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Hardoi News: 14 साल में आई एक्सरे मशीन, दो माह में इंस्टॉल, एक्सरे अब भी नहीं हो पा रहे
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सवायजपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना के 14 साल बाद एक्सरे मशीन आई। सितंबर में आई मशीन को नवंबर में इंस्टॉल किया जा सका। दिसंबर के भी 22 दिन बीत चुके हैं लेकिन 18 लाख रुपये की मशीन से अब तक एक भी एक्सरे नहीं हो पाए।
कस्बे के पास गौरखेड़ा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। आसपास के लगभग एक सैकड़ा गांवों के 90 हजार लोगाें को सीएचसी से स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। सीएचसी में एक्सरे मशीन नहीं थी। अमर उजाला ने मुद्दा उठाया तो विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने भी शासन स्तर पर प्रयास किया। बीते सितंबर में अत्याधुनिक एक्सरे मशीन सीएचसी को मिल गई। सितंबर में आई मशीन एक कमरे में बंद हो गई और दो माह तक इंस्टॉल होने की राह देखती रही।
नवंबर में किसी तरह मशीन इंस्टॉल हुई। अर्थिंग का काम पूरा हुआ और प्रिंटर भी लग गया। इसके बावजूद भी अभी मशीन काम नहीं कर रही है। स्थानीय लोगों को एक्सरे कराने के लिए प्राइवेट सेंटर जाना पड़ता है। प्राइवेट सेंटर भी फर्रुखाबाद और हरदोई में हैं। ऐसे में मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ता है।
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मिरगावां निवासी सकटे रविवार को एक्सरे कराने के लिए सवायजपुर सीएचसी पहुंचे थे। यहां पहले बताया गया कि रविवार है। फिर बताया गया कि एक्सरे यहां हो ही नहीं पाता है। इस पर वह एक्सरे कराने शाहजहांपुर चले गए।
सिलवारी निवासी श्यामा कुमार भी सीएचसी में एक्सरे कराने गए थे। पता चला कि मशीन तो आ गई लेकिन अभी एक्सरे शुरू नहीं हुए हैं। परेशान होकर वह फर्रुखाबाद एक्सरे कराने के लिए चले गए।
मशीन का इस्तेमाल शुरू करने से पहले कुछ जानकारी करनी होती है। इसके लिए अभिलेख भेजे जा चुके हैं। अनुमति आते ही मशीन का इस्तेमाल होने लगेगा। -डॉ. पराग कुमार, सीएचसी अधीक्षक, सवायजपुर
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कस्बे के पास गौरखेड़ा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। आसपास के लगभग एक सैकड़ा गांवों के 90 हजार लोगाें को सीएचसी से स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। सीएचसी में एक्सरे मशीन नहीं थी। अमर उजाला ने मुद्दा उठाया तो विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने भी शासन स्तर पर प्रयास किया। बीते सितंबर में अत्याधुनिक एक्सरे मशीन सीएचसी को मिल गई। सितंबर में आई मशीन एक कमरे में बंद हो गई और दो माह तक इंस्टॉल होने की राह देखती रही।
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नवंबर में किसी तरह मशीन इंस्टॉल हुई। अर्थिंग का काम पूरा हुआ और प्रिंटर भी लग गया। इसके बावजूद भी अभी मशीन काम नहीं कर रही है। स्थानीय लोगों को एक्सरे कराने के लिए प्राइवेट सेंटर जाना पड़ता है। प्राइवेट सेंटर भी फर्रुखाबाद और हरदोई में हैं। ऐसे में मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ता है।
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मिरगावां निवासी सकटे रविवार को एक्सरे कराने के लिए सवायजपुर सीएचसी पहुंचे थे। यहां पहले बताया गया कि रविवार है। फिर बताया गया कि एक्सरे यहां हो ही नहीं पाता है। इस पर वह एक्सरे कराने शाहजहांपुर चले गए।
सिलवारी निवासी श्यामा कुमार भी सीएचसी में एक्सरे कराने गए थे। पता चला कि मशीन तो आ गई लेकिन अभी एक्सरे शुरू नहीं हुए हैं। परेशान होकर वह फर्रुखाबाद एक्सरे कराने के लिए चले गए।
मशीन का इस्तेमाल शुरू करने से पहले कुछ जानकारी करनी होती है। इसके लिए अभिलेख भेजे जा चुके हैं। अनुमति आते ही मशीन का इस्तेमाल होने लगेगा। -डॉ. पराग कुमार, सीएचसी अधीक्षक, सवायजपुर