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15 किलोमीटर और आगे पहुंचा बाघ
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फोटो-25-खेत में कांबिंग करते वन विभाग के कर्मचारी। संवाद
- फोटो : HARDOI
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माधौगंज। लगातार तीसरे दिन वन विभाग की टीम को चकमा देकर बाघ आगे निकल गया। बुधवार को धतिगढ़ा तो गुरुवार को यहां से 15 किलोमीटर दूर परनखा व समुखा में बाघ के पद चिह्न मिले हैं।
मंगलवार को कासिमपुर थानाक्षेत्र के नंदोली गांव में बाघ ने तीन किसानों पर हमला किया था। वन विभाग के अधिकारियों को बाघ के पंजों के निशान भी मिले थे। दूसरे दिन बुधवार को बाघ के पद चिह्न वहां से 15 किलोमीटर दूर धतिगढ़ा में मिले। वहीं तीसरे दिन गुरुवार को वहां से फिर 15 किलोमीटर दूर माधौगंज ब्लाक के पनरखा व समुखा गांव के पास बाघ के पंजों के निशान मिले हैं।
गुरुवार को पनरखा निवासी हुकुम यादव की पत्नी खेत गई थी। उन्होंने बताया कि खेत के आसपास उन्हें किसी जानवर की आवाज सुनाई दी। जिस पर वह भागकर गांव आ गईं और ग्रामीणों को जानकारी दी। ग्रामीण देखने के लिए खेत पर पहुंचे, वहां उन्हें आलू के खेत में बाघ के पंजों के निशान दिखे। जिसके बाद प्रधान राम किशोर ने बिलग्राम रेंजर को जानकारी दी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन दरोगा शिव मिलन शुक्ला ने बताया कि पंजों के निशानों से बाघ के आने की पुष्टि हो रही है। वहीं पास के गांव समुखा में भी पंजों के निशान पाए गए। डीएफओ रविशंकर शुक्ला, एसडीओ वीके आनंद, बिलग्राम रेंजर ओम प्रकाश, बीट इंचार्ज शिव मिलन शुक्ला, वाइल्ड लाइफ की टीम तथा वन विभाग की टीम ने बाघ की खोजबीन जारी रखी लेकिन बाघ का पता नहीं चल सका।
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डीएफओ ने बताया कि ड्रोन कैमरे के द्वारा भी जांच की जा रही है लेकिन सरसों की खड़ी फसल के कारण पता नहीं लग पा रहा है। उन्होंने बताया कि बाघ कहीं ठहर नहीं रहा है, बल्कि लगातार चल रहा है।
कछौना। गुरुवार सुबह करीब छह बजे क्षेत्र के गांव पूरा निवासी रेल कर्मी अजीत कुमार अपने भतीजे लालू के साथ खेतों की तरफ गए थे। अजीत कुमार ने बताया कि कोहरा पड़ रहा था। कुछ चिड़ियां बबूल की झाड़ियों से अचानक उड़ीं तो उसकी निगाह उस ओर गई, देखा कि कोई जंगली जानवर पकरिया ऊसर गांव को जाने वाली सड़क के दूसरी तरफ पानी भरी खंती को छलांग लगाकर पार कर रहा है। उन्होंने गांव जाकर ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी। उसके बाद वन विभाग को जानकारी दी। वन विभाग की टीम व ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां पंजों के निशान मिले। हालांकि वन क्षेत्राधिकारी कछौना रामचंद्र ने बताया कि पूरा के पास मिले चिह्न सियार के लग रहे हैं। यह अपेक्षाकृत काफी छोटे हैं।
हरदोई। कासिमपुर थानाक्षेत्र के धतिगढ़ा गांव में बुधवार को बाघ के पंजों के निशान मिले थे। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीमों ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। जिसके बाद गुरुवार को माधौगंज क्षेत्र के दो गांवों में पंजे के निशान मिलने के बाद से टीमें वहां कांबिंग करने लगीं। वहीं गुरुवार सुबह गांव धतिगढ़ा के दक्षिण में रज्जे के बाग में एक नीलगाय मृत पाई गई। इसको किसी बड़े जंगली जानवर ने ही नोचा था। जिसको देखकर ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी भी जानकारी दी है।
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मंगलवार को कासिमपुर थानाक्षेत्र के नंदोली गांव में बाघ ने तीन किसानों पर हमला किया था। वन विभाग के अधिकारियों को बाघ के पंजों के निशान भी मिले थे। दूसरे दिन बुधवार को बाघ के पद चिह्न वहां से 15 किलोमीटर दूर धतिगढ़ा में मिले। वहीं तीसरे दिन गुरुवार को वहां से फिर 15 किलोमीटर दूर माधौगंज ब्लाक के पनरखा व समुखा गांव के पास बाघ के पंजों के निशान मिले हैं।
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गुरुवार को पनरखा निवासी हुकुम यादव की पत्नी खेत गई थी। उन्होंने बताया कि खेत के आसपास उन्हें किसी जानवर की आवाज सुनाई दी। जिस पर वह भागकर गांव आ गईं और ग्रामीणों को जानकारी दी। ग्रामीण देखने के लिए खेत पर पहुंचे, वहां उन्हें आलू के खेत में बाघ के पंजों के निशान दिखे। जिसके बाद प्रधान राम किशोर ने बिलग्राम रेंजर को जानकारी दी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन दरोगा शिव मिलन शुक्ला ने बताया कि पंजों के निशानों से बाघ के आने की पुष्टि हो रही है। वहीं पास के गांव समुखा में भी पंजों के निशान पाए गए। डीएफओ रविशंकर शुक्ला, एसडीओ वीके आनंद, बिलग्राम रेंजर ओम प्रकाश, बीट इंचार्ज शिव मिलन शुक्ला, वाइल्ड लाइफ की टीम तथा वन विभाग की टीम ने बाघ की खोजबीन जारी रखी लेकिन बाघ का पता नहीं चल सका।
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डीएफओ ने बताया कि ड्रोन कैमरे के द्वारा भी जांच की जा रही है लेकिन सरसों की खड़ी फसल के कारण पता नहीं लग पा रहा है। उन्होंने बताया कि बाघ कहीं ठहर नहीं रहा है, बल्कि लगातार चल रहा है।
कछौना। गुरुवार सुबह करीब छह बजे क्षेत्र के गांव पूरा निवासी रेल कर्मी अजीत कुमार अपने भतीजे लालू के साथ खेतों की तरफ गए थे। अजीत कुमार ने बताया कि कोहरा पड़ रहा था। कुछ चिड़ियां बबूल की झाड़ियों से अचानक उड़ीं तो उसकी निगाह उस ओर गई, देखा कि कोई जंगली जानवर पकरिया ऊसर गांव को जाने वाली सड़क के दूसरी तरफ पानी भरी खंती को छलांग लगाकर पार कर रहा है। उन्होंने गांव जाकर ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी। उसके बाद वन विभाग को जानकारी दी। वन विभाग की टीम व ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां पंजों के निशान मिले। हालांकि वन क्षेत्राधिकारी कछौना रामचंद्र ने बताया कि पूरा के पास मिले चिह्न सियार के लग रहे हैं। यह अपेक्षाकृत काफी छोटे हैं।
हरदोई। कासिमपुर थानाक्षेत्र के धतिगढ़ा गांव में बुधवार को बाघ के पंजों के निशान मिले थे। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीमों ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। जिसके बाद गुरुवार को माधौगंज क्षेत्र के दो गांवों में पंजे के निशान मिलने के बाद से टीमें वहां कांबिंग करने लगीं। वहीं गुरुवार सुबह गांव धतिगढ़ा के दक्षिण में रज्जे के बाग में एक नीलगाय मृत पाई गई। इसको किसी बड़े जंगली जानवर ने ही नोचा था। जिसको देखकर ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी भी जानकारी दी है।

फोटो-26-पंजों के निशान देखते विभाग के कर्मी। संवाद- फोटो : HARDOI