसके बाद ही जिला स्वच्छता सर्वेक्षण की रेटिंग में शामिल हो सकेगा।
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विभागीय स्तर से इसके लिए स्वच्छता प्रेरक, सफाई कर्मियों, अन्य सरकारी विभागों में भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यहां तक कि जिले के सभी इंटर और डिग्री कॉलेजों को भी इस सर्वेक्षण में अपना योगदान देने के बारे में पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन इस सर्वेक्षण की वोटिंग में सुधार नहीं आ पा रहा है। अब विभागीय अधिकारी स्वयं कॉलेजों में जाकर बच्चों और स्टाफ को इसके लिए जागरूक करने की योजना बना रहे हैं।