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आरक्षण से समाज को हुए लाभ हानि की हो समीक्षा
Updated Fri, 06 Jul 2018 07:36 PM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
जनजागरण एवं विकास संस्थान के कार्यकर्ताओं ने आरक्षण की पुन: समीक्षा की मांग करते हुए राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है।
वक्ताओं ने कहा कि आरक्षण से वंचित समाज को कितना लाभ हुआ और समाज में इससे कितना नुकसान हुआ, इसकी समीक्षा नहीं हुई है। वर्तमान में आरक्षण ने समाज को विभाजन के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। संविधान निर्माण के समय यह विषय सुनिश्चित किया गया कि समाज में निर्धन और वंचित किस्म के लोगों को समानता के अवसर प्रदान करने के लिए आरक्षण दिया जाए।
इसके लिए निश्चित अवधि भी निर्धारित की गई। समानता, अधिकार व प्रतिनिधित्व की अभिलाषा से शुरू हुआ आरक्षण अब असमानता, वंचितता और पिछड़ेपन का कारण बन चुका है। बात जातियों को एक साथ उन्नति के पथ पर लाने को लेकर शुरू हुई थी, लेकिन अब जातियों में एक-दूसरे के प्रति घृणा का जो स्तर है, वह बहुत ही चिंताजनक है।
आरक्षण ने देश में वह माहौल उत्पन्न कर दिया है, जिससे अकर्मण्यता और अयोग्यता के पुरस्कृत होने से परिश्रम तथा पात्रता हतोत्साहित हो रही है। ज्ञापन देने वालों में आशीष सेंगर, सोहन सिंह, प्रदीप सिंह, अजय चौधरी, हेमंत सिंह, अजीत सिंह, अखिल पचौरी, प्रदीप शर्मा, महेश दीक्षित, हेमंत सिंह, अखंड प्रताप सिंह, अरविंद गौतम आदि मौजूद थे।
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जनजागरण एवं विकास संस्थान के कार्यकर्ताओं ने आरक्षण की पुन: समीक्षा की मांग करते हुए राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है।
वक्ताओं ने कहा कि आरक्षण से वंचित समाज को कितना लाभ हुआ और समाज में इससे कितना नुकसान हुआ, इसकी समीक्षा नहीं हुई है। वर्तमान में आरक्षण ने समाज को विभाजन के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। संविधान निर्माण के समय यह विषय सुनिश्चित किया गया कि समाज में निर्धन और वंचित किस्म के लोगों को समानता के अवसर प्रदान करने के लिए आरक्षण दिया जाए।
इसके लिए निश्चित अवधि भी निर्धारित की गई। समानता, अधिकार व प्रतिनिधित्व की अभिलाषा से शुरू हुआ आरक्षण अब असमानता, वंचितता और पिछड़ेपन का कारण बन चुका है। बात जातियों को एक साथ उन्नति के पथ पर लाने को लेकर शुरू हुई थी, लेकिन अब जातियों में एक-दूसरे के प्रति घृणा का जो स्तर है, वह बहुत ही चिंताजनक है।
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आरक्षण ने देश में वह माहौल उत्पन्न कर दिया है, जिससे अकर्मण्यता और अयोग्यता के पुरस्कृत होने से परिश्रम तथा पात्रता हतोत्साहित हो रही है। ज्ञापन देने वालों में आशीष सेंगर, सोहन सिंह, प्रदीप सिंह, अजय चौधरी, हेमंत सिंह, अजीत सिंह, अखिल पचौरी, प्रदीप शर्मा, महेश दीक्षित, हेमंत सिंह, अखंड प्रताप सिंह, अरविंद गौतम आदि मौजूद थे।
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