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Hardoi News: व्यापारियों ने गिनाई समस्याएं, अधिकारियों ने बताया समाधान

Mon, 09 Oct 2023 11:35 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Oct 2023 11:35 PM IST
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Traders enumerated problems, officials told solutions
संवाद न्यूज एजेंसी
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हरदोई। व्यापारियों को जीएसटी रिटर्न भरने में आ रही समस्याओं के निदान के लिए सोमवार को श्रीशचंद्र बारात घर में जीएसटी अधिकारियों के साथ बैठक हुई। व्यापारियों ने वर्ष 2017-18 के संबंध में भेजी गई नोटिस पर नाराजगी जताई। व्यापारियों ने समस्या उठाई, व्यापारियों ने कुछ का तो निदान बताया, मगर अधिकतर में साॅफ्टवेयर की समस्या बताई और निदान कराने का आश्वासन दिया।
उद्योग व्यापार मंडल की ओर से श्रीशचंद्र अग्रवाल बारात घर में व्यापारियों की बैठक की गई। जीएसटी अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया था। बैठक में व्यापारियों ने जीएसटी की ओर से वर्ष 2017-18 के रिटर्न के संबंध में भेजी गई नोटिस पर नाराजगी जताई। व्यापारियों का कहना था कि शहर के करीब छह हजार व्यापारियों को नोटिस जारी की गई है। जिन पर रिटर्न में देयता बताकर ब्याज लगाया जा रहा है। जो उचित नहीं हैं।
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जीएसटी अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के सुझाव दिए, मगर अधिकांश मामलों में साफ्टवेयर के कारण समस्या आने के कारण उसके प्रत्यावेदन देकर समाधान का आश्वासन दिया।
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यह उठाई गई समस्या-
व्यापारी अजय टंडन ने कहा कि व्यापारियों को वर्ष 2017-18 के रिटर्न के संबंध में नोटिस दी गई, जिसमें खामियां पर जवाब मांगा गया है और उसके लिए समय-सीमा भी कम दी गई। इससे व्यापारी परेशान है। व्यापारियों को आपत्तियों के निस्तारण के लिए 10 से 20 हजार रुपये व्यय करने पड़ रहे हैं।
समाधान - जीएसटी डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार ने बताया कि यह नोटिस नहीं, व्यापारी के रिटर्न में जो खामियां मिली हैं, उनके संबंध में सूचना दी गई है। व्यापारी कार्यालय में आकर आपत्तियों का निस्तारण कर सकते हैं।

व्यापारी राकेश कुमार अवस्थी ने बताया कि उन लोगों को पांच साल बाद नोटिस दी गई और उस पर ब्याज लगाया जा रहा है। ब्याज का भुगतान बहुत है। उसका निदान किस प्रकार होगा।
समाधान- जीएसटी डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि उस समय जीएसटी नया -नया आया था। खामियों के निस्तारण के लिए प्रत्यावेदन कर सकते हैं। जिसका समाधान कराया जाएगा।

- व्यापारी विशाल ने बताया कि उसने एक फार्म से खरीदारी की थी। वह फार्म बंद हो गई। उससे किस प्रकार से प्रमाण पत्र लिया जाए कि उसने जीएसटी टैक्स दिया था।
-समाधान- जीएसटी डिप्टी कमिश्नर एसके गौतम ने बताया ने बताया कि इस प्रकार के मामले उच्च न्यायालय तक पहुंचे है। सुप्रीम कोर्ट भी उस पर विचार कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट से निर्णय के बाद ही इसका समाधान हो सकेगा।

- व्यापारी चंद्र प्रकाश ने ट्रांसपोर्टर्स के संबंध की समस्या को उठाया और उसके समाधान के विषय में पूछा।
समाधान- जीएसटी डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार ने बताया कि इसके संबंध में प्रत्यावेदन दे, उसका निस्तारण कराने कराया जाएगा।
- व्यापारी अपूर्व महेश्वरी ने कहा कि इतने समय के बाद नोटिस जारी करने की वजह क्या है।
- समाधान- जीएसटी डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2017-18 में जीएसटी शुरू हुई थी। उस समय व्यापारियों ने बिना विशेषज्ञ के रिटर्न भर दिया। जिसकी स्क्रूटनिंग की गई। जिस पर समस्या सामने आ रही थी। उसी का समाधान कराने के लिए सूचना दी गई है।


उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष विमलेश दीक्षित, प्रदेश संगठन मंत्री अजय टंडन, प्रदेश मंत्री विभु गुप्ता, पवन जैन, सुरेंद्र सिंह, अनिल गुप्ता, अवनीश त्रिवेदी सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
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