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Hardoi News: बोगस फर्माें से आईटीसी लेने के आरोप में गिरफ्तार व्यापारियों की नहीं मिली रिमांड, जमानत पर रिहा
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हरदोई। बोगस फर्माें के जरिये इनकम टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की रिमांड देने से सीजेएम रिचा वर्मा ने इन्कार कर दिया। शुक्रवार देर शाम तक चली सुनवाई के बाद तीनों व्यापारियों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा भी कर दिया गया। पूरे मामले में विवेचक की कार्यशैली पर भी सवाल उठे हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि दर्ज कराई गई प्राथमिकी में तीनों व्यापारियों के नाम नहीं थे और विवेचना में इनके नाम सामने आए थे।
फर्जी अभिलेखों के जरिये बोगस फर्म बनाकर जीएसटी में पंजीकृत कराई गई थीं। इनमें आपस में ही खरीदना और बेचना दर्शाकर 16.42 करोड़ रुपये की आईटीसी हासिल की गई थी। शहर कोतवाल ने 24 जून 2025 को राज्य कर के उपायुक्त ने मामले में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसकी विवेचना शहर कोतवाली में तैनात निरीक्षक शिव गोपाल कर रहे हैं। पुलिस ने विवेचना के दौरान नई दिल्ली के राजौरी गार्डन थाना क्षेत्र के 7-37 निवासी हिमांशु कुमार, हरीनगर थाना क्षेत्र के ए-11 निवासी निशांत दर्गन और ईस्ट दिल्ली के कल्याणवास थाना क्षेत्र के विनोदनगर इलाके के निवासी योगेंद्र सिंह फतर्याल के नाम बढ़ाकर शुक्रवार सुबह इन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
दोपहर बाद इन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिचा वर्मा के सामने रिमांड के लिए पुलिस ने पेश किया। आरोपियों की तरफ से बार एसोसिएशन के एक पूर्व महामंत्री ने बहस की। लंबी बहस के बाद सीजेएम ने तीनों आरोपियों की रिमांड देने से इन्कार कर दिया। तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि पुलिस की विवेचना में कई खामियां मिली हैं। इसको लेकर विवेचक पर भी न्यायालय ने टिप्पणी की है।
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फर्जी अभिलेखों के जरिये बोगस फर्म बनाकर जीएसटी में पंजीकृत कराई गई थीं। इनमें आपस में ही खरीदना और बेचना दर्शाकर 16.42 करोड़ रुपये की आईटीसी हासिल की गई थी। शहर कोतवाल ने 24 जून 2025 को राज्य कर के उपायुक्त ने मामले में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसकी विवेचना शहर कोतवाली में तैनात निरीक्षक शिव गोपाल कर रहे हैं। पुलिस ने विवेचना के दौरान नई दिल्ली के राजौरी गार्डन थाना क्षेत्र के 7-37 निवासी हिमांशु कुमार, हरीनगर थाना क्षेत्र के ए-11 निवासी निशांत दर्गन और ईस्ट दिल्ली के कल्याणवास थाना क्षेत्र के विनोदनगर इलाके के निवासी योगेंद्र सिंह फतर्याल के नाम बढ़ाकर शुक्रवार सुबह इन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
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दोपहर बाद इन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिचा वर्मा के सामने रिमांड के लिए पुलिस ने पेश किया। आरोपियों की तरफ से बार एसोसिएशन के एक पूर्व महामंत्री ने बहस की। लंबी बहस के बाद सीजेएम ने तीनों आरोपियों की रिमांड देने से इन्कार कर दिया। तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि पुलिस की विवेचना में कई खामियां मिली हैं। इसको लेकर विवेचक पर भी न्यायालय ने टिप्पणी की है।
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