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Hardoi News: हादसों में दो युवकों की मौत, महिला समेत चार घायल
Fri, 13 Dec 2024 11:30 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Fri, 13 Dec 2024 11:30 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मनरेगा योजना से पशुधन उत्पादकता बढ़ाने के लिए शासन ने डीएम और जिला कार्यक्रम समन्वयक को पत्र भेजकर गोशाला के करीब मौजूद सार्वजनिक भूमि पर चारागाह का विकास कर पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
उक्त आदेश के अनुक्रम में डीएम ने चारागाह के लिए भूमि को चिह्नित करने की जिम्मेदारी एसडीएम को सौंपी है। भूमि को चिह्नित कर उसे कब्जा मुक्त कराया जाएगा ताकि चारागाह के निर्माण का कार्य शुरू कराया जा सके। जिन स्थानों पर भूमि पहले से ही चिह्नित हो गई है, उसका वर्क आइडी निकालकर मनरेगा योजना से विकसित किया जाएगा। चारागाह की जमीन के पास पिलर एवं बाउंड्रीवॉल का भी निर्माण कराकर उसे संरक्षित किया जाएगा।
गोशाला में संरक्षित पशुओं समक्ष चारा संकट को देखते हुए शासन ने उक्त निर्णय लिया है। इस योजना का लाभ जिले में सक्रिय सभी गोशालाओं को मिलेगा। एक अनुमान के मुताबिक संचालित गोशालाओं में लगभग 10 हजार पशुओं को संरक्षित किया गया है। योजना के अमल में आने से पशुओं का चारा संकट दूर होगा और संरक्षित पशुओं की सेहत में भी सुधार होगा।
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इस संबंध में सीडीओ जयेंद्र कुमार ने कहा कि गोशाला के पास चिह्नित भूमि को मनरेगा योजना से चारागाह के लिए विकसित किया जाएगा। भूमि के चिह्नांकन के लिए सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया है, ताकि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू हो सके।ी
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सिद्धार्थनगर। मनरेगा योजना से पशुधन उत्पादकता बढ़ाने के लिए शासन ने डीएम और जिला कार्यक्रम समन्वयक को पत्र भेजकर गोशाला के करीब मौजूद सार्वजनिक भूमि पर चारागाह का विकास कर पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
उक्त आदेश के अनुक्रम में डीएम ने चारागाह के लिए भूमि को चिह्नित करने की जिम्मेदारी एसडीएम को सौंपी है। भूमि को चिह्नित कर उसे कब्जा मुक्त कराया जाएगा ताकि चारागाह के निर्माण का कार्य शुरू कराया जा सके। जिन स्थानों पर भूमि पहले से ही चिह्नित हो गई है, उसका वर्क आइडी निकालकर मनरेगा योजना से विकसित किया जाएगा। चारागाह की जमीन के पास पिलर एवं बाउंड्रीवॉल का भी निर्माण कराकर उसे संरक्षित किया जाएगा।
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गोशाला में संरक्षित पशुओं समक्ष चारा संकट को देखते हुए शासन ने उक्त निर्णय लिया है। इस योजना का लाभ जिले में सक्रिय सभी गोशालाओं को मिलेगा। एक अनुमान के मुताबिक संचालित गोशालाओं में लगभग 10 हजार पशुओं को संरक्षित किया गया है। योजना के अमल में आने से पशुओं का चारा संकट दूर होगा और संरक्षित पशुओं की सेहत में भी सुधार होगा।
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इस संबंध में सीडीओ जयेंद्र कुमार ने कहा कि गोशाला के पास चिह्नित भूमि को मनरेगा योजना से चारागाह के लिए विकसित किया जाएगा। भूमि के चिह्नांकन के लिए सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया है, ताकि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू हो सके।ी