लाइन से हटे मजदूर, भीड़ की समस्या हुई दूर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। ठेके के लगे मजदूरों के हटने के बाद से लगातार बैंकों में भीड़ छटने लगे हैं। भीड़ कम होने से आम आदमी को कुछ राहत जरूर मिली है। शनिवार को वरिष्ठ नागरिकों के रुपये बदले गए। बैंकों में अन्य दिनों की अपेक्षा 40 फीसदी भीड़ ही रह गई। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, जमा और निकासी के लिए अलग-अलग लगी लाइनों से लोगों को लेनदेन में आसानी हुई।
केंद्र सरकार के 500-1000 रुपये के नोट बंदी के बाद से लगातार बैंकों में भीड़ लग रही है। सबसे ज्यादा भीड़ रुपये बदलने के लिए लग रही थी। जिसमें अधिकतर ठेके पर मजदूर दिखाई दे रहे थे। केंद्र सरकार की ओर से नोट बदलने के लिए कुछ परिवर्तन करने के बाद से यह भीड़ बैंकों से धीरे-धीरे कम होने लगी है।
शनिवार को केवल वरिष्ठ नागरिकों के रुपये बदलने के आदेश से यह भीड़ बिल्कुल नदारद दिखी। पुलिस लाइन स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में गेट के बाहर भीड़ थी, लेकिन इनमें कुछ वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अन्य लोग लाइन में थे। दोपहर बाद यह लाइन धीरे-धीरे कम होने लगी। लोगों को आसानी से रुपये मिल रहे थे।
दोपहर में एचडीएफसी बैंक में भीड़ नहीं थी। यहां पर भी आसानी से लेनदेन हो रहा था। यही हाल आईडीबीआई बैंक में सुबह से आसानी से रुपये निकल रहे थे, लेकिन दोपहर बाद यहां पर रुपये खत्म होने से लोगों को दिक्कत हुई। सिनेमा रोड पर यूनियन बैंक में भी पैसे खत्म हो चुके थे। बड़ा चौराहा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में भी रुपये और जमा करने वाले लोगों की भीड़ थी।
घंटाघर रोड पर इंडियन बैंक में रुपये बदलने वालों की भीड़ नहीं थी। यहां पर सिर्फ जमा और निकासी करने वाले लोग मौजूद थे। एटीएम से रुपये निकालने में लोगों की लाइन लगी रही। प्रधान डाकघर में भी लोगों की भीड़ रही।