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डॉ.अनिल को पाला बदलने की रही सियासी गलियारों में चर्चाएं
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अपने पद के इस्तीफा देने के बाद पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी को लेकर पूरे दिन यहां राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चाएं रहीं। यह चर्चा रही कि भविष्य में डॉ. अनिल चौधरी भाजपा में शामिल हो सकते हैं, लेकिन डॉ. चौधरी का कहना था कि उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है, पार्टी से नहीं। उनकी निष्ठा पार्टी में बरकरार है।
उल्लेखनीय है कि रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ.अनिल चौधरी ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके पीछे उनकी यह नाराजगी थी कि मथुरा संसदीय सीट से पार्टी किसी स्थानीय कार्यकर्ता को टिकट नहीं दे रही। उनके इस्तीफा देने के बाद पूरे दिन यहां डॉ. अनिल को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं होती रहीं। यह चर्चा रही कि वह पाला बदलकर भाजपा का दामन थाम सकते हैं।
इसे लेकर जब डॉ. अनिल से पूछा गया तो उनका कहना था कि इसमें कतई सच्चाई नहीं है। भाजपा और अन्य किसी दल के नेता ने उनसे कोई संपर्क भी नहीं किया है और वैसे भी उनकी निष्ठा पूरी तरह से पार्टी के साथ है। उनका बस यही कहना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मथुरा संसदीय सीट से किसी स्थानीय कार्यकर्ता को टिकट दे।
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अपने पद के इस्तीफा देने के बाद पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी को लेकर पूरे दिन यहां राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चाएं रहीं। यह चर्चा रही कि भविष्य में डॉ. अनिल चौधरी भाजपा में शामिल हो सकते हैं, लेकिन डॉ. चौधरी का कहना था कि उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है, पार्टी से नहीं। उनकी निष्ठा पार्टी में बरकरार है।
उल्लेखनीय है कि रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ.अनिल चौधरी ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके पीछे उनकी यह नाराजगी थी कि मथुरा संसदीय सीट से पार्टी किसी स्थानीय कार्यकर्ता को टिकट नहीं दे रही। उनके इस्तीफा देने के बाद पूरे दिन यहां डॉ. अनिल को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं होती रहीं। यह चर्चा रही कि वह पाला बदलकर भाजपा का दामन थाम सकते हैं।
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इसे लेकर जब डॉ. अनिल से पूछा गया तो उनका कहना था कि इसमें कतई सच्चाई नहीं है। भाजपा और अन्य किसी दल के नेता ने उनसे कोई संपर्क भी नहीं किया है और वैसे भी उनकी निष्ठा पूरी तरह से पार्टी के साथ है। उनका बस यही कहना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मथुरा संसदीय सीट से किसी स्थानीय कार्यकर्ता को टिकट दे।
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