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नहीं निकली धूप, सर्द हवाओं से कांपे हाड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 30 Dec 2014 12:29 AM IST
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मौसम के तेवर सोमवार को और तीखे हो गए। कोहरे और बदली
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छाए रहने से गलन बढ़ गई। दोपहर बाद चली सर्द हवाओं ने लोगों के हांड़ कंपा
दिए। सर्दी बढ़ने से इंसानों के साथ पशु पक्षी भी बेहाल नजर आए। आज पारे
का न्यूनतम स्तर 4.0 एवं अधिकतम 18.0 डिग्री सेल्सियस रहा। उधर, कटियारी
क्षेत्र में 2 डिग्री पारा गिरने के साथ न्यूनतम स्तर 2.0 डिग्री के आस पास
रहा।
सुबह से शाम तक सूरज न निकलने और सर्द हवाओं के चलने से लोगों को दिन में ही कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ। सोमवार को ठंड का आलम यह रहा कि शाम होते ही गलन बढ़ने के साथ ठंड बढ़ती चली गई। रात के समय में पारे के स्तर में और भी गिरावट आने के संकेत मिल रहे, जिससे झुग्गी झोपड़ियों में गुजर बसर करने वालों के साथ ही गरीबों के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
ज्ञात हो कि मौसम के तेवर काफी तीखे हो चुके हैं। सर्द हवाओं के साथ छाई रहने वाली बदली पारे को लगातार लुढ़का रही है, जिससे लोगों के कंपकंपी छूट रही है। सबसे ज्यादा परेशानी आशियाना विहीन गरीबों एवं दिहाड़ी कामगारों को हो रही है। कोहरे एवं शीत लहर के आगोश में समाती स्याह सर्द रातें अब गरीबों के लिए आफत बनने लगी हैं।
आज तापमान का अधिकतम स्तर 18.0 एवं न्यूनतम 4.0 डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार को भी देर सुबह तक घना कोहरा छाए रहने एवं दिन भर बादल छाए रहने के कारण लोगों को कंपकंपी छूटती रही। कामकाजी एवं दिहाड़ी पर निकलने वाले लोग भगवान से रहम की प्रार्थना कर रहे कि अब मौसम को बदलों क्यों कि ऐसे मौसम में न तो दिहाड़ी मिल पा रही और न हीं ठंड से राहत मिल पा रही।
ठंड की इस मार से कामकाजी लोगों में फील्ड पर निकलने की मजबूरी वाले लोग तो परेशान हैं ही साथ ही गलन जैसा वातावरण बनने से से कार्यालयों और घरों में भी लोग ठंड से बेचैन हैं। गरीब तबके के लिए ठंड अब आफत बनती जा रही है।
सुबह से शाम तक सूरज न निकलने और सर्द हवाओं के चलने से लोगों को दिन में ही कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ। सोमवार को ठंड का आलम यह रहा कि शाम होते ही गलन बढ़ने के साथ ठंड बढ़ती चली गई। रात के समय में पारे के स्तर में और भी गिरावट आने के संकेत मिल रहे, जिससे झुग्गी झोपड़ियों में गुजर बसर करने वालों के साथ ही गरीबों के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
ज्ञात हो कि मौसम के तेवर काफी तीखे हो चुके हैं। सर्द हवाओं के साथ छाई रहने वाली बदली पारे को लगातार लुढ़का रही है, जिससे लोगों के कंपकंपी छूट रही है। सबसे ज्यादा परेशानी आशियाना विहीन गरीबों एवं दिहाड़ी कामगारों को हो रही है। कोहरे एवं शीत लहर के आगोश में समाती स्याह सर्द रातें अब गरीबों के लिए आफत बनने लगी हैं।
आज तापमान का अधिकतम स्तर 18.0 एवं न्यूनतम 4.0 डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार को भी देर सुबह तक घना कोहरा छाए रहने एवं दिन भर बादल छाए रहने के कारण लोगों को कंपकंपी छूटती रही। कामकाजी एवं दिहाड़ी पर निकलने वाले लोग भगवान से रहम की प्रार्थना कर रहे कि अब मौसम को बदलों क्यों कि ऐसे मौसम में न तो दिहाड़ी मिल पा रही और न हीं ठंड से राहत मिल पा रही।
ठंड की इस मार से कामकाजी लोगों में फील्ड पर निकलने की मजबूरी वाले लोग तो परेशान हैं ही साथ ही गलन जैसा वातावरण बनने से से कार्यालयों और घरों में भी लोग ठंड से बेचैन हैं। गरीब तबके के लिए ठंड अब आफत बनती जा रही है।