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Hardoi News: सीटी बजाती हुई निकल जाती पर जिले में नहीं रुकती वंदे भारत
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हरदोई। जिले से होकर दो वंदे भारत एक्सप्रेस गुजरती हैं लेकिन जिले में एक भी ट्रेन का ठहराव नहीं होता। दोनों की ट्रेनों में सैकड़ों सीटें खाली जा रही हैं। ट्रेन में सीटें खाली जाने से रेलवे को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, जिले के यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
लखनऊ से सहारनपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव पड़ाेसी जिले शाहजहांपुर में कर दिया गया। इसके बाद से एक बार फिर यह चर्चा उठ रही है कि जिले से होकर मेरठ और देहरादून के लिए दो-दो वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही हैं लेकिन एक का भी ठहराव जिले में आखिर क्यों नहीं दिया जा रहा है। ट्रेनोंं में सैकड़ों सीटें खाली जा रही हैं। इसके बाद भी रेलवे जिले में ठहराव को लेकर विचार नहीं कर रहा है।
बनारस से मेरठ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 22489 में 10 से 16 नवंबर तक औसतन 200 सीटें खाली हैं, डाउन रूट की ट्रेन 22490 में अलग-अलग तिथियों पर करीब 300 सीटें खाली हैं। लखनऊ-देहरादून वंदे भारत में ट्रेन 22545 में 11 से 16 नवंबर तक 100 से 250 सीटें खाली हैं जबकि वापसी की दिशा में ट्रेन 22546 में छह से लेकर 250 तक सीटें खाली जा रही हैं। यात्रियों का कहना है कि जिले में देहरादून के लिए केवल एक नियमित ट्रेन है जबकि मेरठ के लिए भी रात में एक ही ट्रेन उपलब्ध है। ट्रेन का ठहराव मिल जाए तो काफी राहत मिलेगी। सीएमआई अंबुज मिश्रा ने बताया कि ट्रेनों के ठहराव का निर्णय मंडल अधिकारियों की तरफ से होता है।
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लखनऊ से सहारनपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव पड़ाेसी जिले शाहजहांपुर में कर दिया गया। इसके बाद से एक बार फिर यह चर्चा उठ रही है कि जिले से होकर मेरठ और देहरादून के लिए दो-दो वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही हैं लेकिन एक का भी ठहराव जिले में आखिर क्यों नहीं दिया जा रहा है। ट्रेनोंं में सैकड़ों सीटें खाली जा रही हैं। इसके बाद भी रेलवे जिले में ठहराव को लेकर विचार नहीं कर रहा है।
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बनारस से मेरठ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 22489 में 10 से 16 नवंबर तक औसतन 200 सीटें खाली हैं, डाउन रूट की ट्रेन 22490 में अलग-अलग तिथियों पर करीब 300 सीटें खाली हैं। लखनऊ-देहरादून वंदे भारत में ट्रेन 22545 में 11 से 16 नवंबर तक 100 से 250 सीटें खाली हैं जबकि वापसी की दिशा में ट्रेन 22546 में छह से लेकर 250 तक सीटें खाली जा रही हैं। यात्रियों का कहना है कि जिले में देहरादून के लिए केवल एक नियमित ट्रेन है जबकि मेरठ के लिए भी रात में एक ही ट्रेन उपलब्ध है। ट्रेन का ठहराव मिल जाए तो काफी राहत मिलेगी। सीएमआई अंबुज मिश्रा ने बताया कि ट्रेनों के ठहराव का निर्णय मंडल अधिकारियों की तरफ से होता है।
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