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Hardoi News: ग्रिड फेल हो या तार टूटे, जगमगाता रहेगा मेडिकल कॉलेज
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फोटो-05- मेडिकल कॉलेज में लगे जनरेटर। संवाद
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में अब ग्रिड फेल होने या मुख्य लाइनों के तार टूटने पर भी मेडिकल कॉलेज की बिजली गुल नहीं होगी। परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं को बिना किसी बाधा के 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 33 केवीए का नया उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए 132 केवीए मन्नापुरवा सब-स्टेशन से बिछाई गई अंडरग्राउंड केबल को चार्ज कर दिया गया है। आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए चार जनरेटर भी लगाए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन सेवाओं, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और वेंटिलेटर जैसी संवेदनशील व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए विद्युत निगम ने बैकअप का अभेद्य ढांचा तैयार किया है। उपकेंद्र पर तीन मुख्य ट्रांसफार्मर के साथ-साथ चार-चार ऑटोमैटिक जनरेटर भी लगाए जा रहे हैं। यदि मुख्य ग्रिड से सप्लाई ठप भी होती है तो यह जनरेटर तुरंत चालू होकर बिजली आपूर्ति संभाल लेंगे। इस व्यवस्था के पूरी तरह चालू होने के बाद मेडिकल कॉलेज को बिजली कटौती की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। टेस्टिंग और चार्जिंग की प्रक्रिया पूरी होते ही इस नई प्रणाली से अस्पताल को पूरी तरह से जोड़ दिया जाएगा जिससे मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
मेडिकल कॉलेज की लाइन चार्ज हो गई है। एक ट्रांसफार्मर शुरू हो गया है मगर अभी लोड नहीं डाला गया है। दो और ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं। एक ट्रांसफार्मर से चार जनरेटर जोड़े जाएंगे। इससे मेडिकल कॉलेज में निर्बाध बिजली मिलती रहेगी। विद्युत वितरण निगम का कार्य पूर्ण हो गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कार्य शेष है। 15 अगस्त तक विधिवत आपूर्ति शुरू हो जाएगी। -राजीव भट्ट, अधीक्षण अभियंता
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मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन सेवाओं, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और वेंटिलेटर जैसी संवेदनशील व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए विद्युत निगम ने बैकअप का अभेद्य ढांचा तैयार किया है। उपकेंद्र पर तीन मुख्य ट्रांसफार्मर के साथ-साथ चार-चार ऑटोमैटिक जनरेटर भी लगाए जा रहे हैं। यदि मुख्य ग्रिड से सप्लाई ठप भी होती है तो यह जनरेटर तुरंत चालू होकर बिजली आपूर्ति संभाल लेंगे। इस व्यवस्था के पूरी तरह चालू होने के बाद मेडिकल कॉलेज को बिजली कटौती की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। टेस्टिंग और चार्जिंग की प्रक्रिया पूरी होते ही इस नई प्रणाली से अस्पताल को पूरी तरह से जोड़ दिया जाएगा जिससे मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
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मेडिकल कॉलेज की लाइन चार्ज हो गई है। एक ट्रांसफार्मर शुरू हो गया है मगर अभी लोड नहीं डाला गया है। दो और ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं। एक ट्रांसफार्मर से चार जनरेटर जोड़े जाएंगे। इससे मेडिकल कॉलेज में निर्बाध बिजली मिलती रहेगी। विद्युत वितरण निगम का कार्य पूर्ण हो गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कार्य शेष है। 15 अगस्त तक विधिवत आपूर्ति शुरू हो जाएगी। -राजीव भट्ट, अधीक्षण अभियंता

फोटो-05- मेडिकल कॉलेज में लगे जनरेटर। संवाद
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