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Hardoi News: सौ शैया अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन खराब, छह किमी दौड़ लगा रहे मरीज
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फोटो- 27- सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में खराब पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन। संवाद
हरदोई। नया गांव स्थित सौ शैया अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अस्पताल में इलाज और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचने वालीं गर्भवती महिलाओं समेत गंभीर मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए करीब छह किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज की दौड़ लगानी पड़ रही है। अचानक जांच की जरूरत पड़ने पर मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। मजबूरी में कई मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर जाना पड़ रहा है इससे जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
सौ शैया अस्पताल में भी इन दिनों मरीजों की ओपीडी बढ़ना शुरू हो गई है। ओपीडी में अभी तक 250 से 300 मरीज आते थे। वहीं अब 500 से 600 मरीजों की ओपीडी रोजाना हो रही है। इसमें 40 से 50 गर्भवती महिलाओं के अलावा पेट दर्द, चोट, पथरी, किडनी और अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
चिकित्सीय परामर्श के बाद डॉक्टर उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं लेकिन अस्पताल की मशीन खराब होने के कारण मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल से मेडिकल कॉलेज की दूरी अधिक होने के कारण खासकर गर्भवती और बुजुर्ग मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीज को मेडिकल कॉलेज या फिर निजी केंद्रों पर 800 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं।
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मशीन खराब होने से बढ़ी भाग-दौड़
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद मशीन खराब होने से इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में जांच की सुविधा बंद होने से उन्हें आर्थिक रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है। गंभीर मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर ले जाना भी तीमारदारों के लिए मुश्किल हो रहा है।
अल्ट्रासाउंड मशीन का सॉफ्टवेयर खराब हो गया है। दो बार इंजीनियर आ चुका है लेकिन मशीन अभी बन नहीं पाई है। मशीन को जल्द ही बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। मरीजों को जल्दी ही राहत मिलेगी। -डॉ. अनिल कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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सौ शैया अस्पताल में भी इन दिनों मरीजों की ओपीडी बढ़ना शुरू हो गई है। ओपीडी में अभी तक 250 से 300 मरीज आते थे। वहीं अब 500 से 600 मरीजों की ओपीडी रोजाना हो रही है। इसमें 40 से 50 गर्भवती महिलाओं के अलावा पेट दर्द, चोट, पथरी, किडनी और अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
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चिकित्सीय परामर्श के बाद डॉक्टर उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं लेकिन अस्पताल की मशीन खराब होने के कारण मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल से मेडिकल कॉलेज की दूरी अधिक होने के कारण खासकर गर्भवती और बुजुर्ग मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीज को मेडिकल कॉलेज या फिर निजी केंद्रों पर 800 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं।
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मशीन खराब होने से बढ़ी भाग-दौड़
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद मशीन खराब होने से इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में जांच की सुविधा बंद होने से उन्हें आर्थिक रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है। गंभीर मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर ले जाना भी तीमारदारों के लिए मुश्किल हो रहा है।
अल्ट्रासाउंड मशीन का सॉफ्टवेयर खराब हो गया है। दो बार इंजीनियर आ चुका है लेकिन मशीन अभी बन नहीं पाई है। मशीन को जल्द ही बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। मरीजों को जल्दी ही राहत मिलेगी। -डॉ. अनिल कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

फोटो- 27- सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में खराब पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन। संवाद