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Hardoi News: नवजात की मौत पर मेडिकल काॅलेज में हंगामा
Sun, 30 Apr 2023 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sun, 30 Apr 2023 12:43 AM IST
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हरदोई। मेडिकल काॅलेज के एनएसयू यूनिट में भर्ती नवजात की मौत पर परिजनों ने हंगामाकिया। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने करीब एक घंटे तक हो-हल्ला किया।
सुरसा थाने के सुरसा गांव निवासी परशुराम ने शुक्रवार को अपनी पत्नी मीनू को प्रसव पीड़ा के दौरान सीएचसी पर भर्ती कराया था। जहां के डाॅक्टरों ने उसे मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर कर दिया। शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे परशुराम मीनू को लेकर मेडिकल काॅलेज के महिला अस्पताल पहुंचा, वहां ऑपरेशन के लिए कोई डाॅक्टर न होने की बात कह कर मरीज को भर्ती करने से मना कर दिया गया।
परशुराम का कहना है कि वहीं एक आशा बहू उसे मिली और जिंदपीर चौराहे के पास एक निजी हाॅस्पिटल में ले गई, जहां मीनू का ऑपरेशन किया गया। जिससे बच्चे ने जन्म लिया। उसके बाद उस नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल काॅलेज के महिला अस्पताल की एनएसयू यूनिट में भर्ती कराया गया। परशुराम का कहना है कि इसके लिए पहले उससे 1500 रुपये लिए गए।
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शनिवार की सुबह फिर 1000 रुपये लिए गए। इसके बाद भी उस नवजात की तबीयत बिगड़ती गई, जिस पर उसे लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। उसे वहां से लखनऊ के लिए ले जाया जाता, उससे पहले ही नवजात की वहीं मौत हो गई। नवजात की मौत से नाराज परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर वहां करीब एक घंटे तक हंगामा किया। इस बाबत मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर्य देश दीपक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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सुरसा थाने के सुरसा गांव निवासी परशुराम ने शुक्रवार को अपनी पत्नी मीनू को प्रसव पीड़ा के दौरान सीएचसी पर भर्ती कराया था। जहां के डाॅक्टरों ने उसे मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर कर दिया। शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे परशुराम मीनू को लेकर मेडिकल काॅलेज के महिला अस्पताल पहुंचा, वहां ऑपरेशन के लिए कोई डाॅक्टर न होने की बात कह कर मरीज को भर्ती करने से मना कर दिया गया।
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परशुराम का कहना है कि वहीं एक आशा बहू उसे मिली और जिंदपीर चौराहे के पास एक निजी हाॅस्पिटल में ले गई, जहां मीनू का ऑपरेशन किया गया। जिससे बच्चे ने जन्म लिया। उसके बाद उस नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल काॅलेज के महिला अस्पताल की एनएसयू यूनिट में भर्ती कराया गया। परशुराम का कहना है कि इसके लिए पहले उससे 1500 रुपये लिए गए।
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शनिवार की सुबह फिर 1000 रुपये लिए गए। इसके बाद भी उस नवजात की तबीयत बिगड़ती गई, जिस पर उसे लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। उसे वहां से लखनऊ के लिए ले जाया जाता, उससे पहले ही नवजात की वहीं मौत हो गई। नवजात की मौत से नाराज परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर वहां करीब एक घंटे तक हंगामा किया। इस बाबत मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर्य देश दीपक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।