{"_id":"6aa44627b5cf8f832b0b29c4","slug":"water-levels-of-the-garra-and-ganga-rivers-have-risen-water-has-entered-the-villages-hardoi-news-c-213-1-hra1001-156488-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: गर्रा और गंगा का जलस्तर बढ़ा, गांवों में घुसा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: गर्रा और गंगा का जलस्तर बढ़ा, गांवों में घुसा पानी
विज्ञापन
फोटो 47: चिरंजू पुरवा में खेत भरा पानी। संवाद
हरदोई/बिलग्राम/सांडी/हरपालपुर। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से गंगा और गर्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कटरी और कटियारी क्षेत्र में बाढ़ का पानी घरों में तक पहुंच गया है। आबादी में पानी भरने से लोगों को दैनिक कामकाज निपटाने में दिक्कतें आ रही हैं। घरों तक पानी भरने से प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट कराया गया है।
बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से गर्रा नदी में तेजी से पानी बढ़ा है। बिलग्राम क्षेत्र में नगर से गंगा नदी की दूरी छह किलोमीटर है। जरसेनामऊ से बाढ़ की शुरुआत होती है। राजघाट के छिबरामऊ समेत पूरे कटरी इलाके को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। दक्षिण में गंगा नदी का पानी करीब 10 किलोमीटर तक फैलाव लेता है तो पश्चिम में गर्रा नदी का पानी सांडी के चुन्नी पुरवा, मालवा अखवेलपुर की तरफ जाता है। चुन्नी पुरवा गांव की आबादी में पानी घुसा है। 107 लोगों को प्रशासन ने तिलमई खेड़ा के राहत शिविर में रोका हुआ है। जरसेनामऊ स्कूल से आबादी, म्योरा, पुन्ना पुरवा, जरेला, मदारी पुरवा में पानी घुसने के करीब है। मल्लावां के मगरहा, काल्हामऊ, माधोगंज के गौरा फत्तेपुर समेत कई गांवों में फसलों में पानी भर गया है। बिलग्राम के 45 गांव की कृषि बाढ़ से प्रभावित हो चुकी है।
बाढ़ ने नौखेपुरवा, मदारी पुरवा, सोनारी पुरवा, कटरी महादेवा, कटरी बिलुही समेत पूरे कटरी क्षेत्र को पानी-पानी कर दिया है। प्रभावित लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के पंद्रह सौ से अधिक परिवारों का सड़क मार्ग से संपर्क कट चुका है। आवागमन के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। करीब 14 नाव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाया गया है। वहीं बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में बिजली भी कटी हुई है। प्रकाश व्यवस्था का संकट खड़ा है, बैटरियों की चार्जिंग की समस्या है। चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी, ईंधन की समस्या है। मवेशियों का चारा और उनका रखरखाव भी भारी पड़ रहा है। सुरक्षित किए भूसे को ग्रामीण निकाल रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था स्कूलों में पानी भर जाने से पूरी तरह ठप हो चुकी है। जलस्तर बढ़ने ने फसलें खराब हो रही हैं। प्रशासनिक सहायता क्षेत्र में बाढ़ के कारण प्रशासन सक्रिय है। एसडीएम एन राम, तहसीलदार दीपक गौतम, एनटी मुकेश कुमार क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। एसडीएम के मुताबिक, 1,523 राहत किट आबादी के लोगों को वितरित की जा चुकी हैं। तिलमई खेड़ा राहत शिविर में 107 से अधिक ग्रामीणों को पका-पकाया भोजन दिया जा रहा है।
विज्ञापन
हरपालपुर क्षेत्र में बेड़ीजोर, दहेलिया मार्ग पर छह जगह सड़क पर एक से दो फीट तक बाढ़ का पानी धार के रूप में चल रहा है। इससे कई गांवों का संपर्क कट गया है। दहेलिया से चंद्रमपुर तक मार्ग पर दहेलिया, मुरवा शहाबुद्दीनपुर, अदनियां, तिवारीपुरवा, छंगापुरवा, चंद्रमपुर तक करीब आठ किलोमीटर सड़क बाढ़ के पानी के कारण प्रभावित है। इन गांवों का संपर्क थाना अरवल और ब्लॉक हरपालपुर से तरह कट गया है।
एसडीएम ने बाढ़ पीड़ितों का दर्द जाना और साथ किया भोजन
एसडीएम सवायजपुर शिवानी सिंह ने शुक्रवार को बरौली बाढ़ चौकी और बिलग्राम एसडीएम एन राम ने तिलमई खेड़ा के राहत शिविर पर प्रभावित को पका-पकाया भोजन वितरित किया। प्रभावितों के साथ ही खाना भी खाया। इसके बाद बाढ़ चौकियों और गांवों का निरीक्षण किया। इस मौके पर नायब तहसीलदार राजेश कुमार पटेल, राजस्व निरीक्षक पवन द्विवेदी, मदनपाल राजपूत, लेखपाल दिव्यांशु कुमार मौजूद रहे। अदनियां गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर दवाएं बांटीं।
गंगा का पानी खतरे और गर्रा का पानी चेतावनी के पार
बैराजों के पानी से गंगा नदी का पानी शुक्रवार को राजघाट पर खतरे के निशान 125.81 मीटर गेज से ऊपर पहुंच गया। पानी 125.99 मीटर गेज पर है। वहीं फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर खतरे के निशान 137.15 मीटर गेज पर तीसरे दिन में बना हुआ है। गंगा नदी में नरौरा बैराज से 86,985 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 137.10 मीटर गेज पर पहुंचा है। गर्रा नदी का पानी सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर चेतावनी बिंदु 129.15 मीटर गेज से 1.33 मीटर ऊपर 130.48 मीटर पर पहुंच गया है। गर्रा नदी में नानक सागर बैराज से 1,034 क्यूसेक और 4,329 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में कमी से अगले दो दिन बाद बाढ़ के स्थिति में सुधार की संभावना है।
विज्ञापन
बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से गर्रा नदी में तेजी से पानी बढ़ा है। बिलग्राम क्षेत्र में नगर से गंगा नदी की दूरी छह किलोमीटर है। जरसेनामऊ से बाढ़ की शुरुआत होती है। राजघाट के छिबरामऊ समेत पूरे कटरी इलाके को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। दक्षिण में गंगा नदी का पानी करीब 10 किलोमीटर तक फैलाव लेता है तो पश्चिम में गर्रा नदी का पानी सांडी के चुन्नी पुरवा, मालवा अखवेलपुर की तरफ जाता है। चुन्नी पुरवा गांव की आबादी में पानी घुसा है। 107 लोगों को प्रशासन ने तिलमई खेड़ा के राहत शिविर में रोका हुआ है। जरसेनामऊ स्कूल से आबादी, म्योरा, पुन्ना पुरवा, जरेला, मदारी पुरवा में पानी घुसने के करीब है। मल्लावां के मगरहा, काल्हामऊ, माधोगंज के गौरा फत्तेपुर समेत कई गांवों में फसलों में पानी भर गया है। बिलग्राम के 45 गांव की कृषि बाढ़ से प्रभावित हो चुकी है।
विज्ञापन
बाढ़ ने नौखेपुरवा, मदारी पुरवा, सोनारी पुरवा, कटरी महादेवा, कटरी बिलुही समेत पूरे कटरी क्षेत्र को पानी-पानी कर दिया है। प्रभावित लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के पंद्रह सौ से अधिक परिवारों का सड़क मार्ग से संपर्क कट चुका है। आवागमन के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। करीब 14 नाव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाया गया है। वहीं बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में बिजली भी कटी हुई है। प्रकाश व्यवस्था का संकट खड़ा है, बैटरियों की चार्जिंग की समस्या है। चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी, ईंधन की समस्या है। मवेशियों का चारा और उनका रखरखाव भी भारी पड़ रहा है। सुरक्षित किए भूसे को ग्रामीण निकाल रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था स्कूलों में पानी भर जाने से पूरी तरह ठप हो चुकी है। जलस्तर बढ़ने ने फसलें खराब हो रही हैं। प्रशासनिक सहायता क्षेत्र में बाढ़ के कारण प्रशासन सक्रिय है। एसडीएम एन राम, तहसीलदार दीपक गौतम, एनटी मुकेश कुमार क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। एसडीएम के मुताबिक, 1,523 राहत किट आबादी के लोगों को वितरित की जा चुकी हैं। तिलमई खेड़ा राहत शिविर में 107 से अधिक ग्रामीणों को पका-पकाया भोजन दिया जा रहा है।
विज्ञापन
हरपालपुर क्षेत्र में बेड़ीजोर, दहेलिया मार्ग पर छह जगह सड़क पर एक से दो फीट तक बाढ़ का पानी धार के रूप में चल रहा है। इससे कई गांवों का संपर्क कट गया है। दहेलिया से चंद्रमपुर तक मार्ग पर दहेलिया, मुरवा शहाबुद्दीनपुर, अदनियां, तिवारीपुरवा, छंगापुरवा, चंद्रमपुर तक करीब आठ किलोमीटर सड़क बाढ़ के पानी के कारण प्रभावित है। इन गांवों का संपर्क थाना अरवल और ब्लॉक हरपालपुर से तरह कट गया है।
एसडीएम ने बाढ़ पीड़ितों का दर्द जाना और साथ किया भोजन
एसडीएम सवायजपुर शिवानी सिंह ने शुक्रवार को बरौली बाढ़ चौकी और बिलग्राम एसडीएम एन राम ने तिलमई खेड़ा के राहत शिविर पर प्रभावित को पका-पकाया भोजन वितरित किया। प्रभावितों के साथ ही खाना भी खाया। इसके बाद बाढ़ चौकियों और गांवों का निरीक्षण किया। इस मौके पर नायब तहसीलदार राजेश कुमार पटेल, राजस्व निरीक्षक पवन द्विवेदी, मदनपाल राजपूत, लेखपाल दिव्यांशु कुमार मौजूद रहे। अदनियां गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर दवाएं बांटीं।
गंगा का पानी खतरे और गर्रा का पानी चेतावनी के पार
बैराजों के पानी से गंगा नदी का पानी शुक्रवार को राजघाट पर खतरे के निशान 125.81 मीटर गेज से ऊपर पहुंच गया। पानी 125.99 मीटर गेज पर है। वहीं फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर खतरे के निशान 137.15 मीटर गेज पर तीसरे दिन में बना हुआ है। गंगा नदी में नरौरा बैराज से 86,985 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 137.10 मीटर गेज पर पहुंचा है। गर्रा नदी का पानी सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर चेतावनी बिंदु 129.15 मीटर गेज से 1.33 मीटर ऊपर 130.48 मीटर पर पहुंच गया है। गर्रा नदी में नानक सागर बैराज से 1,034 क्यूसेक और 4,329 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में कमी से अगले दो दिन बाद बाढ़ के स्थिति में सुधार की संभावना है।

फोटो 47: चिरंजू पुरवा में खेत भरा पानी। संवाद

फोटो 47: चिरंजू पुरवा में खेत भरा पानी। संवाद

फोटो 47: चिरंजू पुरवा में खेत भरा पानी। संवाद