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ट्रांसफार्मर बजा रहे खतरे की घंटी
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पिहानी। नगर क्षेत्र में बिजली के ट्रांसफार्मर और लाइनें मकानों के ऊपर या सार्वजनिक स्थानों पर बिना सुरक्षा घेरे और बिना सेफ्टी जाल के रखे होने से जान का खतरा बरकरार है।
हाईटेंशन लाइनें हरे पेड़ों का सहारा लेकर गुजारी गई हैं। इससे हर समय हादसों का खतरा बना रहता है। पिहानी कस्बे में अधिकांश ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा घेरा ही नहीं है।
मोहल्ला छिपीटोला में मोहम्मद अहमद के घर के दरवाजे पर ही लगे ट्रांसफार्मर काफी नीचे बेस पर रखा गया है। आसपास कोई सुरक्षा घेरा भी नहीं है। ट्रांसफार्मर से घर के दरवाजे का मुश्किल से चार कदम का फासला है।
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मोहम्मद तौकीर ने बताया कि घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं। हर समय निगरानी नहीं कर सकते। जरा ध्यान हटाने पर बच्चे ट्रांसफार्मर के पास ही खेलने बैठ जाते हैं।
कई बार उन्होंने विद्युत उपकेंद्र पर पहुंच कर ट्रांसफार्मर अन्य स्थान पर शिफ्ट करने या सुरक्षा घेरा लगवाने की मांग की, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। भविष्य में यदि कोई हादसा होता है, तो पिहानी विद्युत उपकेंद्र के जेई इसके जिम्मेदार होंगे।
कंजड़ चौराहा के ट्रांसफार्मर के लिए हाल ही में नया बेस तैयार कर इसे ऊंचा तो कर दिया गया, लेकिन सुरक्षा घेरा नहीं है। यही हालात भुरेश्वर महादेव मंदिर के पास, चपरतला रोड पर परजाऊ तालाब के पास और बस स्टैंड पर लगे ट्रांसफार्मर की भी है।
आंबेडकर नगर और रामलीला रोड पर विद्युत लाइन घरों की छतों के ऊपर से गुजरी है। मोहम्मद फिरोज का कहना है कई बार वह प्रार्थनापत्र दे चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
छत पर चढ़ना बंद कर रखा है। हरैया पुल के पास नहर के ऊपर से गुजरी एचटी लाइन का कोई सुरक्षा जाल नहीं है। डाकबंगले के पास एचटी लाइन को रोकने के लिए पोल के साथ हरे पेड़ों का इस्तेमाल भी किया गया।
डेढ़ वर्ष पूर्व मवेशियों के लिए पत्ते आदि तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़े युवक की करंट लगने से मौत हो चुकी है। हादसों के खतरे के बावजूद विद्युत उपकेंद्र के जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। इस बाबत जब जेई सोमपाल गंगवार का सीयूजी नंबर मिलाया गया तो उन्होंने रिसीव नहीं किया।
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हाईटेंशन लाइनें हरे पेड़ों का सहारा लेकर गुजारी गई हैं। इससे हर समय हादसों का खतरा बना रहता है। पिहानी कस्बे में अधिकांश ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा घेरा ही नहीं है।
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मोहल्ला छिपीटोला में मोहम्मद अहमद के घर के दरवाजे पर ही लगे ट्रांसफार्मर काफी नीचे बेस पर रखा गया है। आसपास कोई सुरक्षा घेरा भी नहीं है। ट्रांसफार्मर से घर के दरवाजे का मुश्किल से चार कदम का फासला है।
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मोहम्मद तौकीर ने बताया कि घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं। हर समय निगरानी नहीं कर सकते। जरा ध्यान हटाने पर बच्चे ट्रांसफार्मर के पास ही खेलने बैठ जाते हैं।
कई बार उन्होंने विद्युत उपकेंद्र पर पहुंच कर ट्रांसफार्मर अन्य स्थान पर शिफ्ट करने या सुरक्षा घेरा लगवाने की मांग की, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। भविष्य में यदि कोई हादसा होता है, तो पिहानी विद्युत उपकेंद्र के जेई इसके जिम्मेदार होंगे।
कंजड़ चौराहा के ट्रांसफार्मर के लिए हाल ही में नया बेस तैयार कर इसे ऊंचा तो कर दिया गया, लेकिन सुरक्षा घेरा नहीं है। यही हालात भुरेश्वर महादेव मंदिर के पास, चपरतला रोड पर परजाऊ तालाब के पास और बस स्टैंड पर लगे ट्रांसफार्मर की भी है।
आंबेडकर नगर और रामलीला रोड पर विद्युत लाइन घरों की छतों के ऊपर से गुजरी है। मोहम्मद फिरोज का कहना है कई बार वह प्रार्थनापत्र दे चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
छत पर चढ़ना बंद कर रखा है। हरैया पुल के पास नहर के ऊपर से गुजरी एचटी लाइन का कोई सुरक्षा जाल नहीं है। डाकबंगले के पास एचटी लाइन को रोकने के लिए पोल के साथ हरे पेड़ों का इस्तेमाल भी किया गया।
डेढ़ वर्ष पूर्व मवेशियों के लिए पत्ते आदि तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़े युवक की करंट लगने से मौत हो चुकी है। हादसों के खतरे के बावजूद विद्युत उपकेंद्र के जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। इस बाबत जब जेई सोमपाल गंगवार का सीयूजी नंबर मिलाया गया तो उन्होंने रिसीव नहीं किया।