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Hardoi News: डीएम हुए सख्त तो नई टाेटियां आईं, हो गई सफाई मगर फर्श पर ही बैठने को मजबूर मरीज
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हरदोई। अमर उजाला की खबरों को संज्ञान में लेकर मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी के सख्त तेवरों का असर दिखने लगा है।
निरीक्षण के 24 घंटे के अंदर ही वाटर काउंटर पर पानी की टोटियां लगा दी गईं और सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसके ठीक उलट डीएम के निर्देशों के बाद भी ओपीडी में मरीजों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था नहीं की गई। ओपीडी में फर्श पर ही मरीज और तीमारदार बैठे नजर आए।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पैथोलॉजी के बाहर मरीजों के लिए चार नए काउंटर लगवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कॉलेज के जिम्मेदारों ने एक भी काउंटर नहीं बढ़ाया। हालांकि, महिला और पुरुष रोगियों के काउंटर अलग-अलग कर दिए गए और कुछ हद तक इससे राहत भी मिली। एक्सरे कक्ष के पास लगे वाटर काउंटर पर पानी की टोटियां डीएम की नाराजगी के बाद बदल गईं और यहां सफाई भी करा दी गई। नतीजा यह हुआ कि मरीजों को राहत मिली और मरीज व तीमारदार इस वाटर काउंटर पर पानी पीते नजर आए। मेडिकल कॉलेज परिसर में जगह-जगह नजर आई गंदगी की सफाई के लिए शनिवार को विशेष अभियान चला। इस अभियान की निगरानी खुद मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. जेके वर्मा करते नजर आए।
मेडिकल कॉलेज परिसर में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद करने के निर्देश डीएम ने दिए थे। उन्होंने कहा था कि सिर्फ मरीजों को लाने वाले वाहनों को अंदर प्रवेश दिया जाए। यह वाहन भी मरीज को अंदर उतारकर मेडिकल कॉलेज परिसर से बाहर चले जाएं। इसको लेकर सख्ती करने के निर्देश भी दिए गए थे। शनिवार को मेडिकल कॉलेज के दोनों गेट पर इस सख्ती का असर दिखा, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने निजी जान पहचान वालों को वाहन समेत अंदर जाने की ढिलाई भी दी। इस कारण बाइकें अंदर चली गईं और डीएम के निर्देश का पूरी तरह से पालन नहीं हो पाया।
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पूरे मामले में मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. जेके वर्मा ने बताया कि ओपीडी में मरीजों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। कुर्सियों की आपूर्ति के लिए ऑर्डर कर दिया गया है। पैथोलॉजी पर काउंटर इसलिए नहीं बढ़ पाए क्योंकि कर्मचारियों की तैनाती नहीं थी। शनिवार शाम कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं और सोमवार से काउंटर लग जाएगा।
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निरीक्षण के 24 घंटे के अंदर ही वाटर काउंटर पर पानी की टोटियां लगा दी गईं और सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसके ठीक उलट डीएम के निर्देशों के बाद भी ओपीडी में मरीजों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था नहीं की गई। ओपीडी में फर्श पर ही मरीज और तीमारदार बैठे नजर आए।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पैथोलॉजी के बाहर मरीजों के लिए चार नए काउंटर लगवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कॉलेज के जिम्मेदारों ने एक भी काउंटर नहीं बढ़ाया। हालांकि, महिला और पुरुष रोगियों के काउंटर अलग-अलग कर दिए गए और कुछ हद तक इससे राहत भी मिली। एक्सरे कक्ष के पास लगे वाटर काउंटर पर पानी की टोटियां डीएम की नाराजगी के बाद बदल गईं और यहां सफाई भी करा दी गई। नतीजा यह हुआ कि मरीजों को राहत मिली और मरीज व तीमारदार इस वाटर काउंटर पर पानी पीते नजर आए। मेडिकल कॉलेज परिसर में जगह-जगह नजर आई गंदगी की सफाई के लिए शनिवार को विशेष अभियान चला। इस अभियान की निगरानी खुद मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. जेके वर्मा करते नजर आए।
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मेडिकल कॉलेज परिसर में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद करने के निर्देश डीएम ने दिए थे। उन्होंने कहा था कि सिर्फ मरीजों को लाने वाले वाहनों को अंदर प्रवेश दिया जाए। यह वाहन भी मरीज को अंदर उतारकर मेडिकल कॉलेज परिसर से बाहर चले जाएं। इसको लेकर सख्ती करने के निर्देश भी दिए गए थे। शनिवार को मेडिकल कॉलेज के दोनों गेट पर इस सख्ती का असर दिखा, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने निजी जान पहचान वालों को वाहन समेत अंदर जाने की ढिलाई भी दी। इस कारण बाइकें अंदर चली गईं और डीएम के निर्देश का पूरी तरह से पालन नहीं हो पाया।
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पूरे मामले में मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. जेके वर्मा ने बताया कि ओपीडी में मरीजों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। कुर्सियों की आपूर्ति के लिए ऑर्डर कर दिया गया है। पैथोलॉजी पर काउंटर इसलिए नहीं बढ़ पाए क्योंकि कर्मचारियों की तैनाती नहीं थी। शनिवार शाम कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं और सोमवार से काउंटर लग जाएगा।