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मिश्रित दूध और रिफायंड पाम ऑयल के नमूने फेल
Updated Fri, 21 Jul 2017 12:26 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
एफडीए द्वारा सितंबर 2016 और मार्च 2017 में लिए गए दो खाद्य पदार्थों के नमूनों की रिपोर्ट गुरुवार को आ गई। जांच रिपोर्ट में यह दोनों नमूने अधोमानक पाए गए हैं। अब इनके विक्रेताओं के खिलाफ विभाग नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएगा।
एफडीए की जिला अभिहीत अधिकारी डॉ. श्वेता सैनी के निर्देशन में 27 सितंबर 2016 को गांव रड़ावली से कुलदीप सेंगर के यहां से मिश्रित दूध का नमूना लिया था। इसे जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा गया था।
इस नमूने को जांच में फैट कम पाए जाने के कारण अधोमानक पाया गया है। आठ मार्च 2017 को नवींपुर रोड हाथरस से मनोज कुमार के यहां से रिफायंड पाम ऑयल का नमूना भरा गया। यह नमूना भी बीआर रीडिंग कम पाए जाने के कारण अधोमानक पाया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग अब इन विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
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एफडीए द्वारा सितंबर 2016 और मार्च 2017 में लिए गए दो खाद्य पदार्थों के नमूनों की रिपोर्ट गुरुवार को आ गई। जांच रिपोर्ट में यह दोनों नमूने अधोमानक पाए गए हैं। अब इनके विक्रेताओं के खिलाफ विभाग नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएगा।
एफडीए की जिला अभिहीत अधिकारी डॉ. श्वेता सैनी के निर्देशन में 27 सितंबर 2016 को गांव रड़ावली से कुलदीप सेंगर के यहां से मिश्रित दूध का नमूना लिया था। इसे जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा गया था।
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इस नमूने को जांच में फैट कम पाए जाने के कारण अधोमानक पाया गया है। आठ मार्च 2017 को नवींपुर रोड हाथरस से मनोज कुमार के यहां से रिफायंड पाम ऑयल का नमूना भरा गया। यह नमूना भी बीआर रीडिंग कम पाए जाने के कारण अधोमानक पाया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग अब इन विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
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