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अलीगढ़ : 12 घंटे में ही बिना डिस्चार्ज के कहां गायब हो गईं पांच प्रसूता
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अतरौली सीएचसी का निरीक्षण करते एडी हेल्थ
- फोटो : ATHROLI
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौली में बृहस्पतिवार शाम अचानक एडी हेल्थ डॉ. वीके सिंह आ पहुंचे। यहां भर्ती प्रसूताओं में से पांच प्रसूता 12 घंटे में ही बिना डिस्चार्ज के कहां गायब हो गईं? इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं था। प्रसूताओं से अवैध धन वसूली व बाहर की लिखी जा रहीं दवाओं को देख वह चौंक गए।
एडी हेल्थ जैसे ही सीएचसी पहुंचे उन्होंने स्टाफ नर्स से यहां भर्ती प्रसूताओं के बारे में जानकारी देने को कहा। स्टाफ नर्स द्वारा दी गई आधी अधूरी जानकारी से वह असंतुष्ट दिखे और नाराजगी जताई। इसके बाद वह वार्ड में भर्ती प्रसूताओं से मिल रहीं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी करने पहुंचे। यहां रिकार्ड के अनुसार भर्ती की गईं पांच प्रसूताएं मौजूद नहीं मिलीं। आखिर 12 घंटे से पहले बिना डिस्चार्ज के वह कहां चलीं गईं? इसका किसी के पास कोई उत्तर नहीं था। इसके बाद एक प्रसूता से उनका हालचाल पूछा। बैड के निकट स्टूल पर रखी दवाओं की थैली देखी तो एडी हेल्थ चौंक गए।
थैली में बाहर की दवाएं थीं। जिसमें 16 इंजेक्शन एक ही तरह के थे। थैली में कुछ एंटीबाइटिक दवाएं भी थीं। उन्होंने पूछा कि क्या डिलीवरी ऑपरेशन से हुई है तो उत्तर मिला कि डिलीवरी सामान्य रूप से हुई है। तब उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब ऑपरेशन नहीं हुआ तो एंटीबाइटिक की क्या जरूरत? इस पर भी चिकित्सक कोई जबाव नहीं दे सके। एक प्रसूता ने बताया कि उनसे डिलीवरी के बाद 1300 रुपये लिए गए हैं। सप्ताह भर पुराना एक मामला उनके सामने आया। मौसमपुर की गरीब महिला को डिलीवरी के लिए भर्ती की गई महिला का ऑपरेशन किया गया। महिला से तीन हजार रुपये की लिए गए। जिसका आरोप एक चिकित्सक पर है। इस पर एडी हेल्थ ने स्टाफ को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्रवाई की बात कही।
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एडी हेल्थ जैसे ही सीएचसी पहुंचे उन्होंने स्टाफ नर्स से यहां भर्ती प्रसूताओं के बारे में जानकारी देने को कहा। स्टाफ नर्स द्वारा दी गई आधी अधूरी जानकारी से वह असंतुष्ट दिखे और नाराजगी जताई। इसके बाद वह वार्ड में भर्ती प्रसूताओं से मिल रहीं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी करने पहुंचे। यहां रिकार्ड के अनुसार भर्ती की गईं पांच प्रसूताएं मौजूद नहीं मिलीं। आखिर 12 घंटे से पहले बिना डिस्चार्ज के वह कहां चलीं गईं? इसका किसी के पास कोई उत्तर नहीं था। इसके बाद एक प्रसूता से उनका हालचाल पूछा। बैड के निकट स्टूल पर रखी दवाओं की थैली देखी तो एडी हेल्थ चौंक गए।
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थैली में बाहर की दवाएं थीं। जिसमें 16 इंजेक्शन एक ही तरह के थे। थैली में कुछ एंटीबाइटिक दवाएं भी थीं। उन्होंने पूछा कि क्या डिलीवरी ऑपरेशन से हुई है तो उत्तर मिला कि डिलीवरी सामान्य रूप से हुई है। तब उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब ऑपरेशन नहीं हुआ तो एंटीबाइटिक की क्या जरूरत? इस पर भी चिकित्सक कोई जबाव नहीं दे सके। एक प्रसूता ने बताया कि उनसे डिलीवरी के बाद 1300 रुपये लिए गए हैं। सप्ताह भर पुराना एक मामला उनके सामने आया। मौसमपुर की गरीब महिला को डिलीवरी के लिए भर्ती की गई महिला का ऑपरेशन किया गया। महिला से तीन हजार रुपये की लिए गए। जिसका आरोप एक चिकित्सक पर है। इस पर एडी हेल्थ ने स्टाफ को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्रवाई की बात कही।
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