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Hardoi News: यूपीएसआईसी ने तीन करोड़ का न दिया उपभोग प्रमाण पत्र और न काम का ब्योरा

Thu, 22 Jan 2026 11:12 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:12 PM IST
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UPSIC did not provide consumption certificates or details of work worth Rs 3 crore.
हरदोई। उप्र लघु उद्योग निगम लि. (यूपीएसआईसी) लखनऊ ने 180-200 वाट की हाईमास्ट लाइट लगाए जाने के लिए दिए गए करीब तीन करोड़ से अधिक रुपये का न तो कोई हिसाब और न ही काम विवरण दिया है। विधानसभा क्षेत्र संडीला में विधायक निधि से हाईमास्ट लगवाए जाने की स्वीकृति साल 2023 में दी गई थी। तब पहली किस्त के रुपये दिए गए थे। साल-2025 में दूसरी किस्त के रुपये भी दे दिए गए थे।
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विधानसभा क्षेत्र की संडीला की विधायक अलका सिंह अर्कवंशी ने क्षेत्र में हाईमास्ट लाइट लगवाए जाने के लिए साल-2023 में पांच प्रस्ताव दिए थे। उन पर नोडल विभाग की तरफ से स्वीकृति के साथ ही पहली किस्त में 60 प्रतिशत रुपये भी कार्यदायी संस्था यूपीएसआईसी लखनऊ को दिए गए थे। इसमें पहले दूसरे प्रस्ताव में -21,26,988-21,26,988 रुपये की स्वीकृति पर 20 सितंबर 2023 को 12,76,193-12,76,193 रुपये, और तीसरे प्रस्ताव में 23,63,320 रुपये की स्वीकृति पर 20 सितंबर 2023 को 114,17,992 रुपये और चौथे प्रस्ताव में 21,26,988 रुपये की स्वीकृति पर 20 दिसंबर 2023 को 12,76,193 रुपये और और पांचवें प्रस्ताव में 23,63,320 रुपये की स्वीकृति पर 14,17,992 रुपये भी 20 दिसंबर 2023 को दे दिए गए थे।
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बताया कि कार्यदायी संस्था की तरफ से पहले किस्त के रुपये खर्च कर लिए जाने के प्रमाण पत्र पर दूसरी किस्त भी जुलाई और अगस्त 2025 में कार्यदायी संस्था यूपीएसआईसी को दे दी गई थी। दूसरी किस्त के रुपये मिलाकर यूपीएसआईसी लखनऊ को कुल 3,02,50,444 रुपये दिए गए हैं। दूसरी किस्त के रुपये दिए जाने के बाद अभी तक कार्यदायी संस्था ने काम पूरा होने और रुपये खर्च किए जाने का प्रमाण पत्र नहीं दिया है। इससे सार्वजनिक स्थलों पर लगाई जाने वाली हाईमास्ट लाइटों का विवरण जिला ग्राम विकास अभिकरण को प्राप्त नहीं हो सका है।
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विधायक के प्रस्ताव पर निधि से हाईमास्ट लगवाते हुए उनका हस्तांतरण प्रमाण पत्र, लाइटों के वाट आदि का विवरण अभी तक यूपीएसआईसी लखनऊ ने प्राप्त नहीं कराया है। यूपीएसआईसी लखनऊ के क्षेत्रीय प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। क्षेत्रीय प्रबंधक से लाइटों के वाट, केबल की मोटाई, तार का एमएम कंपनी, सेमी हाईमास्ट लाइट की गारंटी सहित आख्या तलब की गई है। जवाब आने पर परीक्षण के बाद कार्रवाई की जाएगी। -अशोक कुमार मौर्य, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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