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वैक्सीनेशन बना कवच, टकराकर टूटा संक्रमण
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हरदोई। जिले मेें वैक्सीनेशन लोगों के लिए सुरक्षा कवच बन गया, जिससे टकराकर कोरोना संक्रमण टूट गया। जहां पहली व दूूूसरी लहर में कोरोना ने कहर बरपाया, वहीं तीसरी लहर में वैक्सीनेशन के आगे संक्रमण की रफ्तार धीमी हो गई।
तीसरी लहर में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ बढ़ा था, लेकिन होम आइसोलेशन में रहकर मरीज एक सप्ताह में स्वस्थ हो गए थे। तीसरी लहर में किसी की कोरोना से से मौत नहीं हुई, न ही स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से मौत होने की पुष्टि की।
जिले में पहली लहर में कोरोना संक्रमण का कहर तेजी से बढ़ा था। कुछ ही दिनों में दूसरी लहर ने दस्तक दे दी थी। कोविड डेल्टा प्लस आफत बनकर उभरा था, जिसमें ऑक्सीजन की मारामारी में लोग अपनों को बचा नहीं पाए। वह भयावह स्थित याद कर लोग आज भी सिहर उठते हैैं।
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दोबारा ऐसे हालत से गुजरना न पड़े इसको लेकर लोगों ने वैक्सीनेशन में जागरुकता दिखाई। कोरोना की तीसरी लहर आने पर वैक्सीनेशन लगभग पूरा हो चुका था।
इस दौरान लोगों ने कोविड शील्ड और कोवाक्सिन की पहली डोज ले ली। इसके बाद से लोगों में इम्युनिटी बढ़ी, जिससे कोरोना संक्रमित होने के बाद मौतों का आंकड़ा नहीं बढ़ा।
वहीं तीसरी लहर मेें जो 21 मौतें हुई हैं, वह मरीज कैैंसर व हार्ट आदि के थे। अस्पतालों मेें भर्ती के बाद कोरोना संक्रमित हो गए। जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इसके बाद मौत हो गई।
तीसरी लहर संक्रमण का पांच दिन रहा असर
सीएमओ डॉ. ओपी तिवारी ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर से पहले वैक्सीनेशन पूरा होना बेहतर रहा। इसके बाद तीसरी लहर आने पर लोग संक्रमित हुए। एक महीने में संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा था।
ऐसे में होम आइसोलेशन में रहने के बाद संक्रमितों में कोरोना का असर लगभग पांच दिन ही रहा, जिससे मरीजों को भर्ती कराने की नौबत नहीं आई। संक्रमित घर पर ही रहकर स्वस्थ हो गए।
कोरोना की लहरों की स्थिति
कुल संक्रमित-17,649
अस्पतालों में ठीक हुए-2,448
होम आइसोलेशन मेें ठीक-14,822
संक्रमितों की मौत-370
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तीसरी लहर में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ बढ़ा था, लेकिन होम आइसोलेशन में रहकर मरीज एक सप्ताह में स्वस्थ हो गए थे। तीसरी लहर में किसी की कोरोना से से मौत नहीं हुई, न ही स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से मौत होने की पुष्टि की।
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जिले में पहली लहर में कोरोना संक्रमण का कहर तेजी से बढ़ा था। कुछ ही दिनों में दूसरी लहर ने दस्तक दे दी थी। कोविड डेल्टा प्लस आफत बनकर उभरा था, जिसमें ऑक्सीजन की मारामारी में लोग अपनों को बचा नहीं पाए। वह भयावह स्थित याद कर लोग आज भी सिहर उठते हैैं।
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दोबारा ऐसे हालत से गुजरना न पड़े इसको लेकर लोगों ने वैक्सीनेशन में जागरुकता दिखाई। कोरोना की तीसरी लहर आने पर वैक्सीनेशन लगभग पूरा हो चुका था।
इस दौरान लोगों ने कोविड शील्ड और कोवाक्सिन की पहली डोज ले ली। इसके बाद से लोगों में इम्युनिटी बढ़ी, जिससे कोरोना संक्रमित होने के बाद मौतों का आंकड़ा नहीं बढ़ा।
वहीं तीसरी लहर मेें जो 21 मौतें हुई हैं, वह मरीज कैैंसर व हार्ट आदि के थे। अस्पतालों मेें भर्ती के बाद कोरोना संक्रमित हो गए। जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इसके बाद मौत हो गई।
तीसरी लहर संक्रमण का पांच दिन रहा असर
सीएमओ डॉ. ओपी तिवारी ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर से पहले वैक्सीनेशन पूरा होना बेहतर रहा। इसके बाद तीसरी लहर आने पर लोग संक्रमित हुए। एक महीने में संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा था।
ऐसे में होम आइसोलेशन में रहने के बाद संक्रमितों में कोरोना का असर लगभग पांच दिन ही रहा, जिससे मरीजों को भर्ती कराने की नौबत नहीं आई। संक्रमित घर पर ही रहकर स्वस्थ हो गए।
कोरोना की लहरों की स्थिति
कुल संक्रमित-17,649
अस्पतालों में ठीक हुए-2,448
होम आइसोलेशन मेें ठीक-14,822
संक्रमितों की मौत-370