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Hardoi News: दस साल के बालक की हत्या में युवक को उम्रकैद
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हरदोई। साढ़े छह साल पुराने मामले में 10 साल के बालक की हत्या के दोषी युवक को अपर जिला न्यायाधीश प्रीती श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश वाजपेयी और मानवेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के अलमापुर निवासी मेवालाल उर्फ वीरेंद्र की पत्नी रेनू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 21 जुलाई 2017 की सुबह नौ बजे रेनू का देवर रामाधार, सास नंदरानी और बेटे सोनू (10) पर खेत में निराई कर रहे थे उसी समय चचेरे देवर लखपतिया उर्फ लखन ने मकान के विवाद में धारदार हथियार (बांका ) से हमला कर दिया। घटना के बाद बांका लहराते हुए भाग गया। तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम में ले जाया गया। जहां से सोनू को मृत घोषित कर दिया गया। मामले की सुनवाई 133 पेशियों में पूरी हुई। अपर जिला जज प्रीती श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों के तर्काें और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लखपतिया उर्फ लखन को हत्या का दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश वाजपेयी और मानवेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के अलमापुर निवासी मेवालाल उर्फ वीरेंद्र की पत्नी रेनू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 21 जुलाई 2017 की सुबह नौ बजे रेनू का देवर रामाधार, सास नंदरानी और बेटे सोनू (10) पर खेत में निराई कर रहे थे उसी समय चचेरे देवर लखपतिया उर्फ लखन ने मकान के विवाद में धारदार हथियार (बांका ) से हमला कर दिया। घटना के बाद बांका लहराते हुए भाग गया। तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम में ले जाया गया। जहां से सोनू को मृत घोषित कर दिया गया। मामले की सुनवाई 133 पेशियों में पूरी हुई। अपर जिला जज प्रीती श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों के तर्काें और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लखपतिया उर्फ लखन को हत्या का दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश वाजपेयी और मानवेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के अलमापुर निवासी मेवालाल उर्फ वीरेंद्र की पत्नी रेनू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 21 जुलाई 2017 की सुबह नौ बजे रेनू का देवर रामाधार, सास नंदरानी और बेटे सोनू (10) पर खेत में निराई कर रहे थे उसी समय चचेरे देवर लखपतिया उर्फ लखन ने मकान के विवाद में धारदार हथियार (बांका ) से हमला कर दिया। घटना के बाद बांका लहराते हुए भाग गया। तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम में ले जाया गया। जहां से सोनू को मृत घोषित कर दिया गया। मामले की सुनवाई 133 पेशियों में पूरी हुई। अपर जिला जज प्रीती श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों के तर्काें और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लखपतिया उर्फ लखन को हत्या का दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश वाजपेयी और मानवेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के अलमापुर निवासी मेवालाल उर्फ वीरेंद्र की पत्नी रेनू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 21 जुलाई 2017 की सुबह नौ बजे रेनू का देवर रामाधार, सास नंदरानी और बेटे सोनू (10) पर खेत में निराई कर रहे थे उसी समय चचेरे देवर लखपतिया उर्फ लखन ने मकान के विवाद में धारदार हथियार (बांका ) से हमला कर दिया। घटना के बाद बांका लहराते हुए भाग गया। तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम में ले जाया गया। जहां से सोनू को मृत घोषित कर दिया गया। मामले की सुनवाई 133 पेशियों में पूरी हुई। अपर जिला जज प्रीती श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों के तर्काें और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लखपतिया उर्फ लखन को हत्या का दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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