{"_id":"5851863b4f1c1bfd0764a0dd","slug":"10-years-imprisonment-in-the-attack-two-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानलेवा हमले में दो लोगों को 10 साल की कैद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानलेवा हमले में दो लोगों को 10 साल की कैद
अमर उजाला, हाथरस
Updated Wed, 14 Dec 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
court shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने जानलेवा हमले के तीन आरोपियों दोषी करार दिया है। न्यायालय ने इनमें से हाजिर हुए दो अभियुक्तों को 10-10 साल की कैद एवं 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर इन दोनों को पांच-पांच माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली सादाबाद पुलिस को विलियम सिंह निवासी ग्राम सरौठ ने एक तहरीर दी, जिसमें आरोप था कि 22 जुलाई 2014 को सुबह छह बजे उसका भाई बंटी उर्फ सूरज प्रताप अपने घर से खेत पर जाने के लिए निकला।
तभी रास्ते में घर से बाहर निकलते ही गुड्डू उर्फ हेमराज और श्यामसुंदर पुत्रगण बच्चू सिंह एवं दीपू पुत्र हेमराज ने गाली-गलौज करते हुए उसे रोक लिया। उसके भाई ने गाली देने से मना किया तो गुड्डू और दीपू ने अपने अपने तमंचे से गोली मारना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
उसके भाई के एक गोली बाजू में और दूसरी पेट में लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर गांव के बहुत से लोग आ गए और उन्होंने उसके भाई को बचाया। यह लोग मौके से भागते समय भविष्य में परिवार सहित जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए।
यह लोग दबंग और गुंडे किस्म के लोग हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद न्यायालय में हाजिर हुए गुड्डू उर्फ हेमराज और दीपू उर्फ दिगपाल को प्राण घातक हमले के आरोप में यह सजा सुनाई है।
अभियुक्तों को धारा 506 में भी दो-दो वर्ष के कारावास एवं एक-एक हजार के अर्थदंड की सजा दी गई है। यह सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय ने की।
वहीं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी ने जानलेवा हमले के आरोपी श्यामसुंदर पुत्र बच्चू सिंह के खिलाफ कोतवाली सादाबाद पुलिस को आईपीसी की धारा 82-83 के तहत कुर्की की कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं, जिससे न्यायालय में उपस्थित होने पर सजा के बिंदु पर सुनवाई हो सके।
विज्ञापन
अर्थदंड अदा नहीं करने पर इन दोनों को पांच-पांच माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली सादाबाद पुलिस को विलियम सिंह निवासी ग्राम सरौठ ने एक तहरीर दी, जिसमें आरोप था कि 22 जुलाई 2014 को सुबह छह बजे उसका भाई बंटी उर्फ सूरज प्रताप अपने घर से खेत पर जाने के लिए निकला।
विज्ञापन
तभी रास्ते में घर से बाहर निकलते ही गुड्डू उर्फ हेमराज और श्यामसुंदर पुत्रगण बच्चू सिंह एवं दीपू पुत्र हेमराज ने गाली-गलौज करते हुए उसे रोक लिया। उसके भाई ने गाली देने से मना किया तो गुड्डू और दीपू ने अपने अपने तमंचे से गोली मारना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
उसके भाई के एक गोली बाजू में और दूसरी पेट में लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर गांव के बहुत से लोग आ गए और उन्होंने उसके भाई को बचाया। यह लोग मौके से भागते समय भविष्य में परिवार सहित जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए।
यह लोग दबंग और गुंडे किस्म के लोग हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद न्यायालय में हाजिर हुए गुड्डू उर्फ हेमराज और दीपू उर्फ दिगपाल को प्राण घातक हमले के आरोप में यह सजा सुनाई है।
अभियुक्तों को धारा 506 में भी दो-दो वर्ष के कारावास एवं एक-एक हजार के अर्थदंड की सजा दी गई है। यह सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय ने की।
वहीं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी ने जानलेवा हमले के आरोपी श्यामसुंदर पुत्र बच्चू सिंह के खिलाफ कोतवाली सादाबाद पुलिस को आईपीसी की धारा 82-83 के तहत कुर्की की कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं, जिससे न्यायालय में उपस्थित होने पर सजा के बिंदु पर सुनवाई हो सके।