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नहर के 44 पुलों पर खतरों का सफर

Mon, 10 Aug 2020 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2020 11:18 PM IST
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to travvel on 44 bridges is full of danger
राभा में नटपुरवा के पास क्षतिग्रस्त पुलिया। - फोटो : HARDOI
हरदोई। एक सप्ताह पूर्व क्षतिग्रस्त ऐंचामऊ पुल से गिरकर बाइक सवार सगे भाइयों की मौत होने के बाद जिले में जर्जर पुलों की मरम्मत की मांग फिर उठने लगी है। नहरों पर बने ऐसे 44 पुल हैं, जो जर्जर हो चुके हैं। इन पर राहगीर खतरों से भरा सफर कर रहे हैं। इनकी जगह नए पुलों के निर्माण की जरूरत है। वहीं 200 पुल-पुलियों को मरम्मत की भी दरकार है।
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गत सोमवार को शारदा नहर के ऐंचामऊ पुल पर बड़ा हादसा हो गया था। बीस साल से क्षतिग्रस्त पुल पर हुए गड्ढे में बाइक गिर गई थी। बाइक गिरने से नहर में डूबकर दो सगे भाइयों की मौत भी हो गई थी। ऐंचामऊ की तरह अन्य कई पुल जर्जर हैं। शारदा नहर सिंचाई खंड ने ऐसे 44 पुलों को चिह्नित किया है, जहां स्थिति खतरनाक है। इनके स्थान पर नए पुलों का निर्माण होना है। इसके अलावा 203 पुल-पुलियों की मरम्मत के लिए भी प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है।
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विधानसभा क्षेत्रवार इतने हैं जर्जर पुल
सांडी विधानसभा क्षेत्र में नौ पुल जर्जर हो चुके हैं। इनके स्थान पर नए पुलों का निर्माण कराया जाना है। गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र के 21 पुल बहुत जर्जर हैं। शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र में पांच पुल जर्जर हैं। बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र में तीन पुल, सदर विधानसभा क्षेत्र में दो पुल जर्जर हैं। शारदा नहर खंड के अधीन आने वाले लखीमपुर के मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र के भी तीन पुल क्षतिग्रस्त हैं।
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पांच करोड़ रुपये मिलें तो शुरू हो निर्माण
सिंचाई विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि 44 क्षतिग्रस्त पुलों-पुलियों के नए सिरे से निर्माण की जरूरत है। इसके लिए चार करोड़ 85 लाख 68 हजार रुपये के बजट की जरूरत है। फिलहाल विभाग के पास बजट नहीं है।

बजट मिलते ही शुरू होगा कार्य
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अखिलेश गौतम ने बताया कि 44 पुलों-पुलियों के निर्माण का इस्टीमेट शासन को भेजा जा चुका है। निर्माण कार्यों के प्रस्ताव को तकनीकी स्वीकृति मुख्य अभियंता से मिल चुकी है। प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के लिए पांच मई को प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराए जाएंगे।
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