{"_id":"679a6fef971822f84a0d48da","slug":"ultrasound-examination-stalled-due-to-transfer-of-radiologist-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-126095-2025-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: रेडियोलॉजिस्ट के तबादले से अल्ट्रासाउंड जांच ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: रेडियोलॉजिस्ट के तबादले से अल्ट्रासाउंड जांच ठप
Wed, 29 Jan 2025 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Wed, 29 Jan 2025 11:44 PM IST
विज्ञापन
फोटो-04- महिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड कक्ष में लगा ताला। संवाद
- मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा समस्या
- डा. अरुण कुमार का 17 जनवरी को हमीरपुर हो गया था तबादला
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में तैनात इकलौते रेडियोलॉजिस्ट का तबादला होना मरीजों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। यहां रोजाना करीब 60 अल्ट्रसाउंड जांचें होती हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तो महिला मरीजों को हो रही है। गर्भवती महिलाओं को भी प्राइवेट लैब में जाना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के दावों के बीच इमारतें तो तैयार हो रही हैं, लेकिन मानव संसाधन की स्थिति जस की तस है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला और महिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर डॉ. अरुण कुमार की तैनाती थी। 17 जनवरी को उनका तबादला इसी पद पर हमीरपुर कर दिया गया।
अरुण कुमार का तबादला तो हुआ, लेकिन उनकी जगह यहां किसी की तैनाती नहीं हुई। रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली होने के कारण अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला पड़ गया। इससे इतर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में चिकित्सक मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सलाह तो दे रहे हैं, लेकिन परिसर में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं।
विज्ञापन
केस-1
सांडी की रहने वाली ज्योती गर्भवती हैं। बुधवार को आशा निर्मला के साथ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महिला चिकित्सालय में चिकित्सक को दिखाने आई थीं। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड कक्ष पहुंचीं तो ताला पड़ा मिला।
केस-2
कौंढ़ा निवासी अंजू भी महिला चिकित्सक को दिखाने के लिए बुधवार को महिला अस्पताल पहुंचीं थीं। यहां उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया गया। परिजनों के साथ अल्ट्रासाउंड कक्ष गईं, लेकिन यहां ताला लटकता मिला। पता चला कि अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाएगा।
इनसेट
निशुल्क की जगह 900 रुपये तक हो रहे खर्च
हर रोज मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में औसतन साठ अल्ट्रासाउंड होते थे। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड की सुविधा निशुल्क ही है। प्राइवेट लैब में अल्ट्रासाउंड कराने पर 900 रुपये तक एक मरीज को खर्च करने पड़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज से प्राइवेट लैब जाने आने का खर्च और परेशानी भी बढ़ी है।
वर्जन
रेडियोलॉजिस्ट न होने की वजह से परेशानियां तो हैं। शासन स्तर पर इसे लेकर पत्राचार भी किया गया है और व्यक्तिगत रूप से भी बात की गई है। पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द रेडियोलॉजिस्ट यहां आकर ज्वाइन करें। डाॅ. जेविन विष्णु गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज हरदोई
विज्ञापन
- मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा समस्या
- डा. अरुण कुमार का 17 जनवरी को हमीरपुर हो गया था तबादला
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में तैनात इकलौते रेडियोलॉजिस्ट का तबादला होना मरीजों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। यहां रोजाना करीब 60 अल्ट्रसाउंड जांचें होती हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तो महिला मरीजों को हो रही है। गर्भवती महिलाओं को भी प्राइवेट लैब में जाना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के दावों के बीच इमारतें तो तैयार हो रही हैं, लेकिन मानव संसाधन की स्थिति जस की तस है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला और महिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर डॉ. अरुण कुमार की तैनाती थी। 17 जनवरी को उनका तबादला इसी पद पर हमीरपुर कर दिया गया।
विज्ञापन
अरुण कुमार का तबादला तो हुआ, लेकिन उनकी जगह यहां किसी की तैनाती नहीं हुई। रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली होने के कारण अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला पड़ गया। इससे इतर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में चिकित्सक मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सलाह तो दे रहे हैं, लेकिन परिसर में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं।
विज्ञापन
केस-1
सांडी की रहने वाली ज्योती गर्भवती हैं। बुधवार को आशा निर्मला के साथ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महिला चिकित्सालय में चिकित्सक को दिखाने आई थीं। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड कक्ष पहुंचीं तो ताला पड़ा मिला।
केस-2
कौंढ़ा निवासी अंजू भी महिला चिकित्सक को दिखाने के लिए बुधवार को महिला अस्पताल पहुंचीं थीं। यहां उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया गया। परिजनों के साथ अल्ट्रासाउंड कक्ष गईं, लेकिन यहां ताला लटकता मिला। पता चला कि अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाएगा।
इनसेट
निशुल्क की जगह 900 रुपये तक हो रहे खर्च
हर रोज मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में औसतन साठ अल्ट्रासाउंड होते थे। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड की सुविधा निशुल्क ही है। प्राइवेट लैब में अल्ट्रासाउंड कराने पर 900 रुपये तक एक मरीज को खर्च करने पड़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज से प्राइवेट लैब जाने आने का खर्च और परेशानी भी बढ़ी है।
वर्जन
रेडियोलॉजिस्ट न होने की वजह से परेशानियां तो हैं। शासन स्तर पर इसे लेकर पत्राचार भी किया गया है और व्यक्तिगत रूप से भी बात की गई है। पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द रेडियोलॉजिस्ट यहां आकर ज्वाइन करें। डाॅ. जेविन विष्णु गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज हरदोई